रिहायशी इलाकों में चल रही इंडस्ट्री को सरकारी राहत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब सरकार ने मोहाली के रिहायशी इलाकों में चल रही इंडस्ट्री को बड़ी राहत दी है। सरकार ने मोहाली के करीब आधा दर्जन गांवों के रिहायशी इलाकों में चल रही इंडस्ट्री को शिफ्ट करने के लिए डेढ़ साल की मोहलत दे दी है।
हालांकि, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि इन क्षेत्रों में चल रही औद्योगिक इकाइयां तीन महीने में वहां से अपने यूनिट शिफ्ट करने का हलफिया बयान दें।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में उद्यमियों की समस्या को समझते हुए सरकार ने उनकी इकाइयों को रिहायशी इलाकों से शिफ्ट करने के लिए डेढ़ साल का समय दे दिया है। अदालती आदेश के बाद एक विस्थापित नीति भी तैयार कर ली है।
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल की पहल के बाद सरकार ने प्रभावित उद्यमियों के लिए कई राहत का एलान किया है। प्रवक्ता ने बताया कि ये इकाइयां गमाडा के अधीन पड़ने वाले गांव बलौंगी, दाऊं, बड़माजरा, बल्लोमाजरा, लांडरां और सनेटा के रिहायशी इलाकों में चल रही हैं।
इन्हें शिफ्ट करने को डेढ़ साल तक का समय देने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। रिहायशी इलाकों से शिफ्ट होने वाली करीब चार दर्ज औद्योगिक इकाइयों को गमाडा और पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन की ओर से उपलब्ध करवाए गए औद्योगिक प्लॉटों में से अपनी पसंद का प्लॉट लेने की इजाजत दी जाएगी।
आवेदन पत्र देने वाले उद्यमियों को पात्रता, शर्तों व नियमों के मुताबिक प्लॉट दिए जाएंगे, लेकिन उन्हें हर हाल में अपनी मौजूदा औद्योगिक इकाई डेढ़ साल में बंद करनी होगी। मोहाली के मास्टर प्लान के अधीन बनाए औद्योगिक जोन या गमाडा के क्षेत्रीय प्लान के अधीन डेढ़ साल में अपने स्तर पर जमीन खरीदने वालों से चेंज ऑफ लैंड यूज नहीं लिया जाएगा।
एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज भी नहीं लिया जाएगा। इनसे लाइसेंस फीस और बिल्डिंग प्लान अप्रूवल फीस (लेबर सेस के बिना) भी नहीं ली जाएगी, लेकिन पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से एनओसी उद्यमियों को खुद लेना होगा।