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Chandigarh News: भाजपा उम्मीदवार रणजीत चौटाला का इस्तीफा नहीं हुआ मंजूर
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स्पीकर बोले- उनके इस्तीफे का सत्यापन किया जा रहा है, उसके बाद ही मंजूर होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हिसार लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार रणजीत चौटाला का विधानसभा सदस्यता से दिया गया इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि उनके इस्तीफे का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने किसी दबाव में आकर तो इस्तीफा नहीं दिया है। उनके हस्ताक्षर और अन्य पत्रों की जांच की जा रही है।
इसी बीच एडवोकेट और कानूनी विश्लेषक हेमंत कुमार ने कहा कि यह देखने वाली बात होगी कि क्या रणजीत चौटाला ने रविवार शाम भाजपा में शामिल होने से पहले ही विधायक पद से त्याग पत्र दिया था या भाजपा में शामिल होने के बाद। यदि उन्होंने भाजपा में शामिल होने से पहले अर्थात 24 मार्च की तारीख को ही विधायक पद से त्यागपत्र विधानसभा स्पीकर को सौंप दिया था, तब तो ठीक है। यदि उन्होंने 25 मार्च या 26 मार्च को त्यागपत्र दिया है तो इस्तीफे के बावजूद दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधान के अंतर्गत उनके विरुद्ध विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की याचिका स्पीकर के समक्ष दायर की जा सकती है। वर्ष 2013 के सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बाद न केवल सदन का सदस्य (विधायक) बल्कि सामान्य व्यक्ति भी ऐसी याचिका दायर कर सकता है। हालांकि बताया जा रहा है कि चौटाला ने भाजपा में शामिल होने से पहले ही अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हिसार लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार रणजीत चौटाला का विधानसभा सदस्यता से दिया गया इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है। विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि उनके इस्तीफे का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि क्या उन्होंने किसी दबाव में आकर तो इस्तीफा नहीं दिया है। उनके हस्ताक्षर और अन्य पत्रों की जांच की जा रही है।
इसी बीच एडवोकेट और कानूनी विश्लेषक हेमंत कुमार ने कहा कि यह देखने वाली बात होगी कि क्या रणजीत चौटाला ने रविवार शाम भाजपा में शामिल होने से पहले ही विधायक पद से त्याग पत्र दिया था या भाजपा में शामिल होने के बाद। यदि उन्होंने भाजपा में शामिल होने से पहले अर्थात 24 मार्च की तारीख को ही विधायक पद से त्यागपत्र विधानसभा स्पीकर को सौंप दिया था, तब तो ठीक है। यदि उन्होंने 25 मार्च या 26 मार्च को त्यागपत्र दिया है तो इस्तीफे के बावजूद दल-बदल विरोधी कानून के प्रावधान के अंतर्गत उनके विरुद्ध विधानसभा सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की याचिका स्पीकर के समक्ष दायर की जा सकती है। वर्ष 2013 के सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बाद न केवल सदन का सदस्य (विधायक) बल्कि सामान्य व्यक्ति भी ऐसी याचिका दायर कर सकता है। हालांकि बताया जा रहा है कि चौटाला ने भाजपा में शामिल होने से पहले ही अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
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