हरियाणाः लंबे रूटों पर नहीं चलीं रोडवेज की बसें, बीच के स्टेशनों पर उतारे यात्री
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हरियाणा रोडवेज के चालकों-परिचालकों का ओवरटाइम खत्म करने के लिए नया रोस्टर लागू करने के फैसले के मद्देनर लंबे रूटों पर रोडवेज बसों की सेवा प्रभावित रही। लॉन्ग रूट की बसें बीच रास्ते में ही रुकने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई और टुकड़ों में सफर के कारण किराया भी ज्यादा चुकाना पड़ा। ड्राइवर-कंडक्टर आठ घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। वहीं, सभी डिपो पर अधिकारियों की टीम रूट के हिसाब से रोस्टर बनाने में जुटी है।
सप्ताह में 48 घंटे ड्यूटी वर्क का फार्मूला लागू होने करने के कारण चंडीगढ़-दिल्ली-लुधियाना जाने वाली बसें बीच रास्ते के स्टैंडों से ही वापस आ गईं। चंडीगढ़ तक जाने वाली जींद, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी डिपो की 40 बसें कैथल से ही लौट गईं। इन बसों के यात्रियों के लिए कैथल से सिर्फ एक ही बस चंडीगढ़ भेजी गई।
वहीं जींद डिपो की बसें भी चार लोकल रूटों पर नहीं चलीं। चरखी दादरी डिपो से जाने वाली लंबी दूरी की बसों में कटौती की गई। नारनौल-दादरी-चंडीगढ़ और पुष्कर-दादरी-भिवानी के रूट चार्ट में फेरबदल से यात्रियों को बसें बदलकर जाना पड़ा और काफी समय तक इंतजार भी करना पड़ा। नारनौल डिपो से जयपुर और चंडीगढ़ के लिए बसें चलेंगी, जबकि लुधियाना जाने वाली बस को बंद कर दिया गया है। हिसार डिपो की चंडीगढ़ रूट की 23 बसें कैथल से ही लौट गईं।
हिसार से दिल्ली और सिरसा-फतेहाबाद होते हुए हिसार आने वाली 20 बसें दिल्ली से ही लौट आईं। करनाल में सभी रूटों पर बसें चलीं। वहीं अंबाला से दिल्ली रूट ज्यादा प्रभावित रहा। रोजाना दिल्ली की ओर 25 बसें जाती थीं, लेकिन मात्र 6 बसें भेजी गईं। बहादुरगढ़ से चंडीगढ़ रूट पर चलने वालीं 7 बसें बंद हो गई। धर्मशाला जाने वाली एकमात्र बस की सेवा भी वापस ले ली। झज्जर से लंबे रूटों की 11 बसों को हटा दिया। चंडीगढ़ रूट की नौ बसें बंद हो गईं हैं। रेवाड़ी से पिछले तीन दिन में 138 में से 80 बसों का ही संचालन हो रहा है।
मथुरा जाने वाली बस में दिल्ली तक टिकट
भिवानी डिपो की बसों में कंडक्टर आवाज लगा रहे थे कि चंडीगढ़ के यात्री कृपया ध्यान दें, बस सिर्फ कैथल-करनाल तक ही जाएगी। वहीं मथुरा जाने वाली बस में भी सिर्फ दिल्ली तक ही टिकट दी गई। यात्रियों ने इसका विरोध भी किया। लंबे रूट के साथ लोकल रूटों पर भी बसें नहीं चलने से यात्री परेशान रहे। दिल्ली, जींद जाने के लिए यात्रियों को दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
रोहतक बस अड्डे से सिरसा, यमुनानगर, जींद के लिए बसें नहीं मिलीं। डिपो में कर्मियों की कमी के कारण 10 रूटों पर बसों का संचालन बंद हो सकता है। दिल्ली जाने वाली बाहरी डिपो की बसें भी बस स्टैंड पर सवारियां उतारकर लौट गईं। इस कारण भी बहादुरगढ़ जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
जीएम तय नहीं कर पाए ड्यूटी रोस्टर, निदेशालय ने संभाली कमान
हरियाणा परिवहन विभाग ने चालकों-परिचालकों का ओवरटाइम खत्म करने के बाद परिवहन सेवाएं सुचारु बनाए रखने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। विभाग ने डिपो महाप्रबंधकों को नए सिरे से ड्यूटी रोस्टर तय करने के निर्देश दिए थे, लेकिन वह ड्यूटी आवर का एडजस्टमेंट ही नहीं कर पाए। अब विभाग ने कमान संभालते हुए साफ कर दिया है कि 48 घंटे की ड्यूटी प्रति सप्ताह की है, इसे रोजाना आठ घंटे ड्यूटी पूरी होने के हिसाब से नहीं देखा जा सकता। निदेशालय यह तय करेगा कि वे किस कर्मचारी से सप्ताह में कितने घंटे रोजाना ड्यूटी लेगा।