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बड़े दलों की हार-जीत में उलटफेर का खतरा, ये लगाएंगे वोट बैंक में सेंध 

Sat, 14 Jan 2017 12:52 AM IST
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 14 Jan 2017 12:52 AM IST
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Rearranging the risk of large parties won and lost, these will eat into the vote bank
पंजाब विधानसभा चुनाव

पंजाब में अब तक हुए विधानसभा चुनाव मुकाबले दो दलीय ही रहे हैं। पहली बार आम आदमी पार्टी ने प्रदेश के चुनाव में पूरी ताकत झोंकते हुए पारंपरिक दो दलों शिअद-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस को कड़ी चुनौती तो दी है, लेकिन प्रदेश के क्षेत्रीय दलों की भूमिका हमेशा वोट काटने वाली साबित होती रही है। 

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खास बात यह है कि पंजाब में जब तक चुनावी मुकाबला दो दलीय रहा, तब भी क्षेत्रीय दल प्रमुख दलों की हार-जीत के अंतर का मार्जिन घटाते रहे और इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने के साथ-साथ कई नए क्षेत्रीय दलों ने भी चुनाव में दस्तक दी है।
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 इन क्षेत्रीय दलों के हिस्से में आने वाले वोटों ने वर्ष 2012 के चुनाव परिणाम में उलटफेर की साफ झलक दी थी। इन दलों का ऐसा ही प्रभाव 2017 के चुनाव में देखने को मिल सकता है।
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पंजाब विधानसभा के वर्ष 2012 के चुनाव पर नजर डालें तो उस समय शिअद-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला तो था, लेकिन बहुजन समाज पार्टी, सीपीआई, सीपीआईएम, एनसीपी आदि राष्ट्रीय दलों और लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल व शिवसेना आदि राज्य स्तरीय दलों के अलावा गैरमान्यता प्राप्त, लेकिन पंजीकृत 27 दलों ने भी सीमित सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे। 

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कैप्टन

निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या इनसे अलग थी। वर्ष 2012 के चुनाव में कुल 1078 उम्मीदवार मैदान में थे और विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो केवल एक सीट पर न्यूनतम चार प्रत्याशी थे।

जबकि 70 सीटों पर 6-10, 35 सीटों पर 11-15 और 3 सीटों पर तो 15 से भी ज्यादा उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन जब चुनाव परिणाम आए तो शिअद-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के प्रत्याशी पहले व दूसरे स्थान पर रहे, जबकि सिर्फ तीन निर्दलीय उम्मीदवारों को ही जीत मिली और 817 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।

कुल 78.20 फीसदी वोटिंग प्रतिशत के साथ वर्ष 2012 के चुनाव में कुल 13892784 वोट डाले गए थे। इनमें से शिअद को 34.73 फीसदी यानी 4828612 वोट मिले और भाजपा को अपनी 23 सीटों में 12 पर जीत के साथ 7.18 फीसदी यानी 998098 फीसदी वोट हासिल हुए।

 दोनों दलों के गठबंधन ने कुल 5826710 वोटों के साथ बहुमत भी हासिल किया, जबकि कांग्रेस को कुल 5572643 वोट हासिल हुए। बाकी सभी दलों की ओर से कुल 1563301 वोट हासिल किए गए। 

निर्दलीय उम्मीदवारों की झोली में 938770 वोट गए। इस तरह, अन्य दलों और निर्दलीय ने कुल वोटों में से 2502071 वोट यानी 18 फीसदी वोट हासिल किए। 

2012 के चुनाव में यह रही थी अन्य दलों की स्थिति

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चुनाव - फोटो : file

हालांकि, सियासी गलियारों में प्रदेश की अगली सरकार को लेकर सीटों के जमा-घटा का सिलसिला लगातार जारी है। फिर भी, इन विधानसभा चुनावों में क्षेत्रीय दलों की संख्या भी पूर्व चुनावों के मुकाबले अधिक रहने वाली है, खास तौर पर आम आदमी पार्टी से अलग हुए कई नेताओं ने अपनी पार्टियां खड़ी कर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

2012 के चुनाव में यह रही थी अन्य दलों की स्थिति
राष्ट्रीय दल  ----- सीटें लड़ीं---- कुल वोट मिले
बसपा ----------117-------  597020
सीपीआई ------- 14 -------- 114211
सीपीआईएम ---- 9 ----------21719


राज्य स्तरीय दल
एलजेपी- लोक जनशक्ति पार्टी  ----- 26 ----- 14229
राजद : राष्ट्रीय जनता दल --------- 1 ------- 624
एसएचएस : शिवसेना ------------ 12 ------ 6872

पंजीकृत (गैरमान्यता प्राप्त) दल
अखित भारतीय शिवसेना राष्ट्रवादी ----------------- 8 --------- 2363
आदर्श जन शक्ति पार्टी --------------------------- 1 ---------- 263
आल इंडिया किसान मजदूर मोर्चा ------------------ 1 ---------- 549
आल इंडिया शिरोमणि बाबा जीवन सिंह मजहबी दल -- 1 --------- 617
अखिल राष्ट्रवादी पार्टी ---------------------------- 2 --------- 423
भारतीय चैतन्य पार्टी ------------------------------ 3 --------- 1003
भारतीय गांव ताज दल ---------------------------- 10 -------- 1850
भारती जन सुरक्षा पार्टी ---------------------------- 1 --------- 643
बहुजन समाज विकास पार्टी ------------------------- 2 ------------ 451
भारतीय राष्ट्रवादी सामंत पार्टी ------------------------ 6 ------------ 2822
बहुजन शक्ति ------------------------------------- 6 ------------ 2081
बहुजन समाज पार्टी (अंबेडकर) -------------------- 17 ----------- 11903
बहुजन संघर्ष पार्टी (कांशीराम) --------------------- 2 ------------ 712
कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (एम-एल) (लिबरेशन) --- 7 ------------ 13758
डेमोक्रेटिक भारतीय समाज पार्टी ------------------- 8 ------------ 2363
डेमोक्रेटिक कांग्रेस पार्टी -------------------------- 1 ------------ 216
जनरल समाज पार्टी ----------------------------- 2 ------------ 938
मूल भारती (एस) पार्टी ---------------- 1 -------------- 745
पंजाब लेबर पार्टी ---------------------- 2 -------------- 1067
पंजाब पीपुल्स पार्टी -------------------- 5 -------------- 17539
पीपुल्स पार्टी आफ पंजाब --------------- 87 ------------ 700145
राष्ट्रीय सहारा पार्टी -------------------- 1 --------------- 81
राष्ट्रीय बहुजन कांग्रेस पार्टी ------------- 1 --------------- 641
राष्ट्रीय विकलांग पार्टी ------------------- 2 -------------- 478
शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ------- 57 ------------- 39106
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) --------------- 1 --------------- 1016
सर्वजन समाज पार्टी (डी) -------------- 5 --------------- 2147

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