राबर्ट वाड्रा मामले में बीजेपी सरकार पर दबाव
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राबर्ट वाड्रा लैंड डील मामले में चुनावी घोषणाएं कर सत्ता में आई भाजपा सरकार से प्रदेश की जनता को बड़ी उम्मीदें हैं। सोमवार को विधानसभा का पहला सत्र है, अभी तक सदन में कांग्रेस के समय में यह मुद्दा विपक्ष उठाता रहा है, लिहाजा तीन दिन की सदन की समय अवधि में इस मुद्दे पर भाजपा को सवालों का सामना करना पड़ सकता है।
कैग की रिपोर्ट में लैंड डील में वाड्रा को 44 करोड़ का अप्रत्याशित लाभ होने की बात सामने आने के बाद प्रदेश सरकार पर इस मुद्दे की जांच के लिए दबाव बढ़ता जा रहा है।
रविवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा वाड्रा लैंड डील मामले में कानून अपना काम करेगा। यह बात उन्होंने हरियाणा सरकार के मंत्री विक्रम सिंह यादव को पदभार ग्रहण करवाने के दौरान कही।
जांच के आदेश अब तक जारी नहीं हुए
पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि क्या सरकार इस तरह के अन्य मामलों की जांच करवाएगी। खट्टर ने दोहराया कि कानून इस मामले में अपना काम करेगा। उधर, दिल्ली में मीडियाकर्मी के साथ वाड्रा द्वारा की गई बदसलूकी के मामले में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आपे से बाहर तभी होता है जब उसके पास कुछ छुपाने के लिए हो। मीडिया के साथ हुई बदसलूकी को विज ने गलत बताया है।
शपथ ग्रहण के बाद हरियाणा भाजपा के दो मंत्रियों कैप्टन अभिमन्यु और अनिल विज ने यह कहा था कि हरियाणा सरकार वाड्रा लैंड डील मामले की जांच करवाएगी, लेकिन बाद में भाजपा सरकार इस मामले में बचती नजर आ रही है। कैप्टन अभिमन्यु पहले यह कहते आए हैं कि जमीन संबंधी राज्यों के मामले में केंद्र सरकार सीधे दखल नहीं करती है।
हरियाणा में भाजपा सरकार आते ही वाड्रा मामले में जांच करवाई जाएगी, लेकिन अभी तक इस मामले में जांच के आदेश नहीं हुए हैं। सरकार की पहली कैबिनेट की बैठक में इस मुददे पर चर्चा नहीं हुई है, लेकिन दूसरी कैबिनेट की बैठक में मामले में चर्चा होने की उम्मीद है।