{"_id":"69fd720128dd235f1d07c29a","slug":"relief-for-trident-group-from-high-court-stay-on-pollution-board-action-granting-30-day-opportunity-2026-05-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ट्राइडेंट ग्रुप को राहत: PPCB की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, बागी सांसद राजिंदर गुप्ता की है कंपनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्राइडेंट ग्रुप को राहत: PPCB की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, बागी सांसद राजिंदर गुप्ता की है कंपनी
Fri, 08 May 2026 10:48 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 08 May 2026 10:48 AM IST
सार
कोर्ट ने कहा कि जब तक गंभीर पर्यावरणीय आपातस्थिति साबित न हो, कंपनी को कमियां दूर करने का उचित अवसर देना अनिवार्य है। जरूरत पड़ने पर एनजीटी जाने की भी छूट दी गई है।
विज्ञापन
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाईकोर्ट ने ट्राइडेंट ग्रुप को बड़ी राहत देते हुए पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि 30 दिन का माैका दिए बिना सख्ती नहीं होगी।
कोर्ट ने कहा कि जब तक गंभीर पर्यावरणीय आपातस्थिति साबित न हो, कंपनी को कमियां दूर करने का उचित अवसर देना अनिवार्य है। जरूरत पड़ने पर एनजीटी जाने की भी छूट दी गई है।
आप से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता की कंपनी ट्राइडेंट ने बोर्ड की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि जब तक गंभीर पर्यावरणीय आपातस्थिति साबित न हो, कंपनी को कमियां दूर करने का उचित अवसर देना अनिवार्य है। जरूरत पड़ने पर एनजीटी जाने की भी छूट दी गई है।
विज्ञापन
आप से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता की कंपनी ट्राइडेंट ने बोर्ड की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया था।
कंपनी की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया था कि 30 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे 30 सदस्यीय टीम का निरीक्षण सामान्य जांच नहीं बल्कि दबाव बनाने की कार्रवाई थी। ट्राइडेंट ने अदालत में तर्क दिया कि 7 अप्रैल और 13 अप्रैल तक कंपनी को आवश्यक अनुमति मिली थी और हालिया निरीक्षणों में अनुपालन संतोषजनक पाया गया था। ऐसे में अचानक कार्रवाई पर सवाल उठते हैं। कंपनी का कहना है कि संस्थापक की राजनीतिक निष्ठा में बदलाव के बाद ही यह कदम उठाया गया जिससे कार्रवाई प्रतिशोधपूर्ण प्रतीत होती है।
पीपीसीबी ने कंपनी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यह केवल नियमित निरीक्षण था। बोर्ड ने छापा शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बड़े औद्योगिक इकाइयों की जांच उसकी सामान्य प्रक्रिया है और हाल के महीनों में सैकड़ों निरीक्षण किए गए हैं।
पीपीसीबी ने कंपनी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यह केवल नियमित निरीक्षण था। बोर्ड ने छापा शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बड़े औद्योगिक इकाइयों की जांच उसकी सामान्य प्रक्रिया है और हाल के महीनों में सैकड़ों निरीक्षण किए गए हैं।