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गृह सचिव को भेजी जाने वाली रिपोर्ट बढ़ाएगी पंजाब की मुश्किलें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 27 Feb 2017 01:42 AM IST
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नगर निगम, चंडीगढ़
- फोटो : Demo pic
अधिकारियों की कमी पर यूटी प्रशासन मंगलवार को गृह मंत्रालय (एमएचए) को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। प्रशासन ने जो रिपोर्ट तैयार की है उससे पंजाब की मुश्किलें बढ़ेंगी।
पहली बार एमएचए ने अधिकारियों की कमी के साथ पंजाब और हरियाणा कोटे के पदों का ब्योरा मांगा है। एमएचए के आदेशों पर प्रशासन ने अधिकारियों का ब्योरा तैयार भी कर लिया है। मंगलवार को यूनियन होम सेक्रेटरी को यह रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
चर्चा के बाद फिर पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी के सामने इसे रखा जाएगा। चंडीगढ़ में पंजाब कोटे के 4 आईएएस और कई पीसीएस के पद लंबे समय से खाली हैं। बार-बार रिमाइंडर के बाद भी पंजाब की ओर से अधिकारियों का पैनल नहीं भेजा गया। वित्त सचिव और एसएसपी के लिए जो पैनल भेजा उसमें पदोन्नत हुए अधिकारियों के नाम होने से दोनों पैनल वापस भेज दिए गए। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार यूटी में केवल सीधे तौर पर भर्ती हुए आईएएस-आईपीएस अधिकारी को ही लगाया जा सकता है। इन सब बातों को प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है।
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इस समय वित्त सचिव के साथ दो अन्य आईएएस और कई पीसीएस अधिकारियों के पद खाली हैं। जिस कारण दूसरे अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। एक-एक अधिकारी 6 से 10 विभाग संभाल रहा है। फाइलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक साल पहले मार्च में चंडीगढ़ में 18 आईएएस अधिकारी तैनात थे। जो अभी तक की सबसे अधिक संख्या है। वर्तमान में केवल 12 आईएएस तैनात हैं।
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पहली बार एमएचए ने अधिकारियों की कमी के साथ पंजाब और हरियाणा कोटे के पदों का ब्योरा मांगा है। एमएचए के आदेशों पर प्रशासन ने अधिकारियों का ब्योरा तैयार भी कर लिया है। मंगलवार को यूनियन होम सेक्रेटरी को यह रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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चर्चा के बाद फिर पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी के सामने इसे रखा जाएगा। चंडीगढ़ में पंजाब कोटे के 4 आईएएस और कई पीसीएस के पद लंबे समय से खाली हैं। बार-बार रिमाइंडर के बाद भी पंजाब की ओर से अधिकारियों का पैनल नहीं भेजा गया। वित्त सचिव और एसएसपी के लिए जो पैनल भेजा उसमें पदोन्नत हुए अधिकारियों के नाम होने से दोनों पैनल वापस भेज दिए गए। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार यूटी में केवल सीधे तौर पर भर्ती हुए आईएएस-आईपीएस अधिकारी को ही लगाया जा सकता है। इन सब बातों को प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है।
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इस समय वित्त सचिव के साथ दो अन्य आईएएस और कई पीसीएस अधिकारियों के पद खाली हैं। जिस कारण दूसरे अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। एक-एक अधिकारी 6 से 10 विभाग संभाल रहा है। फाइलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। एक साल पहले मार्च में चंडीगढ़ में 18 आईएएस अधिकारी तैनात थे। जो अभी तक की सबसे अधिक संख्या है। वर्तमान में केवल 12 आईएएस तैनात हैं।
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एमएचए ने पूछे यह सवाल
Municipal Corporation office Chandigarh
- फोटो : File Photo
एमएचए ने पूछे यह सवाल
एमएचए ने प्रशासन से अधिकारियों के पदों का ब्योरा मांगा गया है। पूछा गया है कि रिक्त पदों को भरने के लिए क्या उपाय किए गए? क्या पंजाब और हरियाणा अपने कोटे के पद भरने में अनिच्छुक हैं, जबकि पंजाब रीआर्गेनाइजेशन एक्ट-1966 अनुसार यह अनिवार्य है।
सांसद किरण खेर की चिट्ठी के बाद मांगी रिपोर्ट
अधिकारियों की कमी पर सांसद किरण खेर ने गृृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी। अपनी चिट्ठी में सांसद ने पंजाब-हरियाणा द्वारा अधिकारी नहीं भेजने पर यूटी कैडर के अधिकारियों से पद भरने का आग्रह किया था। जिसके बाद एमएचए ने प्रशासन से अधिकारियों की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
एमएचए ने प्रशासन से अधिकारियों के पदों का ब्योरा मांगा गया है। पूछा गया है कि रिक्त पदों को भरने के लिए क्या उपाय किए गए? क्या पंजाब और हरियाणा अपने कोटे के पद भरने में अनिच्छुक हैं, जबकि पंजाब रीआर्गेनाइजेशन एक्ट-1966 अनुसार यह अनिवार्य है।
सांसद किरण खेर की चिट्ठी के बाद मांगी रिपोर्ट
अधिकारियों की कमी पर सांसद किरण खेर ने गृृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी। अपनी चिट्ठी में सांसद ने पंजाब-हरियाणा द्वारा अधिकारी नहीं भेजने पर यूटी कैडर के अधिकारियों से पद भरने का आग्रह किया था। जिसके बाद एमएचए ने प्रशासन से अधिकारियों की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।