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पंजाब में दोबारा हुई वोटिंग ने बिगाड़ दिए चुनाव समीकरण, देखिए स्पेशल रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 06 Mar 2017 02:50 PM IST
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पंजाब विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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पंजाब के पांच विधानसभा क्षेत्रों के 32 पोलिंग बूथों पर दोबारा हुई वोटिंग में मतदाताओं के रुझान ने इन हलकों के प्रत्याशियों को चिंता में डाल दिया है। 4 फरवरी को सूबे में हुए मतदान के समय उक्त 32 बूथों पर जो मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया था, वीरवार को यह आंकड़ा अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया।
मतदान प्रतिशत में इस बढ़ोतरी को मतदाताओं की विपरीत प्रतिक्रिया के रूप में तो देखा ही जा रहा है, वहीं बढ़ी वोटों का रुझान हर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले में हार-जीत में अहम भूमिका निभा सकता है।
दरअसल, जिन पांच विधानसभा हलकों के बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया है, वहां मुख्य मुकाबला भले ही कांग्रेस, शिअद और आप के बीच है, लेकिन इन सीटों पर बसपा, सुच्चा सिंह छोटेपुर की अपना पंजाब पार्टी, सिमरनजीत सिंह मान की अगुवाई वाला पंथक फ्रंट, कम्युनिस्ट पार्टियां और कई निर्दलीय भी चुनाव मैदान में हैं।
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जाहिर है, वोटों की संख्या में मामूली सा फेरबदल किसी भी प्रत्याशी की जीत को प्रभावित कर सकता है। इन पांच हलकों में मजीठा सबसे हॉट सीट है, जिस पर मुख्य मुकाबला शिअद के बिक्रम सिंह मजीठिया, आप के हिम्मत सिंह शेरगिल और कांग्रेस के सुखजिंदर राज सिंह (लाली) के बीच है।
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मतदान प्रतिशत में इस बढ़ोतरी को मतदाताओं की विपरीत प्रतिक्रिया के रूप में तो देखा ही जा रहा है, वहीं बढ़ी वोटों का रुझान हर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले में हार-जीत में अहम भूमिका निभा सकता है।
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दरअसल, जिन पांच विधानसभा हलकों के बूथों पर दोबारा मतदान कराया गया है, वहां मुख्य मुकाबला भले ही कांग्रेस, शिअद और आप के बीच है, लेकिन इन सीटों पर बसपा, सुच्चा सिंह छोटेपुर की अपना पंजाब पार्टी, सिमरनजीत सिंह मान की अगुवाई वाला पंथक फ्रंट, कम्युनिस्ट पार्टियां और कई निर्दलीय भी चुनाव मैदान में हैं।
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जाहिर है, वोटों की संख्या में मामूली सा फेरबदल किसी भी प्रत्याशी की जीत को प्रभावित कर सकता है। इन पांच हलकों में मजीठा सबसे हॉट सीट है, जिस पर मुख्य मुकाबला शिअद के बिक्रम सिंह मजीठिया, आप के हिम्मत सिंह शेरगिल और कांग्रेस के सुखजिंदर राज सिंह (लाली) के बीच है।
मतदान प्रतिशत में मामूली सा बदलाव आया है
पंजाब विधानसभा चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, इस सीट के 193 में से केवल 12 पोलिंग बूथों पर दोबारा मतदान हुआ है, फिर भी 4 फरवरी को दर्ज हुए मतदान प्रतिशत 79.02 में मामूली बदलाव आया है और वीरवार को 80.08 फीसदी मतदान दर्ज किया गया है। यह मात्र दो फीसदी वोटों का इजाफा उन घटनाओं के बीच हुआ है, जिनमें शिअद और कांग्रेस वर्करों द्वारा वोटरों में नोट बांटने और परस्पर मारपीट के मामले सामने आए हैं।
इसके अलावा, दूसरी महत्वपूर्ण सीट संगरूर है, जिसके 200 में से 9 पोलिंग बूथों पर दोबारा वोट डाले गए। इन पोलिंग बूथों पर 4 फरवरी को 81.61 फीसदी मतदान हुआ, जो 9 फरवरी को बढ़कर 85.41 फीसदी हो गया। संगरूर में कांग्रेस के विजय इंदर सिंगला, आप के दिनेश बंसल, शिअद के प्रकाश चंद गर्ग के बीच कड़ा मुकाबला है। खास बात यह भी है कि यह तीनों प्रत्याशी हलके के एक ही समुदाय से संबंधित हैं।
इस सीट पर फिलहाल कांग्रेस प्रत्याशी को आगे दिखाया जा रहा था। मुक्तसर हलके के 184 में से 9 पोलिंग बूथों पर 4 फरवरी को 86.31 फीसदी मतदान हुआ था, जो 9 फरवरी को बढ़कर 89.55 फीसदी हो गया। इस सीट पर भी शिअद के कंवरजीत सिंह, आप के जगदीप सिंह काका बराड़ व कांग्रेस की करण कौर के बीच त्रिकोणीय जंग है, लेकिन बसपा समेत सात अन्य प्रत्याशी भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। मोगा और सरदूलगढ़ के एक-एक पोलिंग स्टेशन का मतदान प्रतिशत भी करीब 4 फीसदी तक बढ़ा है।
इसके अलावा, दूसरी महत्वपूर्ण सीट संगरूर है, जिसके 200 में से 9 पोलिंग बूथों पर दोबारा वोट डाले गए। इन पोलिंग बूथों पर 4 फरवरी को 81.61 फीसदी मतदान हुआ, जो 9 फरवरी को बढ़कर 85.41 फीसदी हो गया। संगरूर में कांग्रेस के विजय इंदर सिंगला, आप के दिनेश बंसल, शिअद के प्रकाश चंद गर्ग के बीच कड़ा मुकाबला है। खास बात यह भी है कि यह तीनों प्रत्याशी हलके के एक ही समुदाय से संबंधित हैं।
इस सीट पर फिलहाल कांग्रेस प्रत्याशी को आगे दिखाया जा रहा था। मुक्तसर हलके के 184 में से 9 पोलिंग बूथों पर 4 फरवरी को 86.31 फीसदी मतदान हुआ था, जो 9 फरवरी को बढ़कर 89.55 फीसदी हो गया। इस सीट पर भी शिअद के कंवरजीत सिंह, आप के जगदीप सिंह काका बराड़ व कांग्रेस की करण कौर के बीच त्रिकोणीय जंग है, लेकिन बसपा समेत सात अन्य प्रत्याशी भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। मोगा और सरदूलगढ़ के एक-एक पोलिंग स्टेशन का मतदान प्रतिशत भी करीब 4 फीसदी तक बढ़ा है।