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फॉसवेक ने किया प्रदर्शन, मेयर बोलीं- टैक्स तो लगेंगे ही
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Mar 2017 01:15 AM IST
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फॉसवेक ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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फॉसवेक के अंतर्गत रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों ने भविष्य में लगने वाले टैक्स और पानी के रेट के खिलाफ सोमवार को सेक्टर-17 प्लाजा में प्रदर्शन किया। इसके बाद फॉसवेक चेयरमैन बलजिंदर सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल मेयर आशा जसवाल से मिला। मेयर ने कोई आश्वासन देने के बजाय कहा कि टैक्स तो लगेंगे, लेकिन इनके मामूली रेट तय किए जाएंगे। साथ ही शहरवासियों को इसके बदले में अतिरिक्त सुविधाएं मिलेंगी। फॉसवेक मेयर से पहले कमिश्नर बी पुरुषार्था को भी अपना ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल से मेयर ने कहा कि नगर निगम इस समय कंगाल की स्थिति में है। पिछले कार्यकालों में किसी ने भी आय के साधन बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। एफडी तुड़वाकर काम किया जा रहा है।
ज्ञापन में टैक्सों के अलावा शहर में बढ़ रही लावारिस कुत्तों की दिक्कत का भी उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही शहर की बिगड़ रही सफाई व्यवस्था के अलावा पार्कों में टर्शरी वाटर की सप्लाई नहीं होने का मामला भी शामिल है। ऐसा पहली बार हुआ है जब फॉसवेक ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया है। फॉसवेक चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि स्मार्ट सिटी की घोषणा हुए एक साल हो गया है, लेकिन एक भी काम नहीं हुआ है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई की कोई व्यवस्था नहीं सुधरी है। उन्होंने कहा कि अभी तो प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो सड़क पर जाम भी लगाया जाएगा। बिट्टू ने कहा कि सांसद किरण खेर को लावारिस कुत्तों से मुक्ति का मामला संसद में उठाना चाहिए। फॉसवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि पानी का रेट बढ़ाने की बात की जा रही है, लेकिन जो पानी की बर्बादी हो रही है उस पर नगर निगम कुछ नहीं कर रहा है।
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ज्ञापन में टैक्सों के अलावा शहर में बढ़ रही लावारिस कुत्तों की दिक्कत का भी उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही शहर की बिगड़ रही सफाई व्यवस्था के अलावा पार्कों में टर्शरी वाटर की सप्लाई नहीं होने का मामला भी शामिल है। ऐसा पहली बार हुआ है जब फॉसवेक ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया है। फॉसवेक चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि स्मार्ट सिटी की घोषणा हुए एक साल हो गया है, लेकिन एक भी काम नहीं हुआ है।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई की कोई व्यवस्था नहीं सुधरी है। उन्होंने कहा कि अभी तो प्रदर्शन किया जा रहा है, लेकिन उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो सड़क पर जाम भी लगाया जाएगा। बिट्टू ने कहा कि सांसद किरण खेर को लावारिस कुत्तों से मुक्ति का मामला संसद में उठाना चाहिए। फॉसवेक के वाइस चेयरमैन हितेश पुरी ने कहा कि पानी का रेट बढ़ाने की बात की जा रही है, लेकिन जो पानी की बर्बादी हो रही है उस पर नगर निगम कुछ नहीं कर रहा है।
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पार्किंग रेट काफी बढ़ा दिए, टैक्स नहीं लगना चाहिए
फॉसवेक ने किया प्रदर्शन
तख्तियों पर यह लिखकर किया विरोध प्रकट
प्रदर्शन के दौरान आरडब्लयूए के पदाधिकारियों ने तख्तियों में कई तरह की बातें लिखकर अपना विरोध प्रकट किया। इसमें लिखा था टैक्स लगाते हो बनाते हो उल्लू, सहूलियत के नाम पर बाबा जी का ठुल्लू..., साहब दुश्मनों से नहीं कुत्तों से डर लगता है। आप सोएं हैं बे-खौफ, हम जागते हैं कुत्तों के खौफ से..., जगह-जगह कूड़ों के ढेर हैं। सरकारी आंकड़ों में हम शेर हैं...।
क्या कहना है रेजिडेंट्स का
सेक्टर-21 के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदीप चोपड़ा का कहना है कि नगर निगम शहरवासियों पर तो बोझ लगातार डाल रहा है, लेकिन आप खुद शहरवासियों के लिए नहीं करना चाहता।
सेक्टर-33 की रेजिडेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सिंह का कहना है कि स्ट्रीट वेंडर एक्ट के कारण शहर में जगह-जगह फड़ियां बढ़ रही है। इस कारण बाजारों में पैदल चलने की जगह भी नहीं बची है।
बुडैल की आरडब्लयूए के अध्यक्ष प्रिंसिपल रंजीत सिंह का कहना है कि सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। नगर निगम को चाहिए कि हर एरिया की सफाई में वहां की आरडब्लयूए को सुपरविजन की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
सेक्टर-21 के निवासी संदीप भल्ला का कहना है कि लावारिस कुत्तों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। नगर निगम को एक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए कि लोग विदेशी छोड़कर लावारिस कुत्तों को गोद लें।
शहर में रहता है अंधेरा
सेक्टर-39 एचआईजी रेजिडेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केके कौल का कहना है कि शहर में कई जगह शाम को लाइटें नहीं जलने के कारण अंधेरा छाया रहता है। जो लाइटे जल भी रहीं हैं उनकी रोशनी भी कम है। पूरे शहर की लाइटों को एलईडी में बदलना चाहिए।
पार्किंग रेट काफी बढ़ा दिए, टैक्स नहीं लगना चाहिए
सेक्टर-27 की रेजिडेंट शिखा निझावन का कहना है कि पार्किंग के रेट काफी बढ़ा दिए गए हैं। उनका कहना है कि इतनी जल्दी अब नगर निगम को और टैक्स लगाने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। जबकि प्रशासन और नगर निगम बजट भी खर्च नहीं कर पा रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान आरडब्लयूए के पदाधिकारियों ने तख्तियों में कई तरह की बातें लिखकर अपना विरोध प्रकट किया। इसमें लिखा था टैक्स लगाते हो बनाते हो उल्लू, सहूलियत के नाम पर बाबा जी का ठुल्लू..., साहब दुश्मनों से नहीं कुत्तों से डर लगता है। आप सोएं हैं बे-खौफ, हम जागते हैं कुत्तों के खौफ से..., जगह-जगह कूड़ों के ढेर हैं। सरकारी आंकड़ों में हम शेर हैं...।
क्या कहना है रेजिडेंट्स का
सेक्टर-21 के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदीप चोपड़ा का कहना है कि नगर निगम शहरवासियों पर तो बोझ लगातार डाल रहा है, लेकिन आप खुद शहरवासियों के लिए नहीं करना चाहता।
सेक्टर-33 की रेजिडेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश सिंह का कहना है कि स्ट्रीट वेंडर एक्ट के कारण शहर में जगह-जगह फड़ियां बढ़ रही है। इस कारण बाजारों में पैदल चलने की जगह भी नहीं बची है।
बुडैल की आरडब्लयूए के अध्यक्ष प्रिंसिपल रंजीत सिंह का कहना है कि सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। नगर निगम को चाहिए कि हर एरिया की सफाई में वहां की आरडब्लयूए को सुपरविजन की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
सेक्टर-21 के निवासी संदीप भल्ला का कहना है कि लावारिस कुत्तों की दिक्कत काफी बढ़ गई है। नगर निगम को एक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए कि लोग विदेशी छोड़कर लावारिस कुत्तों को गोद लें।
शहर में रहता है अंधेरा
सेक्टर-39 एचआईजी रेजिडेट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केके कौल का कहना है कि शहर में कई जगह शाम को लाइटें नहीं जलने के कारण अंधेरा छाया रहता है। जो लाइटे जल भी रहीं हैं उनकी रोशनी भी कम है। पूरे शहर की लाइटों को एलईडी में बदलना चाहिए।
पार्किंग रेट काफी बढ़ा दिए, टैक्स नहीं लगना चाहिए
सेक्टर-27 की रेजिडेंट शिखा निझावन का कहना है कि पार्किंग के रेट काफी बढ़ा दिए गए हैं। उनका कहना है कि इतनी जल्दी अब नगर निगम को और टैक्स लगाने का निर्णय नहीं लेना चाहिए। जबकि प्रशासन और नगर निगम बजट भी खर्च नहीं कर पा रहे हैं।