फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Sacrilege will Became core issue in upcoming Punjab Assembly Election

बेअदबी: पंजाब में चुनाव से पहले सांप्रदायिक सौहार्द पर चोट, बाकी मसलों को पीछे छोड़ने लगा बेअदबी का मुद्दा 

Tue, 21 Dec 2021 02:36 PM IST
निवेदिता वर्मा हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 21 Dec 2021 02:36 PM IST
सार

2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर दो दिन पहले तक सब कुछ ठीक-ठाक था लेकिन दो दिन के भीतर श्री हरमंदिर साहिब और कपूरथला में बेअदबी की घटनाओं ने सिखों को झकझोर दिया है। पंजाब के हिंदू और अन्य संप्रदाय भी सकते में हैं।

विज्ञापन
Sacrilege will Became core issue in upcoming Punjab Assembly Election
अमृतसर में बेअदबी। - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव से पहले सूबे का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हुई थी। जिसके बाद यह पुनरावृत्ति अब होती दिख रही है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान जैसे आतंकवाद का मुद्दा उछालकर जनता को धर्म के आधार पर बांटने की निंदनीय कोशिश हुई थी, ठीक वैसा ही शर्मनाक प्रयास 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर शुरू हो गया है।

विज्ञापन


श्री हरमंदिर साहिब और उससे अगले ही दिन कपूरथला के एक गुरुद्वारे में बेअदबी की वारदात ने साफ कर दिया है कि इस बार भी प्रदेश में सिखों और हिंदुओं में कायम सद्भाव को खत्म कर उन्हें वोटों के रूप में बांटने की साजिश रची गई है। हालात यह हैं कि बेअदबी के मुद्दे ने अब राज्य में आगामी चुनाव के लिए बाकी मुद्दों को पीछे छोड़ दिया है।

विज्ञापन

पिछले चुनाव में उभरे थे आप के आतंकी संगठनों से रिश्ते

पिछले चुनाव में कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन के बीच सत्ता के बदलाव की प्रक्रिया को नए दल- आम आदमी पार्टी ने चुनौती दी थी। पार्टी ने राज्य में अपने चुनाव अभियान के दौरान माझा की सीटों पर प्रभावशाली ढंग से अपने पक्ष में माहौल भी खड़ा कर लिया लेकिन इसके बाद प्रदेश के सियासी दलों ने आप को %बाहरी दल% के रूप में प्रचारित करने के साथ ही आप नेताओं के विदेशों में बसे खालिस्तानी और आतंकी संगठनों से संबंध और फंडिंग को मुद्दा बनाया। इसका सीधा लाभ कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन को हुआ और आप का विजय अभियान 20 सीटों तक ही सीमित हो गया। हालांकि उन चुनाव में डेरा सच्चा सौदा का भाजपा के पक्ष में उतरना भी आप की हार में बड़ी वजह बना लेकिन पूरे चुनाव प्रचार के दौरान जनता को बड़े राजनीतिक दलों ने यह डर दिखाया कि बाहरी पार्टी के साथ पंजाब में आतंकवाद का दौर फिर लौटने जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बेअदबी मामलों की जांच में जुटी खुफिया एजेंसियां

2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर दो दिन पहले तक सब कुछ ठीक-ठाक था लेकिन दो दिन के भीतर श्री हरमंदिर साहिब और कपूरथला में बेअदबी की घटनाओं ने सिखों को झकझोर दिया है। पंजाब के हिंदू और अन्य संप्रदाय भी सकते में हैं। राज्य सरकार ने घटनाओं की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है वहीं सभी राजनीतिक दलों ने बहुत ही नपे-तुले शब्दों में प्रतिक्रिया दी है। सभी दल इस मामले में विवाद से बचना चाह रहे हैं, क्योंकि खुफिया एजेंसियां जहां साजिश की तह तक जाने की कोशिशों में जुट गई हैं, वहीं राजनीतिक विश्लेषक यह अनुमान लगा रहे हैं कि चुनाव में आखिर 57.75 फीसदी सिखों और 38.49 फीसदी हिंदू वोटरों को अलग-अलग करने का लाभ किसे हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed