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सेम से निपटने के लिए 2 गांव को 23 करोड़ का पैकेज
ब्यूरो/अमर उजाला, लंबी (मुक्तसर)
Updated Sat, 25 Oct 2014 11:11 PM IST
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मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सूबे में सेम से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव रत्ताखेड़ा बड़ा और छोटा को मॉडल गांव के रूप में पुन: विकसित करने के लिए एक समय में ही विभिन्न स्कीमों के तहत 23 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत सभी स्कीमों को एक समय में लागू करने के लिए इन दो गांवों में तजुर्बा करके देखा जाएगा। इसके बाद अन्य सेम प्रभावित गांवों में यह मॉडल प्रोजेक्ट शुरू होगा। सीएम बादल ने यह बात शनिवार को लंबी (मुक्तसर) हलके के संबंधित गांवों में संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान कही।
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बादल ने कहा कि इन गांवों के लोग 20 वर्षों से सेम से प्रभावित होने के कारण आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सेम समस्या से निजात पाने के लिए खेती के अलावा अन्य कारोबारों को उत्साह और लगन से अपनाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर (उड़ीशा) से मछली पालन की जानकारी हासिल कर लौटे रत्ताखेड़ा के मछली पालकों से नए तजुर्बों संबंधी बातचीत करते हुए कहा कि इस कारोबार को और बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से हरसंभव मदद का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि मछली फार्मों पर सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को प्रेरित करने के साथ-साथ उचित सहायता राशि भी मुहैया करवाई जाएगी।
प्रोजैक्ट के तहत होंगे ये काम
मुख्यमंत्री बादल ने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रोजेक्ट योजना बोर्ड की ओर से प्रत्येक महकमे के साथ तालमेल बिठाकर चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत 23 करोड़ रुपये शौचालयों, स्कूलों, नए मकानों के निर्माण, पुराने मकानों की मरम्मत, कम्युनिटी शेड, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, सेम निकासी के लिए सब सरफेस पाइप लाइन बिछाने, पीने के पानी की पाइपें डालने, सड़कों के निर्माण, गलियों की सीसी फ्लोरिंग, मुफ्त सिलाई सेंटर खोलने, अनाज मंडी पक्की करने आदि पर खर्च होंगे। 23 करोड़ में से 17.85 करोड़ रुपये रत्ताखेड़ा बड़ा और बाकी बचती राशि रत्ताखेड़ा छोटा पर खर्च की जाएगी।