फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Ruling BJP-JJP alliance will be face to face in civic elections held on June 19 in Haryana 

गठबंधन में गांठ : 31 माह बाद आमने-सामने चुनाव लड़ेगी भाजपा और जजपा, मिलेगा अपनी जमीनी ताकत जानने का मौका

Sun, 29 May 2022 09:16 AM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 29 May 2022 09:16 AM IST
सार

भाजपा ने शनिवार को हिसार में अकेले ही निकाय चुनाव लड़ने का एलान किया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने कहा कि प्रदेश कार्यकारिणी के अधिकतर सदस्यों ने बिना गठबंधन चुनाव लड़ने का सुझाव दिया है।  

विज्ञापन
Ruling BJP-JJP alliance will be face to face in civic elections held on June 19 in Haryana 
हरियाणा सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा के 31 माह पूर्व के गठबंधन में गांठ पड़ती दिखाई दे रही है। अक्तूबर 2019 में मिलकर सरकार बनाने के बाद दोनों दल एक साथ कदमताल करते आ रहे थे। हर विधानसभा उपचुनाव साथ मिलकर लड़ा। पूर्व में हुए कुछ निकायों के चुनाव में भी साथ ताल ठोंकी, लेकिन 19 जून को होने वाले निकाय चुनावों में आमने-सामने होंगे। हालांकि, सरकार में अभी साथ बरकरार है। 

विज्ञापन

  
दोनों की राहें वर्तमान चुनाव में अलग होने से कांग्रेस और आप को सरकार पर हमलावर होने का मौका मिल जाएगा। जजपा निकाय चुनाव में गठबंधन को लेकर पहले से कहीं न कहीं आशंकित थी, चूंकि पचंकूला में इसी हफ्ते हुए पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला ने पदाधिकारियों को सभी 46 निकायों के वार्ड में कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों की सूची तैयार करने की ड्यूटी लगा दी थी। 
विज्ञापन


दोनों दलों के रणनीतिकारो का मानना है कि 28 नगरपालिकाओं और 18 नगर परिषदों में अलग-अलग चुनाव लड़ने से दोनों दलों को अपनी-अपनी जमीनी ताकत जानने का मौका मिल जाएगा। 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले भाजपा और जजपा के लिए यह और पंचायती राज चुनाव रियलिटी चेक होंगे। पार्टी चिह्न पर चुनाव लड़ने से जनता के समर्थन का भी आभास हो जाएगा। निकाय चुनाव में राहें जुदा होने का असर सरकार की कार्यप्रणाली पर तो नहीं पड़ेगा, भविष्य में यह देखना होगा। चूंकि, जजपा यह मानकर चल सकती है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भी साथ-साथ नहीं होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

यूं ही नहीं लिया अलग लड़ने का फैसला

भाजपा ने अकेले निकाय चुनवों में उतरने का फैसला यूं ही नहीं लिया है, लंबे समय से पार्टी के विधायक इसकी मांग करते आ रहे थे। जब से जजपा कोटे के विभागों में कथित घोटालों के आरोप लगने शुरू हुए, तभी से भाजपा विधायकों ने पार्टी की बैठकों में सरकार की छवि पर असर पड़ने का मुद्दा जोरशोर से उठाया। भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा की जीरो टॉलरेंस की नीति है। ऐसे में अनेक विधायक सीएम मनोहर लाल, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, संगठन महामंत्री रवींद्र राजू इत्यादि के समक्ष अपनी बात रखते आ रहे थे।

राज्यसभा की दोनों सीटों पर उम्मीदवार की सूरत में जजपा अहम

भाजपा अगर एक ही राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार उतारती है तो उसे जजपा विधायकों के साथ की जरूरत नहीं पड़ेगी। भाजपा के 40 विधायक हैं और एक सीट जीतने के लिए 31 विधायकों की ही जरूरत है। दूसरी सीट में उम्मीदवार उतारने की सूरत में 10 जजपा विधायकों, 6 निर्दलीयों, एक हलोपा और कांग्रेस विधायकों में सेंध लगाने की जरूरत पड़ेगी। चूंकि, कांग्रेस में बाहरी उम्मीदवार आने पर कुछ विधायक बगावत की तैयारी में हैं।

अभी जजपा के पंचकूला में दो पार्षद

जजपा के अभी पंचकूला नगर निगम में दो पार्षद हैं। प्रदेश में अन्य नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम में जजपा के जनप्रतिनिधि नहीं हैं। निकाय चुनाव में गठबंधन न रहने का फायदा किसे हुआ, यह 22 जून को नतीजे आने पर साफ हो जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed