दिल्ली जाकर पूछेंगे, क्यों निकाले 13 कश्मीरी छात्र?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय से ग्रांट न मिलने के कारण रोहतक कॉलेज से 13 कश्मीरी छात्रों को निकाला गया। इस छात्रों को एमडीयू प्रशासन की ओर से आंतरिक राहत दे दी गई है।
शनिवार को छात्रों ने एमडीयू प्रशासन को अपना दर्द सुनाया। विवि प्रशासन ने कॉलेज को आदेश जारी किए हैं कि छात्रों को कॉलेज से नहीं निकाला जाए और पढ़ाई भी जारी रखें।
फैसला लिया गया है कि योजना की वस्तुस्थिति जानने के लिए एमडीयू से एक टीम दिल्ली में एमएचआरडी (मानव संसाधन विकास मंत्रालय) भेजी जाएगी। टीम जाकर पता करेगी कि 23 छात्रों में से केवल 13 छात्रों की छात्रवृत्ति न आने का क्या कारण है। छात्रों की तरफ से कोई चूक रही है या फिर किसी अन्य स्तर पर। इधर, कॉलेज प्रशासन ने भी छात्रों के पक्ष में होने का दावा किया है, लेकिन छात्रवृत्ति मामले में एमडीयू के समक्ष अपना पक्ष भी रखने की बात कही है।
छात्रों की पढ़ाई लगातार जारी रखी जाए
प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के झोल में फंसे 13 कश्मीरी छात्र शनिवार को एमडीयू की डीन ऑफ कॉलेज डवेलपमेंट काउंसिल प्रो. इंदिरा ढुल से मिले। छात्रों ने बताया कि चौथे सेमेस्टर की परीक्षा अगले माह है।
ऐसे में छात्रवृत्ति के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रो. ढुल ने आश्वासन दिया कि उनके भविष्य को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। हमने कॉलेज प्रबंधन को भी आदेश जारी कर दिए हैं कि छात्रों की पढ़ाई लगातार जारी रखी जाए और परीक्षा भी कराई जाए। छात्रवृत्ति को लेकर भी संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। पिछले कई दिनों से मझधार में फंसे कश्मीरी छात्रों को इस आदेश के बाद थोड़ी राहत जरूर मिली है।
हमने पढ़ाई को नहीं किया मना : कॉलेज
पूरे मामले को लेकर रोहतक इंस्टीट्यूट इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के डायरेक्टर डॉ. किशोर चावला का कहना है कि हमने छात्रों की पढ़ाई के लिए कभी मना नहीं किया। छात्रों के हितों को देखते हुए तीन सेमेस्टर की फीस भी माफ कर दी गई है। चौथे सेमेस्टर के लिए 20-20 हजार रुपये मांगे हैं। इसके लिए छात्रों को जनवरी में बता दिया गया था। रही बात एमडीयू प्रशासन के आदेशों की तो उसकी पूरा पालन की जाएगी, लेकिन छात्रवृत्ति को लेकर भी अपना पक्ष एमडीयू के सामने रखेंगे।
वर्जन
छात्रों के हितों को देखते हुए कॉलेज को आदेश दे दिए गए हैं। कश्मीरी छात्रों की पढ़ाई बंद नहीं होने दी जाएगी। छात्रवृत्ति मामले को लेकर एमडीयू प्रशासन गंभीर है। जल्द ही इसका समाधान कराया जाएगा।
- प्रो. इंदिरा ढुल, डीन ऑफ कॉलेज डवेलपमेंट काउंसिल एमडीयू।