हरियाणा: 15 साल बाद आईएफसीसी को दोबारा किया जाएगा चालू, आदि बद्री बांध के लिए 388 करोड़, पढ़ें- कैबिनेट के फैसले
शाहाबाद चीनी मिल को 60 केएलपीडी एथनॉल संयंत्र की स्थापना के लिए 8.92 करोड़ रुपये का सावधिक ऋण स्वीकृत करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
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हरियाणा में वित्तीय सेवाओं को सुगम बनाने के लिए 15 साल बाद फिर से संस्थागत वित्त एवं ऋण नियंत्रण (आईएफसीसी) विभाग (निदेशालय), हरियाणा को चालू किया जाएगा। कार्य को सुचारू करने के लिए विभाग में 15 नए पदों के सृजन को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। विशेष रूप से समाज के गरीब वर्गों की सहायता के लिए डिजाइन किए गए आर्थिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1985 में आईएफसीसी विभाग बनाया गया था। संपत्तियों और देनदारियों के साथ 24 सितंबर, 2007 को वित्त विभाग में विलय कर दिया था। वित्तीय सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए आईएफसीसी आर्थिक पुनरुद्धार में बैंकरों की भूमिका को वर्गीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ऋण की व्यवस्था से निगरानी तक करेगा विभाग
आईएफसीसी विभाग के कार्यों में सरकारी/अर्ध सरकारी एजेंसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सहकारी एजेंसियों के लिए बैंकों और क्रेडिट संस्थानों से संस्थागत ऋण की व्यवस्था करना और उसे बढ़ावा देना और उसकी निगरानी करना शामिल है। यह सरकारी विभागों और सरकारी/अर्ध-सरकारी एजेंसियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सहकारी एजेंसियों को बैंक योजनाओं को अंतिम रूप देने में सहायता और सलाह देगा।
आईएफसीसी सामान्य प्रशासन विभाग को आवंटित मामलों को छोड़कर, विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित स्थापना मामलों पर कार्य करेगा। राज्य स्तरीय बैंकर समिति (एसएलबीसी) से संबंधित कार्य देखेगा और आम जनता को बेईमान लोगों द्वारा ठगे जाने से बचाने के लिए विभिन्न अधिनियमों के तहत अधिनियम, नियम व विनियम प्रतिपादित करेगा।
नीतियां बनाएगा विभाग
नया विभाग आरबीआई अर्थात राज्य स्तरीय समन्वय समिति, स्थायी समिति, अधिकार प्राप्त समिति और वित्तीय धोखाधड़ी निगरानी एवं कार्यान्वयन समिति की बैठकें आयोजित करेगा। बैंकिंग सेक्टर और डीआरआई, ‘हरियाणा ब्याज सबवेंशन स्कीम’ के तहत मुद्रा शिशु ऋण, शिक्षा ऋण योजना के तहत नीतियां बनाने का कार्य देखेगा। पीएमजेडीवाई, पीएमएमवाई, पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, एपीवाई और स्टैंड अप इंडिया जैसी वित्तीय समावेशी योजनाओं का कार्य देखेगा। संस्थागत वित्त एवं ऋण नियंत्रण से संबंधित किसी अन्य मामलों की भी देखरेख करेगा।
ब्रिगेडियर के आश्रितों को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी
ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर के परिवार के सदस्यों को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के एक प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की।
2 करोड़ से अधिक का लाइसेंस प्राप्त करने की छूट
बैठक में खुदरा शराब लाइसेंसधारियों को वर्ष 2020-21 के लिए कोविड के चलते लाइसेंस शुल्क में 2 करोड़ 19 लाख 56 हजार 524 रुपए की छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
अग्निशमन सेवा नियमों में संशोधन
हरियाणा अग्निशमन (ग्रुप-ए, बी और सी) सेवा नियम 2016 में संशोधन करने के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत पुरुषों के लिए न्यूनतम शारीरिक मानक लंर्बाई-170 सेंटीमीटर, वजन 54 किलोग्राम और सीना बिना फुलाए 32 इंच और 34 इंच फुलाकर (बिना कपड़ों के), दृष्टि 6/6 (बिना चश्मे के) और 6/6 (45 साल की उम्र के बाद चश्मे के साथ या बिना) होनी चाहिए। पहली बार अग्निशमन सेवा में महिलाओं के लिए भी नियम बनाए गए हैं, जबकि पहले ऐसा नियम नहीं था। महिला उम्मीदवार का न्यूनतम शारीरिक मानक अर्थात लंबाई-152 सेंटीमीटर, वजन 47.5 किलोग्राम, दृष्टि 6/6 (बिना चश्मे के) और 6/6 (45 वर्ष की आयु के बाद चश्मे के साथ या बिना चश्मे के) होनी चाहिए।
वैट करने पर स्वीकृति
बैठक में 4 एवं 5 नवंबर, 2021 की रात्रि से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर वैट कम करने के संबंध में एक प्रस्ताव को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की। केंद्र सरकार ने 3 नवंबर, 2021 की मध्यरात्रि से पेट्रोल एवं डीजल पर आबकारी शुल्क में क्रमश: 5 रुपये और 10 रुपये की कटौती करने की घोषणा की थी।
आदि बद्री बांध के लिए 388 करोड़
हिमाचल प्रदेश और हरियाणा सरकार के बीच सरस्वती नदी जीर्णोद्धार एवं विरासत विकास परियोजना के तहत 388.16 करोड़ रुपये से आदि बद्री बांध के निर्माण के लिए 21 जनवरी, 2022 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की।
एचएसआईआईडीसी को 1000 करोड़ ऋण को मंजूरी
भूमि के अधिग्रहण व बुनियादी सुविधाओं के विकास, पुराने भू-मालिकों को बढ़े हुए मुआवजे का भुगतान करने एचएसआईआईडीसी को 1000 करोड़ रुपये की कार्यगत पूंजी ऋण को मंजूरी प्रदान की गई।
हिंदी आंदोलन: पेंशन योजना में संशोधन
हिंदी आंदोलन-1957 के मातृभाषा सत्याग्रहियों के लिए पेंशन योजना में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस योजना के पात्रता मानदंड में संशोधन किया गया है, ताकि उन सत्याग्रहियों को शामिल किया जा सके जो जेल में बंद हुए थे लेकिन जेलों में उनके कारावास का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। संशोधन के अनुसार यदि कोई सत्याग्रही कैद होने का दावा करता है लेकिन जेल रिकॉर्ड में उसके कारावास का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है तो उसे दो सह-कैदियों का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा जो उसके साथ उन्हीं तारीखों या महीनों में जेल में थे लेकिन शर्त यह है कि किसी एक सह कैदी का जेल रिकॉर्ड उपलब्ध हो और उसके साथ एफआईआर में आवेदक के नाम का उल्लेख हो। अन्य पात्रता मानदंड के साथ-साथ योजना के नियम और शर्तें समान रहेंगी।
आचार्य, शिक्षा शास्त्री को नियमित बीएड, एमए संस्कृत के समकक्ष दर्जा
हरियाणा के शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत आचार्य व शिक्षा शास्त्री की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। आचार्य व शिक्षा शास्त्री को नियमित बीएड और एमए संस्कृत के समकक्ष माना जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में हरियाणा राज्य शिक्षा स्कूल कॉडर (ग्रुप-बी) सेवा नियम-2012, मेवात जिला स्कूल शिक्षा (ग्रुप-बी) सेवा नियम-2012 और हरियाणा स्कूल शिक्षा (ग्रुप-सी) राज्य कॉडर सेवा नियम, 2021 में संशोधन को स्वीकृति दे दी गई।