करारी हार के बावजूद कांग्रेस में बढ़ी गुटबाजी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा लोकसभा और विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बावजूद कांग्रेस में अंदरूनी गुटबाजी खत्म नहीं हो रही। प्रदेश के कांग्रेस नेतृत्व में वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। इस जंग में विधायक दल की नेता किरण चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर ने हाथ मिला लिया है।
कांग्रेस के जिला स्तरीय सम्मेलनों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। दस साल तक हरियाणा में संगठन और सरकार चलाने वाले हुड्डा इस समय कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलनों के मंच पर नहीं दिख रहे हैं।
तंवर और हुड्डा में मतभेद तो विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण के दौरान ही दिख गए थे, लेकिन अब सार्वजनिक मंचों में यह मतभेद फिर दिखाई दे रहे हैं। गुटबाजी का ताजा उदाहरण हिसार में कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प है। हालांकि अब कांग्रेस के नेता किसी तरह के झगड़े की खबरों से कन्नी काट रहे हैं।
किरण चौधरी और तंवर फूंक रहे जान
जींद में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. अशोक तंवर और कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने ही कार्यकर्ताओं में जोश भरा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कैथल के विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा कैप्टन अजय सिंह यादव इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।
कोट:
सम्मेलन में कोई झगड़ा नहीं हुआ है। इन सम्मेलनों में किसी को विशेष तौर पर निमंत्रण नहीं दिया है। पार्टी का कार्यक्रम है। वरिष्ठ नेताओं की खुद भी जिम्मेदारी बनती है सभी नेताओं को आना चाहिए।
किरण चौधरी, कांग्रेस विधायक दल नेता
कोट:
मैं अभी जम्मू से लौटा हूं मुझे सम्मेलनों में झगडे़ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जहां तक सम्मेलनों में जाने का सवाल है, यदि बुलाया जाएगा तो मैं जरूर जाऊंगा।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा