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Bhagat Singh: भगत सिंह के कहने पर लाइब्रेरियन ने छान मारी थी बम बनाने की किताब
Wed, 28 Sep 2022 04:04 PM IST
ajay kumar
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
नीरज कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 28 Sep 2022 04:04 PM IST
सार
लाइब्रेरी में भगत सिंह कार्ल मार्क्स और लेनिन के विचारों से प्रेरित हुए और युवाओं को जोड़ने का काम किया और देशभक्ति की भावना जगाई। लाइब्रेरियन राजा राम शास्त्री ही भगत सिंह को किताब पढ़ने का सुझाव देते थे।
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शहीद भगत सिंह
- फोटो : Twitter/IndiaHistorypic
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विस्तार
बात 1926 की है। लाहौर के द्वारका दास लाइब्रेरी में राजाराम शास्त्री लाइब्रेरियन थे। शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने 1926 से लाइब्रेरी में जाना शुरू किया। लाइब्रेरी में आने जाने पर लाइब्रेरियन से दोस्ती हो गई। भगत सिंह को किताबें पढ़ाने में लाइब्रेरियन राजाराम शास्त्री ने बड़ी भूमिका निभाई। वे भगत सिंह को बताते थे कि युवाओं और विद्यार्थियों को कौन-कौन सी किताबें पढ़नी चाहिए।
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इन किताबों के पढ़ने से भगत सिंह के मन में क्रांतिकारी विचार और सुदृढ़ हो गए। यह बात द्वारका दास लाइब्रेरी की लाइब्रेरियन अलका ने भगत सिंह के 115वें जयंती पर बताई। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में उनके बारे में लिखी गई बातों का अध्ययन कर उन्हें इस बारे में जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि भगत सिंह की पढ़ीं 24 किताबें अभी भी लाइब्रेरी में संरक्षित हैं।
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उन्होंने बताया कि किताबों से प्रेरणा लेने के बाद भगत सिंह देश की आजादी के लिए काम करने लगे। लाला जी की शहादत के बाद उन्होंने बदला लेने की सोची। उन्होंने राजा राम शास्त्री को बम बनाने की तकनीक ढूंढने को कहा। उनके कहने पर राजा राम शास्त्री ने चार दिन लगातार बम बनाने की तकनीक ढूंढी थी। इसके बाद बम बनाया गया और उसे असेंबली में फेंका गया था।
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उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में भगत सिंह कार्ल मार्क्स और लेनिन के विचारों से प्रेरित हुए और युवाओं को जोड़ने का काम किया और देशभक्ति की भावना जगाई। उन्होंने उस दौर का जिक्र करते हुए कहा कि लाइब्रेरियन राजा राम शास्त्री ही भगत सिंह को किताब पढ़ने का सुझाव देते थे।
भगत सिंह की पढ़ीं किताबों को सिर्फ लाइब्रेरी में ही पढ़ सकते हैं
लाइब्रेरियन अलका ने बताया कि भगत सिंह की पढ़ी किताबें दुर्लभ पुस्तकों की श्रेणी में है। जिन 24 किताबों को उन्होंने पढ़ा है, उन्हें विरासत के रूप में लाइब्रेरी में संभालकर रखा गया है। इन पुस्तकों को पाठकों के लिए निर्गत नहीं किया जाता। लाइब्रेरी में बैठकर ही उन किताबों को पढ़ा जा सकता है। इन किताबों के फ्यूमिगेशन प्रक्रिया से केमिकल डालकर संभालते हैं ताकि किताबों में कीड़े मकौड़े और सिल्वर पीस न लगे। हर दो तीन दिन में इन किताबों की जांच होती है।