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चंडीगढ़ः सेक्टर19 के रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडरों को हाईकोर्ट ने दी राहत, बने रहेंगे स्थान पर
Tue, 01 Jan 2019 10:52 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 01 Jan 2019 10:52 AM IST
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स्ट्रीट वेंडर
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चंडीगढ़ सेक्टर-19 के रजिस्टर्ड वेंडरों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन और एमसी को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। साथ ही नगर निगम में रजिस्टर्ड 46 वेंडरों को बड़ी राहत देते हुए 17 जनवरी तक उन्हें उनके स्थान से हटाने पर रोक लगा दी है। सेक्टर-19 में कई रजिस्टर्ड वेंडर हैं, जो पिछले कई सालों से यहां पर बैठ रहे हैं। वेंडर्स ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें हटाए जाने और रविवार को हुए ड्रा को चुनौती दी है।
दायर याचिका में रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर्स ने कहा कि याची दो से तीन दशकों से सेक्टर-19 में काम कर रहे हैं और उनका परिवार भी यहां आकर लंबे अरसे से बसा हुआ है। मार्केट में वेंडिंग ही उनके और उनके परिवार के भरण-पोषण का एक मात्र साधन है। किसी के आजीविका के अधिकार का उल्लंघन न हो इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट बनाया था। इस एक्ट के तहत वेंडर्स को लाइसेंस देना, सर्वे करना और वेंडिंग को नियंत्रित करने का सारा क्रम निर्धारित किया गया है।
इसी एक्ट के तहत निगम ने उनके आईडी कार्ड भी बनाए हैं बावजूद इसके निगम के अधिकारी अब उन्हें हटा रहे हैं जो गलत है। चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन ने एक्ट का उल्लंघन किया है। एक्ट के तहत अगर किसी को एक जगह से हटाया जाता है तो उन्हें अन्य बेहतर जगह रोजगार के लिए मुहैया करवाना अनिवार्य होता है। 19 की मार्केट से सिर्फ उन्हें हटाया जा रहा है लेकिन अन्य कोई जगह ही नहीं दी जा रही है। एक्ट के तहत शहर के स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे किया जाना था लेकिन यह सर्वे भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा है।
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याची 15-30 वर्षों से मार्केट में अपना काम कर रहे हैं लेकिन सर्वे में कई ऐसे लोगों को प्राथमिक दे दी गई है, जिन्हें अभी यहां पर आए हुए कुछ महीने ही हुए हैं। इस प्रकार याचिकाकर्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। साथ ही याची ने टाउन वेंडिंग कमेटी में वेंडरों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं होने को भी चुनौती दी है। हाईकोर्ट को बताया गया कि रविवार को वेंडर्स को वेंडिंग जोन में बैठाने के लिए जो ड्रा निकाला गया, उसमे भी कई नियमों का उलंघन किया है। इस ड्रा में सिर्फ उन्ही वेंडर्स को शामिल किया गया है जिनके पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड है जबकि यह सीधे तौर पर गलत है।
इस तरह वेंडिंग जोन अलॉटमेंट के लिए आरक्षण कर दिया गया और वह भी शत प्रतिशत। सुप्रीम कोर्ट ही तय कर चुका है कि आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। इस लिहाज से इस ड्रा में अन्य को भी शामिल किया जाना चाहिए।
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दायर याचिका में रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर्स ने कहा कि याची दो से तीन दशकों से सेक्टर-19 में काम कर रहे हैं और उनका परिवार भी यहां आकर लंबे अरसे से बसा हुआ है। मार्केट में वेंडिंग ही उनके और उनके परिवार के भरण-पोषण का एक मात्र साधन है। किसी के आजीविका के अधिकार का उल्लंघन न हो इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने स्ट्रीट वेंडर एक्ट बनाया था। इस एक्ट के तहत वेंडर्स को लाइसेंस देना, सर्वे करना और वेंडिंग को नियंत्रित करने का सारा क्रम निर्धारित किया गया है।
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इसी एक्ट के तहत निगम ने उनके आईडी कार्ड भी बनाए हैं बावजूद इसके निगम के अधिकारी अब उन्हें हटा रहे हैं जो गलत है। चंडीगढ़ नगर निगम और प्रशासन ने एक्ट का उल्लंघन किया है। एक्ट के तहत अगर किसी को एक जगह से हटाया जाता है तो उन्हें अन्य बेहतर जगह रोजगार के लिए मुहैया करवाना अनिवार्य होता है। 19 की मार्केट से सिर्फ उन्हें हटाया जा रहा है लेकिन अन्य कोई जगह ही नहीं दी जा रही है। एक्ट के तहत शहर के स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे किया जाना था लेकिन यह सर्वे भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा है।
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याची 15-30 वर्षों से मार्केट में अपना काम कर रहे हैं लेकिन सर्वे में कई ऐसे लोगों को प्राथमिक दे दी गई है, जिन्हें अभी यहां पर आए हुए कुछ महीने ही हुए हैं। इस प्रकार याचिकाकर्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है। साथ ही याची ने टाउन वेंडिंग कमेटी में वेंडरों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं होने को भी चुनौती दी है। हाईकोर्ट को बताया गया कि रविवार को वेंडर्स को वेंडिंग जोन में बैठाने के लिए जो ड्रा निकाला गया, उसमे भी कई नियमों का उलंघन किया है। इस ड्रा में सिर्फ उन्ही वेंडर्स को शामिल किया गया है जिनके पास चंडीगढ़ का आधार कार्ड है जबकि यह सीधे तौर पर गलत है।
इस तरह वेंडिंग जोन अलॉटमेंट के लिए आरक्षण कर दिया गया और वह भी शत प्रतिशत। सुप्रीम कोर्ट ही तय कर चुका है कि आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। इस लिहाज से इस ड्रा में अन्य को भी शामिल किया जाना चाहिए।