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अवैध हिरासत में अल्पसंख्यक: हरियाणा पुलिस को फटकार, जांच CBI को
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 10 May 2016 05:42 PM IST
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अवैध हिरासत
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अल्पसंख्यक की अवैध हिरासत मामले में हरियाणा पुलिस को फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की, जांच CBI को सौंपा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार मुरथल गैंगरेप केस में पुलिस कुछ नहीं कर पा रही है, वैसे ही अल्पसंख्यक व्यक्ति की मौत की जांच में पुलिस से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। जस्टिस फतेहदीप सिंह की एकल बेंच ने इस टिप्पणी के साथ नाजायज हिरासत के एक केस की जांच सीबीआई के हवाले कर दी है।
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दरअसल, उत्तर प्रदेश से चार व्यक्ति हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले की शाहबाद पशु मंडी से गाय खरीदने आए थे। इन्हें गौ तस्करों के शक में गोरक्षा दल के लोगों ने पकड़ने की कोशिश की। तीन व्यक्ति भाग निकले, लेकिन सहारनपुर के गंगोह निवासी मुस्तैन नामक एक व्यक्ति पकड़ में आ गया था। उसे शाहबाद पुलिस के हवाले किया गया। मुस्तैन के पिता ताहिर हुसैन ने बेटे को पुलिस से छुड़वाने के लिए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका डालते हुए आरोप लगाया था कि मुस्तैन गो तस्कर नहीं है और उसे पुलिस ने नाजायज हिरासत में रखा है। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर वारंट अफसर नियुक्त किया था। वारंट अफसर ने थाने में दबिश दी, लेकिन वहां मुस्तैन नहीं मिला।
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इसके बाद दो मई को मुस्तैन की लाश कुरुक्षेत्र में मिली थी। इस मौत को पुलिस की अवैध हिरासत में हुई मौत का आरोप लगाते हुए सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट से उच्च्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई। दलील दी गई कि हरियाणा पुलिस मामले को दबाने में लगी हुई है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस तरह मुरथल में कथित गैंगरेप जैसे संगीन अपराध को पुलिस दबाने में जुटी है, वैसे ही इस मामले में अल्पसंख्यक की मौत की जांच में पुलिस से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। इस टिप्पणी के साथ जस्टिस फतेहदीप सिंह ने मुस्तैन की मौत की जांच सीबीआई के हवाले कर दी।
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उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट को बताया गया कि गो रक्षा दल वालों ने सबके सामने मुस्तैन को शाहबाद पुलिस के हवाले किया। यह आरोप भी लगाया गया कि पुलिस ने मुस्तैन से मारपीट भी की और उसे अवैध हिरासत में रखा। हाईकोर्ट ने वारंट अफसर नियुक्त कर मुस्तैन को हाईकोर्ट में पेश करने को कहा था, लेकिन वह थाने में तो नहीं मिला, लेकिन उसकी लाश कुरुक्षेत्र में जरूर मिली। इसी कारण इस मामले को महत्व देते हुए बेंच ने जांच सीबीआई के हवाले की है।