Punjab News: पंजाब में अब घर बैठे होगी रजिस्ट्री, नहीं लगाने पड़ेंगे डीसी दफ्तर और तहसील के चक्कर
पंजाब के लोगों के लिए अच्छी खबर हैं। अब उन्हें रजिस्ट्री कराने की खातिर सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बल्कि तहसीलदार गांवों में आकर खुद रजिस्ट्री करेंगे। यह एलान बुधवार को सीएम भगवंत मान ने किया।
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पंजाब में लोग अब घर बैठे ही रजिस्ट्री करवा सकेंगे। प्रत्येक जिले के डीसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जिले के अंतर्गत आने वाले गांवों को पांच से 10 गांवों के समूह में बांटा जाएगा। फिर तहसीलदार गांवों में जाकर रजिस्ट्री करेंगे। इससे पंजाब के लोगों को रजिस्ट्री कराने के लिए डीसी ऑफिस या तहसील के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
यह आदेश मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को पंजाब भवन में प्रदेश के सभी जिलों के डीसी के साथ हुई बैठक में दिया। इसमें सीएम ने जिलास्तरीय विकास कार्यों की रिपोर्ट तलब की। मुख्यमंत्री ने राज्य में घर-घर सेवाएं योजना को लागू करने पर जिलों की कारगुजारी पर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 43 नागरिक सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुंचाने में सरकार सफल रही है।
पराली निस्तारण योजना को लेकर सुझाव मांगे
सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) से पराली निस्तारण की योजना को लेकर फटकार के बाद पंजाब सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। सीएम ने प्रत्येक जिले के डीसी से पराली निस्तारण योजना को लेकर सुझाव मांगे हैं। सीएम ने कहा कि पराली एक बड़ी समस्या है, इसका प्रदेशवासियों को भी एकजुट होकर समाधान करना होगा। बता दें कि इस मामले में 22 फरवरी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई है। सरकार को पराली से जुड़े मुद्दे पर संशोधित एक्शन प्लान पेश करना है।
केंद्र ने पांच हजार करोड़ रुपये रोके: सीएम
सीएम मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने ग्रामीण विकास फंड का पांच हजार करोड़ रुपये रोक रखा है। इस वजह से 67 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का काम रुका हुआ है। इस मामले में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश वाई चंद्रचूड़ की अदालत में इस पर सुनवाई होगी।
150 नए आम आदमी क्लीनिक खुलेंगे
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को पंजाब भवन में प्रदेश के सभी जिलों के डीसी के साथ हुई बैठक में कहा कि राज्य में 664 आम आदमी क्लीनिक काम कर रहे हैं। इनमें 98 लाख के करीब मरीज इलाज का लाभ उठा चुके हैं। अब तक 40.50 करोड़ की दवाएं और 5.77 करोड़ के लैब टेस्ट की सुविधा का लाभ मरीज ले चुके हैं। सीएम ने कहा कि इस माह तक 150 नए आम आदमी क्लीनिक खुलेंगे। आम आदमी क्लीनिक की प्रदेशभर में क्या स्थिति है, इसकी जांच के लिए सीएम ने प्रदेश के सभी डीसी से समय-समय पर जांच रिपोर्ट देने को कहा है।
सभी सरकारी अस्पतालों में ही उपलब्ध हों दवाएं
सीएम ने सभी सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध कराने को कहा है। किसी भी सरकारी अस्पताल में अगर दवा का स्टॉक खत्म है या उपलब्ध नहीं है तो अस्पताल के एसएमओ, एमओ और अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों की यह जिम्मेदारी है कि मरीज को अस्पताल के अंदर ही दवाएं उपलब्ध कराएं।
जिला और सब डिवीजनल अस्पतालों में 276 दवाएं पहले ही अनिवार्य दवाओं की सूची में शामिल हैं। राज्य सरकार ने सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए फरिश्ते स्कीम शुरू की है। इसके अंतर्गत नजदीकी अस्पताल में पीड़ित का इलाज निशुल्क किया जाएगा। राज्य भर में इस स्कीम के अंतर्गत 52 पैकेज निर्धारित किए गए हैं और 495 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है।
प्रत्येक गांव में नहरी पानी मुहैया कराएं
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक गांव में नहरी पानी मुहैया कराने का आदेश दिया है। जिले के डीसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। इसी के साथ अमृतसर, बठिंडा, फाजिल्का, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, एसएएस नगर और तरनतारन जिलों में 13 नए स्कूल ऑफ एमिनेंस खोलने की घोषणा की।
दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में अधिकारियों को दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। इस प्रोजेक्ट से दिल्ली से पंजाब और जम्मू-कश्मीर जाने वाले यात्रियों खासकर माता वैष्णो देवी तीर्थ स्थान पर माथा टेकने के इच्छुक यात्रियों का समय, पैसे और ऊर्जा की बचत होगी। 254 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर 11,510 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह राज्य के नौ जिलों जालंधर, संगरूर, मालेरकोटला, पटियाला, कपूरथला, लुधियाना, अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर से गुजरेगा।
सीएम ने प्रदेश में इन विकास कार्यों की समीक्षा कर दिए ये आदेश
- डिप्टी कमिश्नरों को जिला शिक्षा विकास समिति के साथ बैठक कर स्कूलों का औचक दौरा करके विद्यार्थियों को स्कूली वर्दियां समय पर सुनिश्चित करने को कहा।
- स्कूल कैंपस के अंदर खतरा बने वृक्षों और असुरक्षित इमारतों संबंधी एसओपी लागू करने की जरूरत पर जोर दिया।
- मनरेगा के सुचारु करने को कहा। सीएम ने कहा कि राज्य में इस योजना के अंतर्गत 308 लाख दिहाड़ी सुनिश्चित कर 8.17 लाख परिवारों को रोजगार दिया जा चुका है।