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बढ़ता जा रहा पंजाब कांग्रेस में इस्तीफों का दौर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 09 Nov 2014 06:45 PM IST
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कांग्रेस हाईकमान के सख्त तेवरों के बाद भी प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा के खिलाफ बगावत थम नहीं रही है। लुधियाना से शुरू हुई बगावत के बाद फिरोजपुर और नवांशहर के नेता मोर्चा खोल चुके हैं।
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अब कुछ और जिलों में भी तैयारी है। पिछले दिनों चंडीगढ़ आए पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी साफ शब्दों में एकजुटता का संदेश दे गए थे। राहुल के तेवरों से यह भी स्पष्ट हो गया था कि हाईकमान फिलहाल बाजवा के साथ है।
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इसके बाद भी बाजवा का विरोध शुरू हुआ और बढ़ता ही जा रहा है। बाजवा के खिलाफ सबसे पहले लुधियाना के पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान ने मोर्चा खोला था, लेकिन हाईकमान ने सख्त तेवर दिखाते हुए दीवान और चार ब्लॉक प्रधानों समेत छह लोगों को पार्टी से निष्कासित करने जैसी कार्रवाई कर दी। हाईकमान के कड़े रुख के बाद भी विरोध जारी रहा।
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लुधियाना में अब तक 48 नेता इस्तीफे दे चुके हैं। उसके बाद फिरोजपुर के छह ब्लॉक प्रधानों ने बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वीरवार को नवांशहर के कई बड़े नेताओं ने बाजवा के खिलाफ पत्र हाईकमान को भेजा। इनमें पूर्व जिला प्रधान सतवीर सिंह पल्ली झिक्की, छह ब्लॉक प्रधान, बलाचौर इंचार्ज राजविंदर सिंह लक्की, पूर्व काउंसिल प्रधान लालित मोहन पाठक के अलावा यूथ कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं।
सूत्र बताते हैं कि रोपड़ और संगरूर में भी बाजवा के खिलाफ बगावत की हवा चलने लगी है। जल्द ही इन जिलों से भी कुछ नेता या तो इस्तीफा दे सकते हैं या सिग्नेचर कैंपेन चला सकते हैं। हालांकि, राहुल के दौरे के बाद बाजवा आश्वस्त हैं।
पंजाब प्रभारी शकील अहमद और सह प्रभारी हरीश चौधरी, दोनों का उन्हें आशीर्वाद हासिल है, लेकिन बाजवा विरोधी सारी कैंपेन दिल्ली तक चला रहे हैं। इस्तीफों और सिग्नेचर कैंपेन की पल-पल की रिपोर्ट हाईकमान तक पहुंचाई जा रही है। उनकी पूरी कोशिश है कि बाजवा के खिलाफ बनी लहर ठंडी न पड़े।