फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Rohtak Nepali Girl Misdeed And Murder Case, What the victim's sister said

आहत बहन बोलीं- फांसी के साथ भरेंगे जख्म, सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से पैरवी करे सरकार

Fri, 05 Jul 2019 12:31 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 05 Jul 2019 12:31 AM IST
विज्ञापन
Rohtak Nepali Girl Misdeed And Murder Case, What the victim's sister said
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : फाइल

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नेपाली युवती से सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के सातों दोषियों की फांसी की सजा पर अंतरिम रोक लगने से मृतका की बहन आहत है। उसका कहना है कि मेरे व परिवार के जख्म तभी भरेंगे, जब दोषियों को उनके कृत्य की सजा मिलेगी। सरकार को मजबूती से सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष रखना चाहिए। ताकि सेशन कोर्ट के बाद हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार सात लोगों को फांसी की सजा मिल सके। 

विज्ञापन


बता दें कि नेपाली मूल की एक युवती अपनी बहन के पास रोहतक आई हुई थी। फरवरी 2015 में घर से चली गई। अगले दिन उसका शत-विक्षत हालत में शव हिसार रोड पर ड्रेन नंबर आठ के नजदीक खेतों में मिला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो पता चला कि युवती की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। पुलिस ने मामले में जांच आगे बढ़ाई और जहां शव मिला था, उसके आसपास के एरिया में पूछताछ की। 
विज्ञापन


पता चला कि युवती को देर शाम गद्दी खेड़ी गांव के अड्डे के आसपास देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने गद्दी खेड़ी गांव के संदिग्ध युवकों की तलाश शुरू कर दी। तब पुलिस ने एक-एक करके सात युवकों को काबू किया लेकिन आठवें युवक ने गिरफ्तारी से पहले दिल्ली में सुसाइड कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

जबकि नौवां आरोपी नेपाली मूल का ही था, जो नाबालिग था। गिरफ्तार आरोपी गद्दी खेड़ी गांव निवासी पवन, प्रमोद उर्फ पदम, सरवर उर्फ बिल्लू, मनबीर उर्फ मन्नी, सुनील उर्फ मिढ़ा, सुनील उर्फ शीला और राजेश उर्फ घुचडू को 22 दिसंबर 2015 को फास्ट ट्रैक कोर्ट की महिला जज ने फांसी की सजा सुनाई थी।

 सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बचाव पक्ष की अर्जी सुनवाई के लिए मंजूर कर ली। साथ ही अगले आदेशों तक सातों युवकों की फांसी की सजा पर अंतरिम रोक लगा दी। - एडवोकेट जेके गक्खड़, बचाव पक्ष

महिला जज सीमा सिंहल ने यह की थी टिप्पणी
लोग महिला को कमजोर समझते हैं। मैं इंसान होने के साथ एक महिला भी हूं। महिला होने के नाते उनका दर्द समझती हूं। मुझे न्यायिक अधिकारी होने के नाते जिम्मेदारी मिली है। मैं महिलाओं की रोने और चिल्लाने की आवाज सुन सकती हूं। जिन पर जुर्म हुए।

कोई दोषी बेरोजगार तो कोई फैक्ट्री में मजूदर
नेपाली मूल की युवती के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले में दोषी करार दिए जा चुके सातों युवक गद्दी खेड़ी गांव के हैं। राजेश उर्फ घुचड़ू बेरोजगार है और गांव में घूमता रहता था। सुनील उर्फ शीले अपनी कोल्ड ड्रिंक की दुकान पर काम करता था।

सरवर उर्फ बिल्लू लकड़ी का काम करता था। एक दोषी करार मनबीर है। सुनील उर्फ माड़ा गांव में ही शराब के ठेके चलाता था। वहीं, पवन किसी फैक्ट्री में काम करता था। प्रमोद उर्फ पदम गांव के पूर्व सरपंच का बेटा है और खेती करता था। सोमबीर एक निजी फैक्ट्री में काम करता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed