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Chandigarh News: सेवा का अधिकारः पुलिस जांच के लिए 30 दिन की समय सीमा को बढ़ाकर 90 दिन किया

Sat, 25 Mar 2023 01:30 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Mar 2023 01:30 AM IST
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Right to Service: Time limit for police investigation increased from 30 days to 90 days
चंडीगढ़। पुलिस में किसी भी घटना की शिकायत करने के 30 दिन बाद अब शिकायतकर्ता सेवा का अधिकार आयोग नहीं जा सकेगा। पुलिस विभाग आयोग के अंतर्गत आता है। इसकी वजह से तय किया गया था कि किसी भी केस को 30 दिन में निपटाया जाना चाहिए लेकिन अब प्रशासन ने समय सीमा को बढ़ाकर 90 दिन कर दिया है। इसके साथ ही केस को निपटाने की जगह अब नई अधिसूचना में 90 दिन के अंदर शुरुआती जांच करने की बात कही गई है।सेवा का अधिकार आयोग के अंतर्गत चंडीगढ़ पुलिस की नौ सेवाएं आती हैं। इन सभी सेवाओं के लिए आयोग ने समय सीमा तय की है, जिसके अंदर की पुलिस विभाग को वह काम करना होता है। सेवा का अधिकार आयोग ने किसी भी दर्ज केस को निपटाने के लिए पुलिस विभाग को 30 दिन का समय दिया था लेकिन इस समय सीमा के अंदर अधिकतम केस हल नहीं हो पाते हैं, जिसकी वजह से पुलिस विभाग की लंबित केसों की संख्या बढ़ती जा रही थी। आयोग के पास भी कई लोगों ने शिकायत की थी। एक मामले में आयोग के पूर्व आयुक्त केके जिंदल ने पुलिस विभाग पर जुर्माना भी लगाया था। साथ ही कई पुलिस थानों के एसएचओ को 30 दिन में केस नहीं निपटाने की वजह से नोटिस भी भेजे गए थे। इसके बाद पुलिस की तरफ से आयोग को बताया गया कि थानों में केसों की संख्या ज्यादा है, इसलिए ज्यादातर केसों को 30 दिन में निपटाना संभव नहीं है। इसके बाद आयोग ने पुलिस की बात को सही माना और प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित को 30 दिन की समय सीमा को 90 दिन करने की सिफारिश की। सिफारिश के आधार पर ही प्रशासक ने अब इस संबंध में अधिसूचना जारी की है और 30 दिन की समय सीमा को 90 दिन कर दिया है। साथ ही 90 दिन के अंदर भी केस को निपटाने की बात नहीं कही गई है, बल्कि ''पुलिस स्टेशन में शिकायत की प्रारंभिक जांच का संचालन'' की बात कही गई है।
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लंबित केसों को घटाने के लिए उठाया गया कदम
किसी भी केस को 30 दिन में निपटाने के नियम की वजह से आयोग के पास पुलिस विभाग की लंबित केसों की संख्या बढ़ती जा रही थी। पुलिस विभाग के लिए भी ये चिंता की बात थी। प्रशासक के इस आदेश से पुलिस के लंबित केसों की संख्या काफी हद तक कम या लगभग समाप्त हो जाएगी, क्योंकि 90 दिन का समय किसी भी केस में शुरुआती जांच के संचालन के लिए काफी होता है। बता दें कि आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2022 से लेकर फरवरी 2023 तक प्रशासन के 31 विभागों में कुल 13,04,979 के करीब शिकायतें आईं। इनमें से एक मार्च 2023 तक 36,035 लंबित थी। इसमें पुलिस विभाग में सबसे अधिक 29,463 एप्लीकेशन लंबित थीं।
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पुलिस विभाग की सभी सेवाएं
सेवा का नाम समय नामित अधिकारी पहला अपीलीय अधिकारी दूसरा अपीलीय अधिकारी
1. जानकारी मिलने पर पांच मिनट ड्यूटी ऑफिसर (कंट्रोल रूम) डीएसपी-पीसीआर एसएसपी
स्थल पर पहुंचना

2. एफआईआर व डीडीआर एक घंटा एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी
की कॉपी देना

3. शिकायत दर्ज करना 30 मिनट एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी

4. शुरुआती जांच करना 90 एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी

5. पासपोर्ट वेरिफिकेशन 15 दिन एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी

6. एनओसी के लिए 15 दिन एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी
वेरिफिकेशन

7. गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज एक घंटा एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी

8. मोबाइल-दस्तावेज की 30 मिनट एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी
मिसिंग की रिपोर्ट दर्ज करना

9. पोस्टमार्टम रिपोर्ट दो दिन एसएचओ एसडीपीओ एसएसपी
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