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Hindi News ›   Chandigarh ›   Released 'Shun Se Maha Shatak' written on Sachin, his duplicates also came from Mumbai

सचिन पर लिखी ‘शून्य से महाशतक’ का विमोचन, मुंबई से उनके डुप्लीकेट भी पधारे

Sun, 08 May 2022 01:54 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 08 May 2022 01:54 AM IST
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Released 'Shun Se Maha Shatak' written on Sachin, his duplicates also came from Mumbai
राजेंद्र ठकराल की सचिन तेंदुलकर पर लिखी किताब का विमोचन करते उनके डुप्लीकेट बलबीर। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। शहर के राजिंदर कुमार ठकराल की ओर से सचिन तेंडुलकर पर लिखी पुस्तक ‘शून्य से महाशतक’ का शनिवार को सेक्टर-18 स्थित न्यू पब्लिक स्कूल में विमोचन हुआ। इस अवसर पर मुंबई से विशेष तौर पर सचिन के डुप्लीकेट बलबीर भी पहुंचे। नवांशहर के पास सालहो गांव के रहने वाले बलबीर ने कहा कि सचिन पर लिखी पुस्तक के विमोचन के दौरान उपस्थित रहना मेरे लिए सम्मान की बात है। इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थी भी मौजूद रहे। अपने बीच सचिन के डुप्लीकेट को पाकर बच्चे काफी खुश हुए।
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राजिंदर ने बताया कि इस किताब को लिखने में दो साल का समय लगा। लॉकडाउन में मास्टर ब्लास्टर पर किताब लिखनी शुरू की थी। अपने करीबी मित्रों और क्रिकेट के जानकारों से सचिन से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जानकारी हासिल की और इसके बाद किताब लिखने में कामयाब रहा। राजिंदर ने बताया कि अब वह इस किताब को मुंबई सचिन तेंदुलकर के पास भेज रहे हैं। वह इस पुस्तक को पढ़ने के बाद उस पर हस्ताक्षर कर वापस भेजेंगे। इसके लिए सचिन के मैनेजर से बात हो चुकी है।
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सचिन मेरे रॉल मॉडल, बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहता हूं
राजिंदर ने कहा,‘मैंने कभी क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन अपने बेटे को सचिन तेंदुलकर की तरह क्रिकेटर बनाना चाहता हूं। सचिन मेरे रोल मॉडल हैं, इसलिए मैंने आठ वर्षीय बेटे का नाम भी सचिन के बेटे अर्जुन के नाम पर ही अर्जुन रखा है।’ उन्होंने बताया कि जब सचिन ने ग्वालियर में अपना पहला यादगारी दोहरा शतक जमाया था तो उसी स्टेडियम को मद्देनजर रखते हुए लकड़ी और प्लाई से वैसा ही स्टेडियम तैयार कर दिया ताकि वह लम्हा यादगार बन जाए। स्टेडियम में पिच, खिलाड़ी, लाइटें सभी कुछ बनाया था। इसे बनाने में चार महीने लगे थे।
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मेरी शक्ल ही मेरी रोजी रोटी है
सचिन के डुप्लीकेट बलबीर ने कहा कि सचिन से मिलती शक्ल की बदौलत उनकी रोजी-रोटी चल रही है। सचिन तेंदुलकर से शक्ल मिलना गौरव की बात है। पिछले 30 सालों से सचिन के साथ स्पोर्ट के तौर उनकी एड की हर शूटिंग में उनके साथ होता हूं। उन्होंने बताया कि वह नवांशहर के पास सालहो गांव के रहने वाले हैं। नौकरी के लिए मुंबई चले गए। वहां प्राइवेट काम किया, लेकिन कोविड में वह छूट गया था अब शूटिंग से घर का खर्चा चलता है।

... जब गावस्कर रह गए थे दंग
बलबीर ने बताया कि वर्ष 1998 में भारत और पाकिस्तान का मैच देखने के लिए स्टेडियम में पहुंचे थे। वहां पर दर्शकों के साथ स्टैंड पर बैठकर वह मैच देख रहे थे। मैच कवर कर रहे एक कैमरे की नजर उन पर पड़ी। जैसे ही बड़ी स्क्रीन पर मेरे शक्ल दिखाई गई तो उस समय मैच कर कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर भी दंग रह गए। उस समय उन्होंने कहा कि सचिन मैच खेल रहे हैं, फिर वह कैसे दर्शक स्टैंड में बैठ सकते हैं। उन्होंने फौरन किसी को भेज कर कमेंट्री बॉक्स में बुलाया और मेरा इंटरव्यू भी लाइव दिखाया। इसके बाद क्रिकेट की दुनिया के प्रशंसकों के बीच सचिन के डुप्लीकेट के तौर पर पहचाना जाता हूं।
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