हंगामा क्यों बरपा: सरहद से 10 किमी दूर फिरोजपुर में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, जानिए क्यों हो सकती थी घातक
हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर जब पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो वहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। पीएम 15-20 मिनट फ्लाईओवर पर फंसे रहे। पीएम की सुरक्षा में यह बड़ी चूक थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के फिरोजपुर में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई। फिरोजपुर में एक फ्लाईओवर पर पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला लगभग बीस मिनट रुका रहा। किसान प्रदर्शनकारियों के कारण रास्ता बाधित था। इसके बाद केंद्र और पंजाब सरकार आमने सामने आ गए।
गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांग ली है, वहीं कांग्रेस ने सभी आरोपों को नकार दिया है। वहीं राजनीतिक समीक्षकों के अनुसार, पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक बेहद घातक हो सकती थी। इनमें सबसे बड़ी बात ये है कि फिरोजपुर सरहदी एरिया है। यहां से पाकिस्तान का बॉर्डर मात्र दस किलोमीटर है। इसके अलावा लुधियाना कोर्ट परिसर में 23 दिसंबर को बम ब्लास्ट हुआ था। इसके बाद से पूरा पंजाब हाई अलर्ट पर था। इसके बावजूद पीएम की सुरक्षा में चूक हुई।
सरहद पार से बढ़ी हुई है हथियारों की तस्करी
पंजाब में पिछले कुछ दिनों में कई बार सरहद पार से नशे और हथियारों की तस्करी हुई। ड्रोन से हथियार भेजे जा रहे हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के तस्करों की शमूलियत सामने आई है। वहीं प्रधानमंत्री की सुरक्षा कई लेयर की होती है। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले हमेशा उस रास्ते पर स्थानीय पुलिस की तरफ से रिहर्सल की जाती है, जहां से उन्हें गुजरना होता है।
तैयार रखे जाते हैं वैकल्पिक मार्ग
जब भी प्रधानमंत्री कही जाते हैं तो सुरक्षा के मद्देनजर दौरे के लिए हमेशा वैकल्पिक मार्ग तैयार रखे जाते हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार, केंद्र ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री के रूट के बारे में केवल पंजाब पुलिस को मालूम था। ऐसे में सुरक्षा में चूक पर उन्हें ही जवाब देना होगा।
कैप्टन ने उठाए सवाल
पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हुई है। जब आप देश के प्रधान मंत्री को सुगम मार्ग प्रदान नहीं कर सकते हैं और वह भी पाकिस्तान की सीमा से सिर्फ 10 किमी दूर, ऐसे में आपको पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। पंजाब के सीएम और गृहमंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।