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Chandigarh News: नियमित अध्यापकों को तबादला नीति में किया शामिल
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हरियाणा कैबिनेट ने शिक्षक तबादला नीति 2023 के मसौदे को दी मंजूरी
पति-पत्नी दोनों शिक्षा विभाग में हैं तो दस अंकों के लिए एक को मिलेगा लाभ, पहले केवल महिला को मिलता था पांच अंकों का लाभ
राज्य व राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का तबादलों में नहीं मिलेगा लाभ
जोन की अवधारणा समाप्त, पंचकूला के मोरनी क्षेत्र व नूंह जिले में इच्छुक अध्यापकों को मिलेगा दस प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता
प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापक को ही मिलेगा अच्छे परीक्षा परिणाम का लाभ
शिक्षक तबादलों के लिए 2016 व 2017 में बनीं नीतियों को किया रद्द
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शिक्षक तबादला नीति 2023 को शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी। नई नीति में सबसे बड़ी राहत अतिथि अध्यापकों को मिली है। इन अध्यापकों को तबादला नीति में शामिल किया है। अब नियमित अध्यापक की तरह से अतिथि अध्यापक भी तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही पति-पत्नी के केस में महिला शिक्षक को मिलने वाले पांच अंकों की नीति को बदलकर पति या पत्नी किसी एक को दस अंक दिए जाएंगे। जोन की अवधारणा समाप्त करने व एक स्कूल में एक अध्यापक पांच साल तक रहने के नियम पर भी मुहर लगा दी है। साथ ही राज्य व राष्ट्रीय शिक्षक के लिए तबादले में अंक नहीं मिलेंगे। नई नीति में पंचकूला के मोरनी व नूंह जिले में तैनाती के इच्छुक शिक्षकों को दस प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता देने का भी प्रावधान किया है। अच्छे परीक्षा परिणाम का लाभ केवल प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापक को ही दिया जाएगा। सरकार ने पांच जून, 2017 व शिक्षक स्थानांतरण नीति, 2016 को निरस्त कर दिया। सरकार का दावा है कि नई नीति में छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने, कर्मचारियों में नौकरी की संतुष्टि को बढ़ाने और निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से शिक्षकों व स्कूलों के प्रमुखों का न्यायसंगत, मांग-आधारित वितरण सुनिश्चित किया है।
ये किए नए प्रावधान
- राज्य शिक्षक पुरस्कार और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के आधार पर जोन व अंकों की अवधारणा को समाप्त किया।
- नई नीति के अनुसार शिक्षक अपने सेवा काल के दौरान एक स्कूल में अधिकतम पांच साल तक रह सकता है।
- पात्र नियमित शिक्षक और अतिथि शिक्षकों को न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लॉक चुनने का मिलेगा। इसके लिए राज्य काडर और जिला काडर पदों के लिए विशेष जिले के सभी ब्लॉक के लिए न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लॉक का विकल्प मांगा जाएगा।
- नियमित और अतिथि शिक्षकों दोनों की पसंद पर विचार करके प्रत्येक पद हेतु प्रत्येक ब्लॉक के लिए सामान्यीकरण किया जाएगा। अतिथि व नियमित अध्यापक मामले में किसी सरकारी विभाग में कार्यरत महिला या पुरुष को पति-पत्नी मामले में अधिकतम पांच अंक दिए जाएंगे।
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- जिला काडर होने के कारण टीजीटी के मामले में सी एंड वी शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी।
- माध्यमिक स्कूल मुखिया का तबादला टीजीटी के विरुद्ध भी किया जा सकेगा।
- अच्छे परिणाम प्रदर्शन का लाभ केवल प्रिंसिपल और हेड मास्टर को स्कूल के परिणाम के आधार पर देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
- 80 से कम संख्या वाले विषयों के शिक्षकों (पीजीटी/टीजीटी/सी एंड वी) को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के कारण अनिवार्य रूप से प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
- कोई शिक्षक पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र या पलवल जिले के हथीन शैक्षिक खंड या नूंह जिले में स्थित स्कूल में तैनात होने का इच्छुक है। उसने मोरनी क्षेत्र और पलवल, नूंह, फरीदाबाद या गुरुग्राम के मामले में न तो पंचकूला को अपना गृह जिला घोषित किया और न ही इन क्षेत्रों से 10वीं या 12वीं पास की है। ऐसे में नियमित शिक्षकों को मूल वेतन का अतिरिक्त 10 प्रतिशत जमा महंगाई भत्ता दिया जाएगा और अतिथि अध्यापकों को 10,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
- आयु व विशेष कारकों के अंक अधिकतम 80 होंगे।
- प्रिंसिपल को दसवीं व बारहवीं और मुख्य अध्यापक को दसवीं के अंकों में उत्तीर्ण प्रतिशत के अंकों के आधार पर विचार किया जाएगा। यदि पति और पत्नी दोनों शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, तो 10 अंकों के लाभ का दावा उनमें से कोई एक कर सकता है।
- स्थानांतरण नीति 2023 की दुर्बल विकार की बीमारी की सूची में क्रोनिक हृदय रोग और क्रोनिक धमनी रोग, क्रोनिक रीनल फेल्योर, ब्रेन ट्यूमर, विभिन्न अंगों की घातकता, पैरापलेजिया/क्वाड्रिप्लेजिया/हेमिप्लेजिया, मल्टीपल स्केलेरोसिस, मिस्थेनिया ग्रेविस, पार्किंसंस रोग, थैलेसीमिस शामिल हैं। हीमोफीलिया, अप्लास्टिक एनेमिस, मयेलोडिस्प्लास्टिक विकार एड्स, लिवर और किडनी प्रत्यारोपण, सिस्टिक फाइब्रोसिस और टाइप -1 मधुमेह शामिल है।
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पति-पत्नी दोनों शिक्षा विभाग में हैं तो दस अंकों के लिए एक को मिलेगा लाभ, पहले केवल महिला को मिलता था पांच अंकों का लाभ
राज्य व राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का तबादलों में नहीं मिलेगा लाभ
जोन की अवधारणा समाप्त, पंचकूला के मोरनी क्षेत्र व नूंह जिले में इच्छुक अध्यापकों को मिलेगा दस प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता
प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापक को ही मिलेगा अच्छे परीक्षा परिणाम का लाभ
शिक्षक तबादलों के लिए 2016 व 2017 में बनीं नीतियों को किया रद्द
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शिक्षक तबादला नीति 2023 को शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी। नई नीति में सबसे बड़ी राहत अतिथि अध्यापकों को मिली है। इन अध्यापकों को तबादला नीति में शामिल किया है। अब नियमित अध्यापक की तरह से अतिथि अध्यापक भी तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही पति-पत्नी के केस में महिला शिक्षक को मिलने वाले पांच अंकों की नीति को बदलकर पति या पत्नी किसी एक को दस अंक दिए जाएंगे। जोन की अवधारणा समाप्त करने व एक स्कूल में एक अध्यापक पांच साल तक रहने के नियम पर भी मुहर लगा दी है। साथ ही राज्य व राष्ट्रीय शिक्षक के लिए तबादले में अंक नहीं मिलेंगे। नई नीति में पंचकूला के मोरनी व नूंह जिले में तैनाती के इच्छुक शिक्षकों को दस प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता देने का भी प्रावधान किया है। अच्छे परीक्षा परिणाम का लाभ केवल प्रिंसिपल व मुख्य अध्यापक को ही दिया जाएगा। सरकार ने पांच जून, 2017 व शिक्षक स्थानांतरण नीति, 2016 को निरस्त कर दिया। सरकार का दावा है कि नई नीति में छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने, कर्मचारियों में नौकरी की संतुष्टि को बढ़ाने और निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से शिक्षकों व स्कूलों के प्रमुखों का न्यायसंगत, मांग-आधारित वितरण सुनिश्चित किया है।
ये किए नए प्रावधान
- राज्य शिक्षक पुरस्कार और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के आधार पर जोन व अंकों की अवधारणा को समाप्त किया।
- नई नीति के अनुसार शिक्षक अपने सेवा काल के दौरान एक स्कूल में अधिकतम पांच साल तक रह सकता है।
- पात्र नियमित शिक्षक और अतिथि शिक्षकों को न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लॉक चुनने का मिलेगा। इसके लिए राज्य काडर और जिला काडर पदों के लिए विशेष जिले के सभी ब्लॉक के लिए न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लॉक का विकल्प मांगा जाएगा।
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- नियमित और अतिथि शिक्षकों दोनों की पसंद पर विचार करके प्रत्येक पद हेतु प्रत्येक ब्लॉक के लिए सामान्यीकरण किया जाएगा। अतिथि व नियमित अध्यापक मामले में किसी सरकारी विभाग में कार्यरत महिला या पुरुष को पति-पत्नी मामले में अधिकतम पांच अंक दिए जाएंगे।
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- जिला काडर होने के कारण टीजीटी के मामले में सी एंड वी शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी।
- माध्यमिक स्कूल मुखिया का तबादला टीजीटी के विरुद्ध भी किया जा सकेगा।
- अच्छे परिणाम प्रदर्शन का लाभ केवल प्रिंसिपल और हेड मास्टर को स्कूल के परिणाम के आधार पर देने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
- 80 से कम संख्या वाले विषयों के शिक्षकों (पीजीटी/टीजीटी/सी एंड वी) को पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के कारण अनिवार्य रूप से प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
- कोई शिक्षक पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र या पलवल जिले के हथीन शैक्षिक खंड या नूंह जिले में स्थित स्कूल में तैनात होने का इच्छुक है। उसने मोरनी क्षेत्र और पलवल, नूंह, फरीदाबाद या गुरुग्राम के मामले में न तो पंचकूला को अपना गृह जिला घोषित किया और न ही इन क्षेत्रों से 10वीं या 12वीं पास की है। ऐसे में नियमित शिक्षकों को मूल वेतन का अतिरिक्त 10 प्रतिशत जमा महंगाई भत्ता दिया जाएगा और अतिथि अध्यापकों को 10,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।
- आयु व विशेष कारकों के अंक अधिकतम 80 होंगे।
- प्रिंसिपल को दसवीं व बारहवीं और मुख्य अध्यापक को दसवीं के अंकों में उत्तीर्ण प्रतिशत के अंकों के आधार पर विचार किया जाएगा। यदि पति और पत्नी दोनों शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं, तो 10 अंकों के लाभ का दावा उनमें से कोई एक कर सकता है।
- स्थानांतरण नीति 2023 की दुर्बल विकार की बीमारी की सूची में क्रोनिक हृदय रोग और क्रोनिक धमनी रोग, क्रोनिक रीनल फेल्योर, ब्रेन ट्यूमर, विभिन्न अंगों की घातकता, पैरापलेजिया/क्वाड्रिप्लेजिया/हेमिप्लेजिया, मल्टीपल स्केलेरोसिस, मिस्थेनिया ग्रेविस, पार्किंसंस रोग, थैलेसीमिस शामिल हैं। हीमोफीलिया, अप्लास्टिक एनेमिस, मयेलोडिस्प्लास्टिक विकार एड्स, लिवर और किडनी प्रत्यारोपण, सिस्टिक फाइब्रोसिस और टाइप -1 मधुमेह शामिल है।