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रोज फेस्टिवल: फिर चली बात लाल फूलों की

Sat, 22 Feb 2014 01:28 AM IST
डिजिटल टीम/अमर उजाला, चंडीगढ़
डिजिटल टीम/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 22 Feb 2014 01:28 AM IST
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rose festival starts on 21 feb

‘अच्छे तेरे हैं तो बुरे कहां जाएं, फूलों के साथ होते है कांटे भी’ इस शेर के साथ पंजाब के गवर्नर शिवराज पाटिल ने रोज फेस्टिवल का उद्घाटन किया।

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गुलाब के फूलों का त्योहार रोज फेस्टिवल शुक्रवार को जाकिर हुसैन रोज गार्डन-16 में हुआ। इस मौके पर मेयर हरफूल चंद्र कल्याण भी मौजूद रहे।

जाकिर हुसैन रोज गार्डन में तीन दिवसीय रोज फेस्टिवल शुक्रवार से शुरू हुआ।

उद्घाटन समारोह में पंजाब के गवर्नर शिवराज पाटिल ने गुलाबों से जुड़ी दिलचस्पी खास अंदाज में बयां की। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल की थीम इस बार नेशनल इंटीग्रेशन रखी गई है, जिससे सभी राज्यों की कलाकारी इसमें नजर आएगी।
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इसमें सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि देश के कई राज्यों की झलक देखने को मिलेगी। रोज फेस्टिवल धर्म या प्रांत के लिए नहीं बल्कि प्रकृति पर किया कार्यक्रम है। इसलिए ऐसे कार्यक्रमों क ो बढ़ावा देना चाहिए।

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फ्लावर हैट डेकोरेशन

rose festival starts on 21 feb

रोज फेस्टिवल में होने वाली प्रतियोगिताओं की शुरूआत फ्लावर हैट डेकोरेशन से हुई। इसमें चंडीगढ़ की संदीप कौर विजेता रहीं। इसकेबाद स्कूली छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

इनमें फोक डांस से लेकर विभिन्न संस्कृतियों पर आधारित नृत्य शामिल रहे। फोक डांस में चंडीगढ़ के कुल 22 स्कूलों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता के जज शोभा कौसर, सुचित्रा मितरा और बलकार सिद्धू रहे। विजेताओं में प्रथम स्थान जीएमएसएसएस खुड्डा अली शेर, दूसरे स्थान पर जीएमएचएस डड्डू माजरा और तीसरे स्थान पर जीएमएसएसएस-32 की टीम रही।

रोज फेस्टिवल में खास

rose festival starts on 21 feb

हार्टीकल्चर विभाग चंडीगढ़ के सुपररिटेंडेंट इंजीनियर मुकेश आनंद ने बताया कि फेस्टिवल में 825 तरह के फूलों की प्रजाति के साथ 32 हजार पौधे शामिल किए गए है।

इसमें 2200 नए पौधे शामिल हैं। नेशनल इंटीग्रेशन थीम होने के तहत आठ देशों की फोक टीम को भी बुलाया गया है। इसमें नोर्थ जोन कल्चर सेंटर ने मदद की।

बच्चों के लिए इस बार कठपुतली और जादू के खेल जैसे नए आइटम जोड़े गए हैं। इस बार पियानो और सेक्सोफोन को भी कार्यक्रम में शामिल किया है। इसके लिए आर्टिस्ट बहुत कम हैं, इसलिए इन पर ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।

अभिषेक मिस्टर और प्रिया मिस रोज बने

rose festival starts on 21 feb

रोज फेस्टिवल में शाम को मिस्टर एवं मिस रोज प्रतियोगिता हुई। इसमें 20 युवाओं ने रैंप पर जलवा बिखेरा। इनमें से अभिषेक मिस्टर रोज चुने गए।

फस्ट रनरअप परनीत और सेकंड रनर अप मनप्रीत रहे। वहीं मिस रोज प्रिया चुनीं गईं। फस्ट रनरअप सुनेना और सेकंड रनर अप सीमन रहीं।

इस मौके पर मुख्य अतिथि सिटको के एमडी आईएएस तनवी गर्ग और सिटको के सीजीएम अमनदीप कौर रहे। संचालन एसके पुनीया ने किया।

पियानो वादक से मिले प्रशासक

rose festival starts on 21 feb

फेस्टिवल में पहली बार पियानो वादन शामिल किया गया। सेक्टर-41 निवासी राजेंद्र सिंह ने जैसे ही पियानो पर साज छेड़े तो उसे सुनने के लिए वहां भीड़ लग गई।

पंजाब के गवर्नर शिवराज पाटिल खास तौर पर उनके पास आए और पियानो सुना। राजेंद्र ने बताया कि मैं बचपन से ही पियानो बजा रहा हूं। कई कंसर्ट में पियानो बजा चुका हूं। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत इसकी कॉस्टिंग है।

लगभग 34 लाख रुपये में एक अच्छा पियानो आता है। साथ ही किसी कंसर्ट में ले जाने के लिए भी इस पर काफी खर्चा होता है। इसकी ट्यूनिंग के लिए आज भी कोलकाता से एक स्पेशल ट्यूनर बुलाना पड़ता है।

शहरवासियों ने किया खूब एंजॉय

rose festival starts on 21 feb

- मोहाली फेज-4 के नरेश शौरी परिवार के साथ फेस्टिवल में पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह बचपन से ही इस फेस्टिवल में आ रहे हैं। चाहे कहीं भी रहूं फेस्टिवल के वक्त यहां आ ही जाता हूं। आज भी खास तौर पर इसके लिए छुट्टी ली है और परिवार के साथ यहां आ गया।   
- फेस्टिवल में बतौर प्रतियोगी हिस्सा ले रहीं सेक्टर-41 निवासी साक्षी ने बताया कि वैसे तो इस फेस्टिवल में कई बार आई हूं, लेकिन आज हमारी टीम ने यहां गिद्दा किया। बतौर प्रतिभागी यहां आने का आनंद ही अलग है। गिद्दे की प्रस्तुति के दौरान खूब तालियां बजीं, जो काफी अच्छा लगा।
- सेक्टर-41 निवासी शालू ने कहा कि पहला दिन होने के कारण भीड़ आने वाले दिन के मुकाबले कम रही। इस लिए ज्यादा मजा आया। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती है तो मजा थोड़ा कम आता है।  
- सेक्टर-19 निवासी करण का कहना है कि चंडीगढ़ में बचपन से रह रहा हूं और तक से रोज फेस्टिवल में आ रहा हूं। दो दिन पहले ही कनाडा से आया हूं। जैसे ही फेस्टिवल का पता चला तो पहले दिन ही आ गया। इस फेस्टिवल में आकर बहुत अच्छा लगा।    
- एसजीजीसी खालसा कॉलेज के जोत प्रकाश ने कहा कि इस बार रोज फेस्टिवल में कई प्रतियोगिताएं हो रही हैं। यह प्रतियोगिताएं बच्चों को निखारने का एक उचित साधन हैं। ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।

हर वर्ग के लोगों के लिए हैं स्टाल

rose festival starts on 21 feb

रोज फेस्टिवल में ओपन सिंगिंग कंपीटिशन का प्रबंध किया गया है। इसमें किसी भी आयु वर्ग के लोग, जो अपने टैलेंट को लोगों के सामने लाना चाहते हैं, उनके लिए मंच प्रदान किया गया है।

इसके अलावा आधार कार्ड बनाने वालों के लिए भी स्टाल है। आधार कार्ड से संबंधित किसी भी तरह की समस्या के लिए और नये आधार कार्ड बनवाने के लिए यहां आ सकते हैं।

मिनी कंट्रोल रूम भी है जहां आप किसी भी तरह की समस्या का समाधान पा सक ते हैं। निशक्तजनों के अधिकारों के लिए एक स्टाल लगाया गया है। पर्सन विद डिसिएबिलिटि एसोसिएशन चंडीगढ़ की ओर से यह स्टाल लगाया गया है।

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