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लड़कियों के बारे में क्या सोचते हैं चेतन भगत? सुनिए उन्हीं की जुबानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 17 Oct 2016 09:18 AM IST
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जाने-माने लेखक चेतन भगत
- फोटो : अमर उजाला
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देश के जाने माने लेखक चेतन भगत लड़कियों के बारे में क्या सोचते हैं, इसे लेकर एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुलकर बातचीत की। वे अपनी पुस्तक ‘वन इंडियन गर्ल’ के विमोचन के लिए चंडीगढ़ आए थे।
यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पहले मैं लड़कियों के बारे में सोचता था कि वे ड्रामा क्वीन होती हैं। लेकिन जब किताब पर काम करते हुए मैं 100 के करीब महिलाओं से जाकर मिला तो मेरी सोच में बदलाव आया।
मैंने देखा कि लड़कियां जान बूझकर सीन क्रिएट नहीं करती बल्कि वैसा प्राकृतिक रूप में उनके स्वभाव में आ जाता है। उन्होंने अपनी इस पुस्तक के बारे में भी पत्रकारों से बात की।
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उन्होंने बताया कि वह एक महिला के दृष्टिकोण से पुस्तक लिखना चाहते थे। इसलिए इस पुस्तक पर उनको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। वह कई महिलाओं से मिले भी और उनकी फेमिनिज्म के प्रति सोच भी बदली।
उन्होंने बताया कि त्रासदी यह है कि आधे से ज्यादा महिलाओं को नारीवाद शब्द का अर्थ ही नहीं पता। इसलिए समाज में बदलाव लाने के लिए उनका अपने अधिकारों प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है।
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यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पहले मैं लड़कियों के बारे में सोचता था कि वे ड्रामा क्वीन होती हैं। लेकिन जब किताब पर काम करते हुए मैं 100 के करीब महिलाओं से जाकर मिला तो मेरी सोच में बदलाव आया।
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मैंने देखा कि लड़कियां जान बूझकर सीन क्रिएट नहीं करती बल्कि वैसा प्राकृतिक रूप में उनके स्वभाव में आ जाता है। उन्होंने अपनी इस पुस्तक के बारे में भी पत्रकारों से बात की।
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उन्होंने बताया कि वह एक महिला के दृष्टिकोण से पुस्तक लिखना चाहते थे। इसलिए इस पुस्तक पर उनको बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। वह कई महिलाओं से मिले भी और उनकी फेमिनिज्म के प्रति सोच भी बदली।
उन्होंने बताया कि त्रासदी यह है कि आधे से ज्यादा महिलाओं को नारीवाद शब्द का अर्थ ही नहीं पता। इसलिए समाज में बदलाव लाने के लिए उनका अपने अधिकारों प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है।
चेतन बोले, राजनीति में छिन जाती है आजादी
जाने-माने लेखक चेतन भगत
- फोटो : अमर उजाला
राजनीति से जुड़े मुद्दों पर कॉलम लिखने वाले चेतन भगत बताते हैं कि राजनीति में जाने की उनकी कोई इच्छा नहीं है, क्योंकि उसके लिए नेताओं को 24 घंटे मिलना पड़ता है। आप आजादी से कुछ बोल भी नहीं पाते। एक तरह से आपकी आजादी छिन जाती है।
दूसरा सोशल मीडिया वर्तमान समय में सेलिब्रिटीज के लिए नेगेटिव रोल प्ले कर रहा है। अपनी किताबों पर फिल्में बनने पर उन्होंने कहा कि मैं खुशकिस्मत हूं जो मेरी किताबों पर फिल्में बन रही हैं। अभी हाफ गर्लफ्रेंड पर काम चल रहा है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं पब्लिसिटी के लिए नहीं बल्कि समाज में बदलाव लाने के लिए लिखता हूं।
दूसरा सोशल मीडिया वर्तमान समय में सेलिब्रिटीज के लिए नेगेटिव रोल प्ले कर रहा है। अपनी किताबों पर फिल्में बनने पर उन्होंने कहा कि मैं खुशकिस्मत हूं जो मेरी किताबों पर फिल्में बन रही हैं। अभी हाफ गर्लफ्रेंड पर काम चल रहा है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं पब्लिसिटी के लिए नहीं बल्कि समाज में बदलाव लाने के लिए लिखता हूं।
चेतन भगत ने सड़क पर नाई से करवाई शेव
जाने-माने लेखक चेतन भगत
- फोटो : अमर उजाला
अपनी लेखनी से युवाओं के दिल में राज करने वाले लेखक चेतन भगत ने प्रेस कॉफ्रेंस में जाने से पहले इंडस्ट्रियल एरिया फेज वन में सड़क पर एक नाई से शेव करवाई। इस दौरान उन्होंने सिटी ब्यूटीफुल के बारे में कुछ बातें साझा कीं।
वह शाम को करीब 5 बजे नाई के पास गए। उन्होंने बताया कि वहां और भी लोग इकट्ठा हो गए और सबने फोटोज भी खिंचवाई। अपने इस इंसिडेंट को उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया।
वह शाम को करीब 5 बजे नाई के पास गए। उन्होंने बताया कि वहां और भी लोग इकट्ठा हो गए और सबने फोटोज भी खिंचवाई। अपने इस इंसिडेंट को उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया।