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Chandigarh: कुर्सी पर बैठने का निमंत्रण न मिलने से नाराज मेयर कुलदीप ने नहीं संभाला था पदभार, पत्र में खुलासा
Wed, 28 Feb 2024 03:50 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:50 AM IST
सार
चंडीगढ़ मेयर की प्रक्रिया 10 जनवरी को शुरू हुई थी लेकिन अब तक खत्म नहीं हुई है। आमतौर पर हफ्ता से 10 दिन के अंदर खत्म होने वाला चुनाव इस वर्ष डेढ़ महीने के करीब तक पहुंच गया है। सब कुछ सामान्य तरीके से होता तो 18 जनवरी को ही सारे चुनाव संपन्न हो जाते लेकिन चुनाव अभी तक जारी है।
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चंडीगढ़ निगम में मेयर का इंतजार करते सांसद और भाजपा पार्षद
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
चंडीगढ़ मेयर चुनाव का विवाद जारी है। सोमवार को आप के मेयर कुलदीप कुमार को कुर्सी संभालनी थी और सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव करवाना था। लेकिन बताया गया कि उनकी बहन बीमार है, ऐसे में वह उनकी देखभाल के लिए लुधियाना गए हैं। हालांकि सोमवार सुबह जब उनका हस्ताक्षर किया हुआ पत्र नगर निगम और डीसी ऑफिस पहुंचा तो चुनाव स्थगित कराने का कारण कुछ और ही निकला।
मंगलवार सुबह आम आदमी पार्टी के पार्षद योगेश ढींगरा व अन्य मेयर का पत्र लेकर नगर निगम पहुंचे, जिसे निगम आयुक्त और फिर डीसी को सौंपा गया। पत्र में मेयर की ओर से कहा गया था कि चुनाव के शेड्यूल के मुताबिक, मेयर चुनने के बाद सचिव की तरफ से नवनिर्वाचित मेयर को कुर्सी पर बैठने के लिए आमंत्रित किया जाता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम के सचिव की तरफ से उन्हें ऐसा कोई आमंत्रण नहीं मिला है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दोबारा पूरी प्रक्रिया के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं लेकिन 23 फरवरी को डीसी ने एक नोटिस जारी कर 27 फरवरी को सीधे चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी। मेयर ने पत्र में पूछा है कि डीसी की तरफ से ऐसा क्यों नहीं किया गया। इसको लेकर उन्होंने स्पष्टीकरण मांगते हुए सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को टालने की बात कही। हालांकि कुलदीप के इस पत्र और पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका को देखते हुए चार मार्च को दोबारा पूरी प्रक्रिया के साथ चुनाव कराने की बात स्वीकार कर ली है लेकिन चुनाव स्थगित कराने संबंधी पत्र में कुलदीप में लिखित में बहन की बीमारी का कोई हवाला नहीं दिया है।
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डेढ़ महीने बाद भी खत्म ही नहीं हो रहा मेयर चुनाव
चंडीगढ़ मेयर की प्रक्रिया 10 जनवरी को शुरू हुई थी लेकिन अब तक खत्म नहीं हुई है। आमतौर पर हफ्ता से 10 दिन के अंदर खत्म होने वाला चुनाव इस वर्ष डेढ़ महीने के करीब तक पहुंच गया है। सब कुछ सामान्य तरीके से होता तो 18 जनवरी को ही सारे चुनाव संपन्न हो जाते। सोमवार को सदन पहुंचे भाजपा के पार्षद भी यह कहते हुए नजर आए कि जल्द यह सब खत्म हो ताकि वह बाकी कामों पर फोकस कर सकें। चुनाव में जोड़तोड़ की राजनीति से बचने के लिए रिजॉर्ट, होटल और फॉर्म हाउस में रहते हुए भी परेशान हो गए हैं। पहले आप और कांग्रेस के पार्षद मेयर चुनाव की वजह से करीब 19 दिन रिजॉर्ट में रहे तो अब सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के चलते भाजपा के अधिकतर पार्षद मोरनी के एक होटल में ठहरे हुए हैं।
भाजपा पार्षदों ने दिखाई एकजुटता, पर नदारद दिखे आप से गए तीनों पार्षद
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव रद्द होने के बाद भाजपा ने एकजुटता दिखाने के लिए फोटो जारी की। इसमें पार्टी के सभी पार्षदों और वरिष्ठ नेता विजयी चिह्न का निशान बनाते हुए नजर आए लेकिन फोटो में आप से हाल ही में टूटकर भाजपा में शामिल हुए तीन पार्षद नजर नहीं आए। इसके कुछ देर बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद की तरफ से एक और फोटो जारी की गई, जिसमें वह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पार्षद नेहा, पूनम और गुरचरणजीत सिंह काला के साथ बैठे नजर आए। ये पार्षद 18 फरवरी से अब तक अपने वार्ड में नहीं पहुंचे हैं।
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मंगलवार सुबह आम आदमी पार्टी के पार्षद योगेश ढींगरा व अन्य मेयर का पत्र लेकर नगर निगम पहुंचे, जिसे निगम आयुक्त और फिर डीसी को सौंपा गया। पत्र में मेयर की ओर से कहा गया था कि चुनाव के शेड्यूल के मुताबिक, मेयर चुनने के बाद सचिव की तरफ से नवनिर्वाचित मेयर को कुर्सी पर बैठने के लिए आमंत्रित किया जाता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम के सचिव की तरफ से उन्हें ऐसा कोई आमंत्रण नहीं मिला है।
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इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दोबारा पूरी प्रक्रिया के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं लेकिन 23 फरवरी को डीसी ने एक नोटिस जारी कर 27 फरवरी को सीधे चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी। मेयर ने पत्र में पूछा है कि डीसी की तरफ से ऐसा क्यों नहीं किया गया। इसको लेकर उन्होंने स्पष्टीकरण मांगते हुए सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को टालने की बात कही। हालांकि कुलदीप के इस पत्र और पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका को देखते हुए चार मार्च को दोबारा पूरी प्रक्रिया के साथ चुनाव कराने की बात स्वीकार कर ली है लेकिन चुनाव स्थगित कराने संबंधी पत्र में कुलदीप में लिखित में बहन की बीमारी का कोई हवाला नहीं दिया है।
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डेढ़ महीने बाद भी खत्म ही नहीं हो रहा मेयर चुनाव
चंडीगढ़ मेयर की प्रक्रिया 10 जनवरी को शुरू हुई थी लेकिन अब तक खत्म नहीं हुई है। आमतौर पर हफ्ता से 10 दिन के अंदर खत्म होने वाला चुनाव इस वर्ष डेढ़ महीने के करीब तक पहुंच गया है। सब कुछ सामान्य तरीके से होता तो 18 जनवरी को ही सारे चुनाव संपन्न हो जाते। सोमवार को सदन पहुंचे भाजपा के पार्षद भी यह कहते हुए नजर आए कि जल्द यह सब खत्म हो ताकि वह बाकी कामों पर फोकस कर सकें। चुनाव में जोड़तोड़ की राजनीति से बचने के लिए रिजॉर्ट, होटल और फॉर्म हाउस में रहते हुए भी परेशान हो गए हैं। पहले आप और कांग्रेस के पार्षद मेयर चुनाव की वजह से करीब 19 दिन रिजॉर्ट में रहे तो अब सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव के चलते भाजपा के अधिकतर पार्षद मोरनी के एक होटल में ठहरे हुए हैं।
भाजपा पार्षदों ने दिखाई एकजुटता, पर नदारद दिखे आप से गए तीनों पार्षद
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव रद्द होने के बाद भाजपा ने एकजुटता दिखाने के लिए फोटो जारी की। इसमें पार्टी के सभी पार्षदों और वरिष्ठ नेता विजयी चिह्न का निशान बनाते हुए नजर आए लेकिन फोटो में आप से हाल ही में टूटकर भाजपा में शामिल हुए तीन पार्षद नजर नहीं आए। इसके कुछ देर बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद की तरफ से एक और फोटो जारी की गई, जिसमें वह और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े पार्षद नेहा, पूनम और गुरचरणजीत सिंह काला के साथ बैठे नजर आए। ये पार्षद 18 फरवरी से अब तक अपने वार्ड में नहीं पहुंचे हैं।