फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Research: Giving glucose water to pregnant women before caesarean gives faster recovery

Research: सीजेरियन से पहले गर्भवती को ग्लूकोज पानी देने से रिकवरी होती है तेज, पीजीआई के शोध में हुआ साबित

Sun, 11 Dec 2022 02:26 PM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 11 Dec 2022 02:26 PM IST
सार

डॉ. सुनंदा ने बताया कि आमतौर पर सिजेरियन डिलीवरी के कई घंटे पहले से गर्भवती महिला को कुछ भी खाने पीने के लिए नहीं दिया जाता। शरीर में पानी और भोजन की कमी के कारण उनमें ग्लूकोज की मात्रा तेजी से कम होने लगती है।

विज्ञापन
Research: Giving glucose water to pregnant women before caesarean gives faster recovery
Pregnant Woman - फोटो : istock

विस्तार

सिजेरियन डिलीवरी से पहले और बाद में गर्भवती महिलाओं को अब घटों भूखा-प्यासा नहीं रहना पड़ेगा क्योंकि डिलीवरी के कुछ घंटे पहले तक दिए जाने वाले ग्लूकोज के पानी से जहां एक ओर प्रसव पीड़ा कम होती है, वहीं रिकवरी भी तेजी से होती है। इसे पीजीआई और गीतांजलि मेडिकल कॉलेज उदयपुर के विशेषज्ञों ने अपने शोध से साबित कर दिया है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ ऑब्सट्रक्टिक एनेस्थीसियोलॉजिस्ट की संस्थापक अध्यक्ष व गीतांजलि मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग की प्रमुख डॉ. सुनंदा गुप्ता ने दी। 

विज्ञापन


डॉ. सुनंदा गुप्ता पीजीआई में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता मौजूद रहीं। उन्होंने बताया कि उनके शोध को इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ऑब्सट्रक्टिक एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर में प्रकाशित किया गया है। बताया कि एनहांस रिकवरी आफ्टर सिजेरियन सेक्शन विषय पर किए गए शोध में उन्होंने 500 गर्भवती महिलाओं का चुनाव किया। उन सभी की सिजेरियन डिलीवरी होनी थी। उनमें से ढाई सौ को एक वर्ग में और ढाई सौ को दूसरे वर्ग में रखा। 
विज्ञापन


पहले वर्ग में शामिल महिलाओं को ऑपरेशन के एक दिन पहले रात को ग्लूकोज का पानी दिया। अगले दिन सिजेरियन के 2 घंटे पहले तक उन्हें तय मात्रा में ग्लूकोज का पानी दिया जाता रहा। साथ में उल्टी रोकने की दवा और सिजेरियन से पहले दी जाने वाली दर्द निवारक दवाइयों की भी खुराक दी गई जबकि दूसरे वर्ग में शामिल गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के एक दिन पहले रात से ही कुछ भी खाने पीने नहीं दिया गया। वहीं उन्हें दर्द की दवाइयां भी दी गईं। पहले वर्ग में शामिल गर्भवती महिलाओं को प्रसव के 2 घंटे बाद पानी पीने के लिए दे दिया गया जबकि शाम को उन्हें सामान्य भोजन भी दिया गया। वहीं, उन्हें चंद घंटे बाद ही चला भी दिया गया। जबकि दूसरे वर्ग में शामिल महिलाओं को अगले दिन शाम को पानी और बेहद सीमित मात्रा में भोजन दिया गया। जब इन दोनों वर्गों में तुलना की गई तो परिणाम चौंकाने वाला था। पहले वर्ग में शामिल महिलाएं तेजी से रिकवरी कर रहीं थीं। उन्हें 24 घंटे के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जबकि दूसरे वर्ग में शामिल महिलाओं को 4 से 5 दिन तक अस्पताल में ही रुकना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्लूकोज की भूमिका अहम
डॉ. सुनंदा ने बताया कि आमतौर पर सिजेरियन डिलीवरी के कई घंटे पहले से गर्भवती महिला को कुछ भी खाने पीने के लिए नहीं दिया जाता। शरीर में पानी और भोजन की कमी के कारण उनमें ग्लूकोज की मात्रा तेजी से कम होने लगती है। इसके कारण उन्हें कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। इन परेशानियों के कारण उन्हें प्रसव पीड़ा ज्यादा महसूस होती है, वहीं उनके तनाव का स्तर भी बढ़ जाता है। इससे डिलीवरी के बाद रिकवरी में भी कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में इस शोध के माध्यम से यह बात साबित हुई कि ग्लूकोज की मात्रा को संतुलित करके जहां एक तरफ दर्द को सहने की क्षमता बढ़ाई जा सकती है। वहीं सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी की रफ्तार भी अपने आप बढ़ जाती है।


प्रसूता रहती है खुश, दूर होता है तनाव
भूख और प्यास के कारण जहां एक तरफ प्रसूता में तनाव का स्तर बढ़ता है। वहीं, उस तनाव से उसकी मांसपेशियां भी संकुचित होने लगती हैं जिसका प्रभाव उसकी सर्जरी पर पड़ने लगता है। डॉ. सुनंदा का कहना है कि ऐसे में इस प्रक्रिया का पालन करके प्रसूता के तनाव प्रबंधन कर उसे खुश करने का भी प्रयास किया गया और परिणाम यह मिला कि वे तनाव मुक्त रहकर तेजी से रिकवरी करने में सफल हुईं। इससेे उन्हें अपने साथ अपने नवजात की देखभाल करने में किसी पर निर्भर रहने की भी जरूरत नहीं पड़ी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed