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व्यापारियों को मिली राहत, रेजिडेंट्स पर टैक्स की मार
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:44 AM IST
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टैक्स
- फोटो : Demo
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नए वित्तीय सत्र में (एक अप्रैल से) शहर के व्यापारियों को तो सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत कामर्शियल टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी, लेकिन रेजिडेंट्स को अपने घरों के टैक्स पर कोई छूट नहीं मिलेगी। जबकि प्रशासन की ओर से पिछले साल हाउस टैक्स पर 20 से 40 प्रतिशत तक छूट दी गई थी।
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यह प्रशासन की ओर से शहरवासियों को प्रोत्साहन और टैक्स अदा करने की आदत डालने के नाम पर किया गया था। लेकिन इस बार प्रशासन शहरवासियों को भारी भरकम हाउस टैक्स में छूट देने के पक्ष में नहीं है।
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नगर निगम अपने आप छूट देने का फैसला इसलिए नहीं ले पा रहा, क्योंकि प्रशासन ने यह हाउस टैक्स शहरवासियों पर थोपा था जबकि नगर निगम टैक्स लगाने के लिए तैयार नहीं था। स्मार्ट सिटी के चक्कर में शहरवासियों पर हाउस टैक्स लगाया गया था लेकिन स्मार्ट सिटी के टॉप-20 से चंडीगढ़ पहले ही बाहर हो चुका है।
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पिछला टारगेट भी नहीं हुआ है पूरा: हाउस टैक्स से नगर निगम अब तक साढ़े चार करोड़ की राशि कमा चुका है। नगर निगम के अनुसार 80 हजार हाउस टैक्स पेयर हैं, जिनमे से अभी तक 30 हजार से ज्यादा का हाउस टैक्स जमा हो चुका है। प्रशासन ने पिछले साल 12 अगस्त को शहरवासियों पर हाउस टैक्स लगाया था।
प्रशासन का पहले साल 10 करोड़ रुपये हाउस टैक्स से इकट्ठा करने का टारगेट था। लेकिन नगर निगम टारगेट पूरा नहीं कर पाया है। नगर निगम के अनुसार जिन लोगों ने टैक्स जमा नहीं करवाया है उनसे अब 25 प्रतिशत अतिरिक्त हाउस टैक्स लिया जाएगा और इसमे 12 प्रतिशत ब्याज भी अलग से चार्ज किया जाएगा। लोग ओबीसी, स्टेट बैंक आफ पटियाला की सभी शाखाओं के अलावा अपने नजदीक ई संपर्क सेंटर में हाउस टैक्स जमा करवा सकते हैं।
सदन की बैठक में गरमाएगा मामला: प्रशासन ने पूर्व फौजियों को राहत देने की मांग को खारिज कर दिया है। आर्मी पर्सन्स पंजाब की तर्ज पर हर एरिया के मकान को हाउस टैक्स पर छूट देने की मांग कर रहे हैं, जबकि प्रशासन सिर्फ 12 मरले तक के मकान में रहने वालों को हाउस टैक्स से छूट दी गई थी। लेकिन यह छूट भी उन आर्मी अधिकारियों को मिलेगी जिन्होंने किराएदार नहीं रखे हैं।
शहर में इस समय पूर्व फौजियों के 12 हजार परिवार हैं। रिटायर्ड मेजर एवं मनोनीत पार्षद डीएस संधू का कहना है कि फौजी परिवार वालों में प्रशासन के प्रति भारी रोष है। वह इस मामले को आने वाली सदन की बैठक में भी उठाएंगे। उनका कहना है कि वह कोई अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं बल्कि पंजाब में जो सुविधा मिल रही है उसकी ही मांग कर रहे हैं।
राजीव गुप्ता, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम ने बताया कि व्यापारी सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत एक अप्रैल से कामर्श्यल टैक्स जमा करवा सकते हैं उन्हें दस प्रतिशत छूट मिलेगी । लेकिन अभी हाउस टैक्स पर छूट देने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्रशासन ही इस पर निर्णय लेगा।
अरुण सूद, मेयर ने बताया कि इस बारे में जल्द ही प्रशासन के आला अधिकारियों से बात करेंगे कि पिछले साल की तरह से इस बार भी शहरवासियों को हाउस टैक्स पर 40 प्रतिशत छूट मिलनी चाहिए।