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रेजिडेंस प्रूफ नहीं आधार कार्ड! एसडीएम ऑफिस में हंगामा
अमर उजाला, अंबाला
Updated Tue, 09 Sep 2014 12:34 AM IST
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अंबाला सिटी। सोमवार को सिटी के एसडीएम कार्यालय स्थित ई-दिशा सेंटर में उस वक्त जमकर वबाल हुआ जब लोगों ने नवनियुक्त एसडीएम के अनोखे फरमान को देखा। इस फरमान के तहत यहां वाहन की आरसी और लाइसेंस बनाने के लिए आधार कार्ड को रिहायशी प्रूफ के तौर पर न लिए जाने की बात कही गई।
इतना ही नहीं इसी कार्यालय द्वारा जारी किए गए आरसी व लाइसेंस को भी रिहायशी प्रूफ मानने से कर्मचारियों ने इंकार कर दिया। कर्मचारियों ने लोगों को रिहायशी प्रूफ के लिए सिर्फ वोटर कार्ड, पासपोर्ट, टेलीफोन बिल, बिजली बिल व राशनकार्ड ही मान्य होने की बात कही लेकिन लोगों ने जब अपने वाहनों की आरसी व लाइसेंस के आवेदन के साथ आधार कार्ड को बतौर रिहायशी प्रूफ कर्मचारियों के समक्ष पेश किया तो कर्मचारियों ने उस पर आपत्ति लगा दी। बस, इसी बात को लेकर वहां मौजूद काफी संख्या में लोगों की ई-दिशा सेंटर के कर्मचारियों से तीखी बहस हो गई। लोगों ने वहां जमकर वबाल काटा और हंगामा किया। इस दौरान वहां स्थिति यह हो गई कि ई-दिशा सेंटर के भीतर बैठे कर्मचारियों को अपनी खिड़कियां तक बंद करनी पड़ गईं, जबकि वहां तैनात सुरक्षा गार्ड तक को बीच में आकर कई बार मामला शांत करवाना पड़ा।
लोग बोले, बेवजह तंग करने वाली बात
वहां मौजूद सज्जन सिंह, जसविंद्र, विकास, सुनील वर्मा, अंकुश व अमन ने बताया कि वे अपने परिचित के साथ उनका लाइसेंस व आरसी बनवाने एसडीएम कार्यालय में आए थे लेकिन यहां अफसर के बेवजह फरमान की वजह से लोगों को परेशान किया जा रहा है। उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट तक ने यह कहा है कि आधार कार्ड को किसी भी जरूरी सेवा के साथ लिंक करके लोगों को बाध्य नहीं किया जा सकता, आधार कार्ड को सिर्फ लोगों की पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जाए लेकिन यहां एसडीएम कार्यालय में तो आधार कार्ड को ही रिहायशी प्रमाण मानने से ही इंकार कर दिया गया है।
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लोगों ने बताया कि इतना ही नहीं कोई व्यक्ति यदि यहां अपने किसी वाहन की आरसी बनवाने आता है और अपने आवेदन के साथ इसी विभाग से बना अपना ड्राइविंग लाइसेंस बतौर रिहायशी प्रमाण साथ लगाता है, तो उसके आवेदन को भी रिजेक्ट किया जा रहा है। हैरानी की बात यह कि जो लाइसेंस इसी एसडीएम विभाग की ई-दिशा सेंटर संबंधित व्यक्ति को पहले जारी किया है, उसी लाइसेंस को अब यह विभाग रिहायशी प्रमाण मानने से ही इंकार कर रहा है। लोगों ने कहा कि यह सब केवल जनता को बिना वजह परेशान करने की बात है, इसीलिए यहां अब आए दिन इसी तरह हंगामे होते रहेंगे।
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इतना ही नहीं इसी कार्यालय द्वारा जारी किए गए आरसी व लाइसेंस को भी रिहायशी प्रूफ मानने से कर्मचारियों ने इंकार कर दिया। कर्मचारियों ने लोगों को रिहायशी प्रूफ के लिए सिर्फ वोटर कार्ड, पासपोर्ट, टेलीफोन बिल, बिजली बिल व राशनकार्ड ही मान्य होने की बात कही लेकिन लोगों ने जब अपने वाहनों की आरसी व लाइसेंस के आवेदन के साथ आधार कार्ड को बतौर रिहायशी प्रूफ कर्मचारियों के समक्ष पेश किया तो कर्मचारियों ने उस पर आपत्ति लगा दी। बस, इसी बात को लेकर वहां मौजूद काफी संख्या में लोगों की ई-दिशा सेंटर के कर्मचारियों से तीखी बहस हो गई। लोगों ने वहां जमकर वबाल काटा और हंगामा किया। इस दौरान वहां स्थिति यह हो गई कि ई-दिशा सेंटर के भीतर बैठे कर्मचारियों को अपनी खिड़कियां तक बंद करनी पड़ गईं, जबकि वहां तैनात सुरक्षा गार्ड तक को बीच में आकर कई बार मामला शांत करवाना पड़ा।
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लोग बोले, बेवजह तंग करने वाली बात
वहां मौजूद सज्जन सिंह, जसविंद्र, विकास, सुनील वर्मा, अंकुश व अमन ने बताया कि वे अपने परिचित के साथ उनका लाइसेंस व आरसी बनवाने एसडीएम कार्यालय में आए थे लेकिन यहां अफसर के बेवजह फरमान की वजह से लोगों को परेशान किया जा रहा है। उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट तक ने यह कहा है कि आधार कार्ड को किसी भी जरूरी सेवा के साथ लिंक करके लोगों को बाध्य नहीं किया जा सकता, आधार कार्ड को सिर्फ लोगों की पहचान के तौर पर इस्तेमाल किया जाए लेकिन यहां एसडीएम कार्यालय में तो आधार कार्ड को ही रिहायशी प्रमाण मानने से ही इंकार कर दिया गया है।
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लोगों ने बताया कि इतना ही नहीं कोई व्यक्ति यदि यहां अपने किसी वाहन की आरसी बनवाने आता है और अपने आवेदन के साथ इसी विभाग से बना अपना ड्राइविंग लाइसेंस बतौर रिहायशी प्रमाण साथ लगाता है, तो उसके आवेदन को भी रिजेक्ट किया जा रहा है। हैरानी की बात यह कि जो लाइसेंस इसी एसडीएम विभाग की ई-दिशा सेंटर संबंधित व्यक्ति को पहले जारी किया है, उसी लाइसेंस को अब यह विभाग रिहायशी प्रमाण मानने से ही इंकार कर रहा है। लोगों ने कहा कि यह सब केवल जनता को बिना वजह परेशान करने की बात है, इसीलिए यहां अब आए दिन इसी तरह हंगामे होते रहेंगे।