फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Records of complaints mentioned in the final note were sought.

Chandigarh News: फाइनल नोट में जिन शिकायतों का जिक्र, उनका रिकॉर्ड मांगा

Tue, 14 Oct 2025 01:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 01:03 AM IST
विज्ञापन
Records of complaints mentioned in the final note were sought.
चंडीगढ़। एसआईटी ने मृतक एडीजीपी वाई पूरण कुमार द्वारा लिखे फाइनल नोट में जिन शिकायतों का जिक्र है उनका रिकॉर्ड मांगा है। एडीजीपी ने फाइनल नोट में उन शिकायतों का जिक्र किया था जो उन्होंने अधिकारियों के खिलाफ दी थी। मौत को सात दिन बीतने के बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो सका। चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को मृतक के परिवार को पोस्टमार्टम करवाने के लिए दूसरी बार फिर रिमाइंडर भेजा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल कारणों से मौत की पुष्टि और फाॅरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित रखने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है। अधिकारियों का कहना है कि देरी से जैविक और बैलिस्टिक सबूत नष्ट हो सकते हैं जिससे जांच प्रभावित होगी। सूत्रों ने बताया कि ऐसे मामलों में परिवार की पोस्टमार्टम न करवाने को लेकर परिवार की सहमति न हो तो पुलिस जिला मजिस्ट्रेट या अदालत का रुख कर सकती है।
विज्ञापन

परिजन अब भी सहमति देने से इन्कार कर रहे हैं। परिवार की मांग है कि हरियाणा डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर और पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारणिया को गिरफ्तार किया जाए। दोनों के नाम अधिकारी के कथित सुसाइड नोट में शामिल हैं।
विज्ञापन


इस बीच चंडीगढ़ से गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) 11 अक्टूबर से रोहतक में डेरा डाले हुए है। टीम हरियाणा सरकार से उस एफआईआर से जुड़े दस्तावेज मांग रही है जो 6 अक्टूबर को अधिकारी के गनमैन के खिलाफ दर्ज हुई थी। यही एफआईआर, मृतक अधिकारी की पत्नी और आईएएस अमनीत पी. कुमार के अनुसार, उनके मानसिक तनाव की वजह बनी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन



लैपटॉप और पोस्टमार्टम के बीच उलझी जांच
पुलिस पोस्टमार्टम के दौरान विसरा रिपोर्ट लेकर जांच के लिए सेक्टर 36 सीएफएसएल भेजेगी। जिसमें पुलिस को पता चलेगा कि मृतक ने आत्महत्या से पहले क्या खाया था। क्या मृतक ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड का कोई दूसरा तरीका भी अपनाया था। वहीं पोस्टमार्टम न होने से शव डिकंपोज की स्थिति में आ रहा है। फिलहाल पुलिस की जांच लैपटॉप और पोस्टमार्टम के बीच उलझ गई है। बता दें कि कई साल पहले चंडीगढ़ में सेक्टर 16 अस्पताल की मोर्चरी में फ्रिजर खराब होने से कई शव डिकंपोज हो गए थे।



इस आधार पर चलेगी पुलिस की जांच
जिस लैपटॉप से फाइनल नोट टाइप हुआ उसे कब्जे में लेकर टाइपिंग की जांच की जाएगी।
फाइनल नोट पर किए गए दस्तखत की सीएफएसएल जांच करेगी पुलिस।
लैपटॉप से अगर फाइनल नोट किसी को मेल किया तो किसे किसे किया।
फाइनल नोट कब टाइप हुआ। चूंकि वसीयत पर 6 अक्तूबर की तारीख है और फाइनल नोट पर 7 तारीख।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed