फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Raw material not coming due to closure of Shambhu border, industry of Punjab is affected

किसान आंदोलन की मार: शंभू बॉर्डर बंद होने से नहीं आ रहा कच्चा माल, प्रभावित हो रही पंजाब की इंडस्ट्री

Wed, 21 Feb 2024 01:40 PM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 21 Feb 2024 01:40 PM IST
सार

पिछली बार हुए किसान आंदोलन में भी पंजाब का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इस बार किसानों को रोकने के लिए शंभू बॉर्डर को ही बंद कर दिया गया है, जिससे पंजाब में कच्चे माल की आवक एकदम बंद हो गई है। कारोबारियों ने सरकार ने इस मामले का जल्द समाधान निकालने की मांग की है। 

विज्ञापन
Raw material not coming due to closure of Shambhu border, industry of Punjab is affected
किसान आंदोलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साल 2020-21 में तीन कृषि सुधार कानूनों को लेकर हुए पिछले आंदोलन से पंजाब के व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इस आंदोलन की अभी तक भरपाई हो भी नहीं पाई थी कि अब किसान संगठनों के दिल्ली कूच से फिर आर्थिक नुकसान होने लगा है। इस बार किसान पंजाब के एंट्री प्वाइंट शंभू बॉर्डर पर पिछले एक सप्ताह से डेरा जमाकर बैठे हैं, जिससे पंजाब में ट्रकों की आवाजाही बिलकुल बंद हो गई है।
विज्ञापन


जालंधर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, हैंडटूल, पाइप फिटिंग के अलावा लेदर गुड्स व रबड़ चप्पल का गढ़ माना जाता है। यहां से तैयार माल देश के कई हिस्सों में सप्लाई किया जाता है। खेल उद्योग संघ के रविंदर धीर ने सरकार से अपील की है कि किसानों से बातचीत कर इस मुद्दे को सुलझा लिया जाए नहीं तो इसकी आग में सबसे ज्यादा पंजाब को जलना पड़ेगा। 
विज्ञापन


इससे पहले भी एक वर्ष चार महीने चली हड़ताल ने पंजाब के कारोबार को तहस-नहस करके रख दिया था। अब दिल्ली से कच्चा माल तीन-चार दिन बाद पहुंच रहा है और माल की सप्लाई भी बाधित हो चुकी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


हैंडटूल निर्यातक एसोसिएशन के प्रधान गुरशरण सिंह का कहना है कि हमारा माल निर्यात होता है। हमारा तैयार सामान पोर्ट तक नहीं पहुंच रहा है। निर्यात बिलकुल ठप हो गया है। पंजाब में 2,200 करोड़ का कारोबार करने वाली हैंडटूल्स की करीब 400 इकाइयां हैं। इनके कुल उत्पादन का 80 प्रतिशत निर्यात होता है। गुरशरण सिंह का कहना है कि निर्यात न के बराबर है।


शिफ्ट होने लगे ऑर्डर
जालंधर में ऑटो पार्ट्स की करीब 200 फैक्टरियां हैं, जबकि इतनी ही लुधियाना में। ऑटो पार्ट्स पंजाब से बनकर बड़ी मोटर कंपनियों को सप्लाई होते हैं, लेकिन अब बड़ी कंपनियां पंजाब से हाथ खींचने लगी हैं, ताकि दिक्कत न आए। ऑर्डर पुणे की तरफ से शिफ्ट होने लगे हैं। फोकल प्वाइंट एक्सटेंशन के प्रधान नरिंदर सग्गू का कहना है कि ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री की हालत काफी नाजुक बन गई है। बड़ी-बड़ी कंपनियां हालात पर नजर रखकर आगे ऑर्डर दे रही हैं। वहीं, स्टॉक भी पूछा जाने लगा कि आपके पास माल कितना तैयार है? कितना कच्चा माल स्टॉक किया हुआ है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed