फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Rupnagar Sarpanch election dispute: High Court expressed strong displeasure over the negligence of the election tribunal

रूपनगर सरपंच चुनाव विवाद : हाईकोर्ट ने चुनाव ट्रिब्यूनल की लापरवाही पर जताई कड़ी नाराजगी

Sat, 23 Aug 2025 09:51 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Aug 2025 09:51 PM IST
विज्ञापन
Rupnagar Sarpanch election dispute: High Court expressed strong displeasure over the negligence of the election tribunal
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन


चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रूपनगर जिले में सरपंच चुनाव विवाद से जुड़े एक मामले में चुनाव ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली को ‘लापरवाह’ और कानून के ‘विपरीत’ करार दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने न तो कानूनी प्रक्रिया का पालन किया और न ही मामले की गंभीरता को समझा।
जस्टिस पंकज जैन की खंडपीठ ने कहा कि आदेश को देखने से स्पष्ट है कि मुद्दे तय करना तो दूर, ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी से जवाब तक नहीं मंगवाया। ऐसा प्रतीत होता है मानो वह कोई मामूली विवाद निपटा रहा हो जबकि मामला लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा था। यह आदेश बिना दिमाग लगाए पारित किया गया है।
विज्ञापन


मामला गांव खट्टाना (नूरपुर बेदी तहसील, रूपनगर) के सरपंच चुनाव से जुड़ा है। यहां 15 अक्टूबर 2024 को हुए चुनाव में सरबजीत कौर ने 99 वोट प्राप्त किए जबकि विजेता कमलजीत कौर को 104 वोट मिले। इसके बाद सरबजीत कौर ने चुनाव को चुनौती देते हुए 12 नवंबर 2024 को आनंदपुर साहिब स्थित चुनाव ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। ट्रिब्यूनल ने उसी दिन याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि प्रेजाइडिंग ऑफिसर ने ईमानदारी से मतगणना की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

न तो प्रतिवादी से जवाब मांगा गया, न सबूत दर्ज हुए और न ही किसी गवाह का बयान लिया गया। हाईकोर्ट ने इस रवैये को कैजुअल अप्रोच बताते हुए कहा कि चुनाव याचिकाओं का निपटारा दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत होना चाहिए। इसमें पक्षों को बुलाना, जवाब दाखिल करवाना, मुद्दे तय करना और सबूतों की जांच शामिल है। हाईकोर्ट ने इस आदेश की प्रति पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को भेजते हुए निर्देश दिया कि सभी चुनाव ट्रिब्यूनल को उचित प्रक्रिया पालन करने के लिए स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं।


हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल का आदेश रद्द करते हुए मामले को दोबारा सुनवाई के लिए भेज दिया है। अब दोनों पक्षों को 26 अगस्त को ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश होकर मामले की सुनवाई करानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed