चंडीगढ़ में बढ़ी पाबंदी : रॉक गार्डन बंद, वीकेंड पर सुखना लेक पर नहीं कर सकेंगे सैर, कर्फ्यू का समय भी बदला
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंगलवार को प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम ने बताया कि नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक स्थित कोविड अस्पताल में कोरोना के 223 गंभीर मरीज भर्ती हैं, इनमें से 58 चंडीगढ़, 92 पंजाब, 39 हरियाणा और 17 हिमाचल प्रदेश जबकि 8 अन्य राज्यों के हैं।
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कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार से रॉक गार्डन को बंद कर दिया। वहीं, सुखना लेक को भी अब शनिवार और रविवार को अब बंद रखा जाएगा। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन ने रात के कर्फ्यू के समय में भी बदलाव कर दिया है। अब तक रात 10.30 से सुबह पांच बजे तक रात्रि कर्फ्यू लगाया जा रहा था, जिसमें बदलाव कर इसका समय अब रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर दिया गया है।
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंगलवार को प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में पीजीआई के निदेशक प्रो. जगतराम ने बताया कि नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक स्थित कोविड अस्पताल में कोरोना के 223 गंभीर मरीज भर्ती हैं, इनमें से 58 चंडीगढ़, 92 पंजाब, 39 हरियाणा और 17 हिमाचल प्रदेश जबकि 8 अन्य राज्यों के हैं।
बदनौर ने पीजीआई स्थित कोविड अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट आने में देरी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण के फैलने का खतरा रहता है। बदनौर ने सेक्टर-48 के अस्पताल में भी कोरोना के मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने का आदेश दिया है।
मंदिर और गुरुद्वारों के बाहर होगी कोरोना जांच
बैठक में डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि शहर में 65 कंटेनमेंट जोन और 30 नए माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करने पर कोरोना काल में अब तक शहर में कुल 58000 लोगों का चालान काटा गया है। इस दौरान प्रशासक बदनौर ने तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों पर चिंता जताई।
उन्होंने चिकित्सा कर्मियों व फ्रंटलाइन कर्मचारियों को आदेश दिए कि वह जल्द वैक्सीन लगवाएं, क्योंकि हो सकता है आने वाले दिनों में यह सुविधा उनके लिए उपलब्ध न हो। प्रशासक ने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए कि वे शहर में कोरोना के जांच में तेजी लाए। आने वाले दिनों में मंदिरों और गुरुद्वारों के बाहर भी कोरोना जांच करने वाली गाड़ियां को भेजने का निर्देश दिया है।
अस्पतालों में दवाई, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर का पर्याप्त स्टॉक रखने के आदेश
प्रशासक ने स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि विभिन्न सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, ऑक्सीजन सिलेंडर, टीके, पीपीई किट, वेंटिलेटर आदि का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हो। खराब हो रहे वैक्सीन की समस्या पर भी प्रशासक ने चिंता जताई। उन्होंने निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि वैक्सीन की बर्बादी न हो।
बैठक में पिछले साल की तरह दिन के हिसाब से बाजारों में दुकानों को खोलने और बंद करने पर भी विचार किया गया। हालांकि आर्थिक नुकसान को देखते हुए इस फैसले को टाल दिया गया। प्रशासक ने शहर के आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन, एनजीओ और नेताओं से आग्रह किया कि वह सभी प्रशासन की कोरोना से लड़ने में मदद करें।