Jalandhar News: सिविल अस्पताल में ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद मरीज की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
घटना के बाद देर रात पुलिस हंगामा करने वालों को साथ ले गई थी। जब एसीपी सेंट्रल निर्मल सिंह ने उनसे बात की तो परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद एसीपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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जालंधर के शहीद बाबू लाभ सिंह सिविल अस्पताल में मंगलवार रात 9:10 बजे मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ की तो पुलिस बुलानी पड़ी, जिसने बड़ी मशक्कत के बाद परिजनों को शांत करवाया।
जानकारी के मुताबिक परमजीत सिंह निवासी बस्ती गुजां पिछले 25 दिनों से सिविल अस्पताल में भर्ती था और मंगलवार को टूटे पैर का ऑपरेशन हुआ था। परमजीत की पत्नी जसविंदर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद रात करीब नौ बजे पति दर्द से कराह रहे थे तो डॉक्टर को बुलाया।
डॉक्टर ने एक साथ दो इंजेक्शन दिए, जिसके तुरंत बाद वह सो गए। उन्हें लगा कि पति को नींद आ गई लेकिन जब नब्ज टटोली तो उनकी मौत हो चुकी थी। जब डॉक्टरों ने परमजीत को चेक करने के बाद मौत की बात कही तो गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर दिया और तोड़फोड़ करते हुए स्टाफ रूम के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा, जिस दौरान परिजन पुलिस से भी भिड़ गए और करीब ढाई घंटे बाद रात साढ़े 12 बजे पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया।
ड्यूटी डॉक्टर प्रिया ने कहा कि ऑपरेशन के बाद परिजनों से कहा था कि मरीज को पानी नहीं देना है लेकिन वह देते रहे, जब उन्होंने इंजेक्शन लगाया तब तक मरीज को नब्ज काफी धीमी हो चुकी थी। उन्होंने तो मरीज को सिर्फ घबराहट का इंजेक्शन दिया था, उधर हड्डियों के डॉक्टर जसविंदर ने भी कहा कि इंजेक्शन ऐसा नहीं था कि जिसके लगाते ही मरीज की मौत हो जाए। ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने कहा कि अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है।
घटना के बाद देर रात पुलिस हंगामा करने वालों को साथ ले गई थी। जब एसीपी सेंट्रल निर्मल सिंह ने उनसे बात की तो परिजनों ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई के लिए शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद एसीपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मौत किसकी लापरवाही से हुई है, अब इसकी जांच तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड करेगा। शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है और एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है। अस्पताल में तोड़फोड़, डॉक्टर और स्टाफ से दुर्व्यवहार करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजीव शर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, सिविल अस्पताल।