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रेवाड़ी गैंगरेपः वकील की दलील- जांच में नहीं मिले कोई ठोस सुबूत, केस डायरी पेश करेगी पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नारनौल(हरियाणा)
Updated Fri, 26 Oct 2018 10:04 AM IST
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रेवाड़ी गैंगरेप
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रेवाड़ी की छात्रा से गैंगरेप मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार की कोर्ट में हुई, जहां आरोपियों ने वकीलों ने अपनी दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। पुलिस ने पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में आरोपी दीनदयाल व डॉ. संजीव पर लगे आरोपों पर बहस हुई। बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस जांच में कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
इस पर कोर्ट ने कनीना थाना प्रभारी को केस डायरी लेकर शुक्रवार को पेश होने का निर्देश दिया। गैंगरेप मामले में पुलिस ने वीरवार को आरोपी निशु, पंकज फौजी, मनीष, दीनदयाल व डॉ. संजीव को कोर्ट में पेश किया। वहीं, पांचों आरोपियों के अलावा जमानत पर चल रहे आरोपी निक्कू उर्फ नवीन, मंजीत नूहनिया व अभिषेक भी कोर्ट परिसर में मौजूद रहे।
कोर्ट में लंच से पहले और फिर बाद में दोनों पर चार्ज फ्रेम करने पर बहस हुई। आरोपी दीनदयाल के वकील राकेश लांबा व डॉक्टर संजीव के वकील अरविंद यादव ने चार्ज फ्रेम करने पर बहस की। वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों को पुलिस ने बिना ठोस सबूत के अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। एसआईटी की जांच में कई खामियां है।
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इस पर कोर्ट ने कनीना थाना प्रभारी को केस डायरी लेकर शुक्रवार को पेश होने का निर्देश दिया। गैंगरेप मामले में पुलिस ने वीरवार को आरोपी निशु, पंकज फौजी, मनीष, दीनदयाल व डॉ. संजीव को कोर्ट में पेश किया। वहीं, पांचों आरोपियों के अलावा जमानत पर चल रहे आरोपी निक्कू उर्फ नवीन, मंजीत नूहनिया व अभिषेक भी कोर्ट परिसर में मौजूद रहे।
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कोर्ट में लंच से पहले और फिर बाद में दोनों पर चार्ज फ्रेम करने पर बहस हुई। आरोपी दीनदयाल के वकील राकेश लांबा व डॉक्टर संजीव के वकील अरविंद यादव ने चार्ज फ्रेम करने पर बहस की। वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि दोनों को पुलिस ने बिना ठोस सबूत के अरेस्ट कर जेल भेज दिया है। एसआईटी की जांच में कई खामियां है।
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कोर्ट ने केस डायरी पेश करने को कहा
रेवाड़ी गैंगरेप
दोनों पक्षों की बात सुनने पर कोर्ट ने कनीना एसएचओ को एसआईटी जांच और केस डायरी लेकर 26 अक्तूबर को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता राकेश लांबा ने कहा कि डॉ. संजीव व दीनदयाल पर आईपीएसी की धारा 118 के तहत चार्ज नहीं बनता। दोनों के ऊपर पुलिस फाइल पर कोई रिकार्ड नहीं है।
एसआईटी ने मामले की जांच सही तरीके से नहीं की। इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद न 100 नंबर पर और न ही महिला हेल्प लाईन पर कोई फोन किया गया। कनीना थाने में भी कोई शिकायत नहीं की गई। 38 गवाहों में से जहां से लड़की बरामद हुई, वहां से कोई गवाह नहीं बनाया गया। उन्होंने बताया कि कोर्ट मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई करेगी।
ये है मामला
बता दें कि 12 सितंबर को कनीना में छात्रा से तीन युवकों ने गैंगरेप किया था। इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। एसआईटी ने मामले में आठ आरोपियों को अरेस्ट किया था। जिसमें मुख्य आरोपी निशु, पंकज फौजी व मनीष शामिल है। इनके अलावा कोठड़े का मालिक दीनदयाल, डॉ. संजीव, निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक व मंजीत आरोपी शामिल हैं। इस मामले में नवीन, मंजीत व अभिषेक को जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने 594 पेज के चालान में 38 लोगों को गवाह बना रखा है।
एसआईटी ने मामले की जांच सही तरीके से नहीं की। इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद न 100 नंबर पर और न ही महिला हेल्प लाईन पर कोई फोन किया गया। कनीना थाने में भी कोई शिकायत नहीं की गई। 38 गवाहों में से जहां से लड़की बरामद हुई, वहां से कोई गवाह नहीं बनाया गया। उन्होंने बताया कि कोर्ट मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई करेगी।
ये है मामला
बता दें कि 12 सितंबर को कनीना में छात्रा से तीन युवकों ने गैंगरेप किया था। इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। एसआईटी ने मामले में आठ आरोपियों को अरेस्ट किया था। जिसमें मुख्य आरोपी निशु, पंकज फौजी व मनीष शामिल है। इनके अलावा कोठड़े का मालिक दीनदयाल, डॉ. संजीव, निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक व मंजीत आरोपी शामिल हैं। इस मामले में नवीन, मंजीत व अभिषेक को जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने 594 पेज के चालान में 38 लोगों को गवाह बना रखा है।