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Punjab: रोडवेज बसों में 52 सवारियों को बैठाने की पाबंदी हटी, आठ फरवरी को सीएम के साथ होगी यूनियन की बैठक

Mon, 05 Feb 2024 01:54 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 05 Feb 2024 01:54 PM IST
सार

पंजाब परिवहन के मुलाजिम सरकारी बसों में 52 से अधिक सवारियां नहीं ले जाने पर अड़े हुए थे। हालांकि रविवार को यूनियन ने आम लोगों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए सुबह व शाम के भीड़भाड़ वाले समय में सरकारी बसों में अतिरिक्त सवारियां ले जाने का फैसला किया था। 

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Restrictions imposed by Punjab Roadways Union regarding seating of 52 passengers withdrawn
पंजाब रोडवेज - फोटो : फाइल

विस्तार

पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यूनियन की ओर से 52 सवारियों को बैठने संबंधित लगाई गई पाबंदी एवं नियमों को वापस ले लिया गया है। यूनियन के पदाधिकारी ने सोमवार को पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पनबस और पीआरटीसी यूनियन के पदाधिकारी शामिल थे। 
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मीटिंग में अधिकारियों की ओर से यूनियन पदाधिकारी को यह आश्वासन दिया गया की 8 फरवरी को उनकी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ उनकी बैठक होगी। इस आश्वासन पर यूनियन ने 52 सवारियों को बैठने संबंधी लगाई गई पाबंदी के फैसले को वापस ले लिया है।
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यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए हिट एंड रन कानून व राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में बसों में 52 से अधिक सवारियों के बैठाने पर रोक लगा दी थी। इसके चलते यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। विभागीय अधिकारियों ने यूनियन से मीटिंग करते हुए उन्हें आश्वासन दिलाया कि 8 फरवरी को मुख्यमंत्री के साथ मीटिंग करवाते हुए उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा, इसके चलते यूनियन ने 52 सवारियों वाली पाबंदी को हटा दिया है।
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सोमवार को ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों के साथ यूनियन के पदाधिकारी की हुई बैठक में यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल, महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों शामिल रहे। इस दौरान यूनियन की ओर से नई ट्रांसपोर्ट नीति के तहत चालकों और ट्रांसपोर्टर पर नियमों के तहत बनी करवाई नियम में संशोधन किया जाना चाहिए इसके अलावा यूनियन ने मांग की कि जिन 400 कच्चे कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है उन्हें दोबारा विभाग में रखा जाए।
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