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Chandigarh: दुकानदार को चाैकी में बेरहमी से पीटा था, अब तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की सिफारिश
Wed, 13 Aug 2025 01:31 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
संदीप खत्री, संवाद, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Aug 2025 01:31 AM IST
सार
पीड़ित दुकानदार सोनू ने मामले में एसएसपी, आईजी और मानवाधिकार आयोग को शिकायत दी। पीसीए की जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही और दुकानदार के साथ किए गए दुर्व्यवहार की पुष्टि हुई, जिसके बाद कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
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- फोटो : संवाद
विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-22 की पुलिस चौकी में एक दुकानदार के साथ मारपीट और उसे अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले में तीन पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (पीसीए) ने मामले की जांच के बाद तीन पुलिसकर्मियों को दोषी पाया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है। पीसीए ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) उमेद सिंह, हवलदार हरजिंदर सिंह और सिपाही राकेश कुमार को लाइन हाजिर करने और उन पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। ये सिफारिशें एसएसपी चंडीगढ़ को भेज दी गई हैं।
शिकायतकर्ता सोनू का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे ही पुलिस चौकी में अवैध रूप से हिरासत में रखा। एएसआई उमेद सिंह, हवलदार हरजिंदर सिंह और सिपाही राकेश ने उसे रात भर बुरी तरह से पीटा। उसे 500 बार उठक-बैठक करने के लिए मजबूर किया गया, बेल्ट से मारा गया और यहां तक कि उसके निजी अंगों पर मिर्च पाउडर डालने की धमकी भी दी गई। पिटाई के दौरान सोनू को उल्टी भी हुई।
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क्या है पूरा मामला
शिकायत के मुताबिक, 23 अप्रैल 2024 की रात करीब 8:30 बजे जॉबनजीत सिंह नामक व्यक्ति तीन मोबाइल फोन लेकर दुकान पर आया। दुकानदार सोनू गुप्ता ने फोन चेक करने के बाद जब आईडी और बिल मांगा तो आरोपी ने पंजाब और उत्तर प्रदेश पते के दो पहचान पत्र दिखाए। दो फोन के सिम ट्रे गायब मिले। इस पर दुकानदार ने नकद रुपये देने से मना कर दिया। इस पर आरोपी गुस्से में आ गया। वह थप्पड़ मारकर चला गया। दुकान बंद करने के बाद सोनू साथियों के साथ जा रहा था तभी आरोपी ने उस पर गोली चला दी। गोली सोनू को लगने के बजाय खंभे में जा लगी। सोनू और उसके साथी पास की दुकान में जाकर छिप गए और 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सोनू ने पुलिस को 112 नंबर पर फोन करके सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसके बयान दर्ज किए। इस घटना के बाद सेक्टर-17 पुलिस थाने में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
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शिकायतकर्ता सोनू का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उसे ही पुलिस चौकी में अवैध रूप से हिरासत में रखा। एएसआई उमेद सिंह, हवलदार हरजिंदर सिंह और सिपाही राकेश ने उसे रात भर बुरी तरह से पीटा। उसे 500 बार उठक-बैठक करने के लिए मजबूर किया गया, बेल्ट से मारा गया और यहां तक कि उसके निजी अंगों पर मिर्च पाउडर डालने की धमकी भी दी गई। पिटाई के दौरान सोनू को उल्टी भी हुई।
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