जीएसटी को लेकर नई जानकारी आई सामने, 20 हजार कारोबारियों को मिलेगी राहत, जानें कैसे
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चंडीगढ़ के करीब 20 हजार कारोबारियों को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तीन रिटर्न भरने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। जनवरी 2020 से कारोबारियों को तीन की जगह केवल एक ही रिटर्न फाइल भरनी होगी। नए प्रारूप का नाम आरईटी-1 होगा। लोगों को प्रशिक्षण देने के लिए जीएसटी पोर्टल पर जुलाई 2019 से ट्रायल शुरू किया जाएगा।
जीएसटी फाइल करना कारोबारियों के लिए किसी समस्या से कम नहीं है। लोकसभा चुनाव के दौरान जीएसटी फाइल करने के सिस्टम में बदलाव की बात कही गई थी। अब सरकार ने कारोबारियों को जीएसटी भरने में बड़ी राहत दी है। कारोबारियों के लिए जीएसटीआर 1, 2 और 3 लागू किए गए थे।
व्यापारियों के विरोध के चलते इसमें केवल एक ही लागू हो सका था। यही नहीं, तब से इसका विरोध भी लगातार चल रहा था। इसके अलावा टैक्स कलेक्शन के लिए जीएसटीआर 3बी रिटर्न अस्थायी रूप से जारी किया गया है।
बताया जाता है कि वर्तमान में लागू सभी रिटर्न आगामी दिसंबर माह से खत्म हो जाएंगे। जनवरी में इसकी जगह आरईटी-1 लागू हो जाएगा। जनवरी 2019 का रिटर्न 20 जनवरी 2020 तक अनिवार्य रूप से भरना होगा।
इसके साथ जीएसटी का नया प्रारूप लागू हो जाएगा। इसके अलावा तिमाही में रिटर्न दाखिल करने वालों को भी 20 जनवरी तक अपना रिटर्न दाखिल करना जरूरी होगा। इस संदर्भ में असिस्टेंट एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी का कहना है कि आरईटी-1 लागू होने से कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
पीएमटी-08 करना होगा दाखिल
तीन महीने में रिटर्न भरने वाले कारोबारियों को अब नवंबर में रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। इन लोगों को 20 जनवरी तक अनिवार्य रूप से रिटर्न दाखिल करना होगा। 3बी की जगह अब इन्हें पीएमटी-08 फाइल करना है।
ऐसे होगी इनवाइस अपलोड
नए रिटर्न आरईटी-1 के दो संलग्नक होंगे। इनका नाम एनएक्स-1 और एनएक्स-2 दिया गया है। जनवरी से एनएक्स-1 पर हर महीने आने वाली 10 तारीख तक इनवाइस लोड करनी होगी। ऑफलाइन की भी सुविधा मिलेगी। कारोबारी एनएक्स-1 में जो ब्योरा अपलोड करेंगे, उसे एनएक्स-2 में देखा जा सकेगा।