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सोसायटी में रहने वाले लोगों को राहत, अब घरेलू दरों पर आएगा पानी का बिल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 01 Aug 2017 09:24 AM IST
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नगर निगम ने सेक्टर-48, 49, 50 और 51 की निजी सोसायटियों में रहने वाले हजारों परिवार को बड़ी राहत दी है। सोमवार को निगम के सदन की हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब निजी सोसाइटी के फ्लैट धारकों से पानी का बिल कामर्शियल के बजाय घरेलू दरों पर वसूला जाएगा। यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय सचिव अनुराग अग्रवाल को भेजा गया है। गौरतलब है कि इन सेक्टरों में कुल 120 सोसाइटी हैं, जिनमें 7800 मकान है। इन सोसायटियों में लगभग सवा लाख लोग रहते हैं।
भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल का कहना है कि साल 2015 में भी उन्होंने यह प्रस्ताव पास करवाया था। उस समय भी प्रशासन से मंजूरी मिल गई थी। इसके बावजूद निगम की ओर से यहां रहने वाले लोगों से पानी का कामर्शियल रेट चार्ज किया जा रहा था।
उनका कहना है कि जिन सोसायटियों ने अब तक प्रशासन से कंपलिशन प्रमाणपत्र नहीं लिया है उन्हें कामर्शियल बिल चार्ज किया जा रहा है। ऐसे में अब निर्णय लिया गया है कि कंपलिशन प्रमाणपत्र लेने के लिए सोसायटी को एक साल का समय दिया जाए तब तक घरेलू रेट ही चार्ज किया जाए। प्रशासन की मंजूरी मिलने के बाद फैसले को लागू कर दिया जाएगा।
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भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल का कहना है कि साल 2015 में भी उन्होंने यह प्रस्ताव पास करवाया था। उस समय भी प्रशासन से मंजूरी मिल गई थी। इसके बावजूद निगम की ओर से यहां रहने वाले लोगों से पानी का कामर्शियल रेट चार्ज किया जा रहा था।
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उनका कहना है कि जिन सोसायटियों ने अब तक प्रशासन से कंपलिशन प्रमाणपत्र नहीं लिया है उन्हें कामर्शियल बिल चार्ज किया जा रहा है। ऐसे में अब निर्णय लिया गया है कि कंपलिशन प्रमाणपत्र लेने के लिए सोसायटी को एक साल का समय दिया जाए तब तक घरेलू रेट ही चार्ज किया जाए। प्रशासन की मंजूरी मिलने के बाद फैसले को लागू कर दिया जाएगा।
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मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट के बिल की सीमा की तय
Chandigarh MC Meeting
मोबाइल, लैंडलाइन और इंटरनेट के बिल की सीमा की तय
सदन की बैठक में कमिश्नर सहित सीनियर अधिकारियों के मोबाइल, लैंडलाइन, डाटा कार्ड और इंटरनेट के बिल की सीमा तय कर दी जबकि पहले कमिश्नर, अतिरिक्त कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर के मोबाइल बिल की कोई सीमा तय नही थी।
अब कमिश्नर की सारी सुविधाओं के बिल की सीमा 7500 रुपये तय कर दी गई जबकि अतिरिक्त कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर और सचिव के बिल की सीमा 3500 रुपये तय कर दी गई। प्रशासन में सलाहकार की भी बिल की सीमा 7500 रुपये है।
मालूम हो इन सभी अधिकारियों को महंगे सरकारी मोबाइल फोन भी खरीदने की सुविधा है। जबकि मेयर और कमिश्नर के पीए को 1500 रुपये तक की सुविधा दी गई है। अन्य कर्मचारियों को एक हजार रुपये की बिल सीमा तय की गई है। जबकि नगर निगम के पार्षदों को मोबाइल और डाटा कार्ड की 2750 रुपये तक की सुविधा है।
कांग्रेस कार्यकाल में रुकी डे मार्केट को फिर से किया पास
मौलीजागरा के चरण सिंह कालोनी की थड़ा मार्केट जो कि साल 2012 में राजनीति की भेंट चढ़ गई थी और इस डे मार्केट का निर्माण साल 2012 के अगस्त माह की सदन की बैठक में कांग्रेस ने रुकवा दिया था। क्योंकि इस मार्केट के निर्माण को लेकर क्रेडिट वार शुरू हो गई थी। उस समय भाजपा ने विरोध भी किया था।
ऐसे में इस डे मार्केट का निर्माण फिर से शुरू करवाने का प्रस्ताव डिप्टी मेयर अनिल दूबे के प्रयास से फिर से सोमवार को पास कर दिया गया। यहां पर 136 लोगों के लिए डे मार्केट का निर्माण होना है। मार्केट के निर्माण के लिए छह माह का समय तय किया है। एक करोड़ 2 लाख रुपये में इस मार्केट का निर्माण होना है।
सदन की बैठक में कमिश्नर सहित सीनियर अधिकारियों के मोबाइल, लैंडलाइन, डाटा कार्ड और इंटरनेट के बिल की सीमा तय कर दी जबकि पहले कमिश्नर, अतिरिक्त कमिश्नर और ज्वाइंट कमिश्नर के मोबाइल बिल की कोई सीमा तय नही थी।
अब कमिश्नर की सारी सुविधाओं के बिल की सीमा 7500 रुपये तय कर दी गई जबकि अतिरिक्त कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, चीफ इंजीनियर, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर और सचिव के बिल की सीमा 3500 रुपये तय कर दी गई। प्रशासन में सलाहकार की भी बिल की सीमा 7500 रुपये है।
मालूम हो इन सभी अधिकारियों को महंगे सरकारी मोबाइल फोन भी खरीदने की सुविधा है। जबकि मेयर और कमिश्नर के पीए को 1500 रुपये तक की सुविधा दी गई है। अन्य कर्मचारियों को एक हजार रुपये की बिल सीमा तय की गई है। जबकि नगर निगम के पार्षदों को मोबाइल और डाटा कार्ड की 2750 रुपये तक की सुविधा है।
कांग्रेस कार्यकाल में रुकी डे मार्केट को फिर से किया पास
मौलीजागरा के चरण सिंह कालोनी की थड़ा मार्केट जो कि साल 2012 में राजनीति की भेंट चढ़ गई थी और इस डे मार्केट का निर्माण साल 2012 के अगस्त माह की सदन की बैठक में कांग्रेस ने रुकवा दिया था। क्योंकि इस मार्केट के निर्माण को लेकर क्रेडिट वार शुरू हो गई थी। उस समय भाजपा ने विरोध भी किया था।
ऐसे में इस डे मार्केट का निर्माण फिर से शुरू करवाने का प्रस्ताव डिप्टी मेयर अनिल दूबे के प्रयास से फिर से सोमवार को पास कर दिया गया। यहां पर 136 लोगों के लिए डे मार्केट का निर्माण होना है। मार्केट के निर्माण के लिए छह माह का समय तय किया है। एक करोड़ 2 लाख रुपये में इस मार्केट का निर्माण होना है।