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Chandigarh News: पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश
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-धर्मसोत पर 1.67 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप, जून 2022 में दर्ज हुई थी एफआईआर
-मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के बाद अब राज्यपाल को भेजी जाएगी सिफारिश
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी गई। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि धर्मसोत के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 197(1) (बीएनएसएस 2023 की धारा 218) और भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट 1988 की धारा 19 जैसे कि पीसी (संशोधन) एक्ट 2018 और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 197 के तहत संशोधन किए गए मामलों में मुकदमा चलाने की सिफारिश दी गई है जो आगे पंजाब के राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।
अब तक जांच के अनुसार धर्मसोत पर 1.67 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप है। इसे लेकर विजिलेंस ब्यूरो ने जून 2022 में एफआईआर दर्ज की थी। साथ ही इसमें पीएमएलए 2022 के तहत भी कार्रवाई होगी। चीमा ने बताया कि दो अलग-अलग मामलों में यह मंजूरी दी गई है। जून 2022 में धर्मसोत को विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ब्यूरो ने खैर के पेड़ की कटाई के लिए परमिट जारी करने में अनियमितताओं सहित अधिकारियों के तबादले, खरीदारी और एनओसी में धांधली करने के आरोप में यह कार्रवाई की थी। इसी तरह ईडी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत पंजाब सतर्कता ब्यूरो की ओर से दर्ज एक एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इसमें ईडी ने आय से अधिक 6.34 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाकर कार्रवाई की थी।
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-मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के बाद अब राज्यपाल को भेजी जाएगी सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी गई। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि धर्मसोत के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 197(1) (बीएनएसएस 2023 की धारा 218) और भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट 1988 की धारा 19 जैसे कि पीसी (संशोधन) एक्ट 2018 और क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 197 के तहत संशोधन किए गए मामलों में मुकदमा चलाने की सिफारिश दी गई है जो आगे पंजाब के राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।
अब तक जांच के अनुसार धर्मसोत पर 1.67 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप है। इसे लेकर विजिलेंस ब्यूरो ने जून 2022 में एफआईआर दर्ज की थी। साथ ही इसमें पीएमएलए 2022 के तहत भी कार्रवाई होगी। चीमा ने बताया कि दो अलग-अलग मामलों में यह मंजूरी दी गई है। जून 2022 में धर्मसोत को विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था। विजिलेंस ब्यूरो ने खैर के पेड़ की कटाई के लिए परमिट जारी करने में अनियमितताओं सहित अधिकारियों के तबादले, खरीदारी और एनओसी में धांधली करने के आरोप में यह कार्रवाई की थी। इसी तरह ईडी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत पंजाब सतर्कता ब्यूरो की ओर से दर्ज एक एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इसमें ईडी ने आय से अधिक 6.34 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाकर कार्रवाई की थी।
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