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Haryana News: डेढ़ साल से कुष्ठ रोगियों की राशन राशि बंद, गुजारा चलाना मुश्किल, पहले मिलते थे 1100 रुपये प्रति माह

Mon, 27 Jun 2022 05:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 27 Jun 2022 05:49 PM IST
सार

शुरू से ही कुष्ठ लाचारों को प्रति माह 1100 रुपये की राशि राशन खरीदने के लिए दी जाती थी। नवंबर 2020 से यह राशि नहीं दी गई। जनवरी 2022 में सामाजिक न्याय आधिकारिता विभाग की ओर से इस राशन राशि को बंद करने के आदेश भी जारी कर दिए गए।

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Ration amount of leprosy patients stopped from one and a half year in Haryana
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा में पिछले डेढ़ साल से कुष्ठ रोगियों को प्रति माह मिलने वाली 1100 रुपये की राशन राशि बंद है। इससे कुष्ठ रोगियों के सामने जीवन गुजर बसर करना मुश्किल हो गया है। कुष्ठ रोगियों ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि बंद राशन को बहाल किया जाए, ताकि उनका जीवन सुचारु रूप से चल सके। 

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हरियाणा में कुल 300 कुष्ठ रोगी हैं। करनाल, रोहतक, जगाधरी और अंबाला शहर में कुष्ठ आश्रमों में ये रह रहे हैं। कुष्ठ लाचार आश्रम इंदिरा चक्रवर्ती ग्राम हांसी रोड करनाल में 60 कुष्ठ रोगी रहते हैं। इनके देखरेख की व्यवस्था की जिम्मेदारी एनजीओ माता प्रकाश कौर श्रवण और वाणी विकलांग केंद्र के सहायक निदेशक के पास है। पहले एनजीओ की मार्फत कुष्ठ रोगियों को इस राशि का भुगतान किया जाता था लेकिन अब नवंबर 2020 से यह सहायता बंद है। 
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करनाल आश्रम में रहने वाले 62 वर्षीय एक कुष्ठ रोगी का कहना है कि बुढ़ापा पेंशन जरूर मिलती है लेकिन उसमें पूरे माह का खर्च चलाना बड़ा मुश्किल होता है। राशन मनी के तौर पर 1100 रुपये से राशन का काम चल जाता था। आश्रम में लोगों के दान पर ही जीवन यापन निर्भर है। कुछ इसी प्रकार के हालात तीन अन्य आश्रमों में रह रहे रोगियों के हैं। उनकी मांग है कि राशन राशि को दोबारा से बहाल किया जाए। 
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विभाग का तर्क, दे रहे हैं बुढ़ापा पेंशन
शुरू से ही कुष्ठ लाचारों को प्रति माह 1100 रुपये की राशि राशन खरीदने के लिए दी जाती थी। नवंबर 2020 से यह राशि नहीं दी गई। जनवरी 2022 में सामाजिक न्याय आधिकारिता विभाग की ओर से इस राशन राशि को बंद करने के आदेश भी जारी कर दिए गए। विभाग का तर्क यह है कि इन कुष्ठ रोगियों को बुढ़ापा सम्मान राशि दी जा रही है, इसलिए राशन राशि रोकी गई है।


कई बार उठा चुके मुद्दा, अब सीएम से मिलेंगे: सचदेवा
आश्रम में कुष्ठ रोगियों की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त अधिकारी दविंदर सचदेवा ने कहा कि वह इस मामले को उठा चुके हैं लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है। विभाग की ओर से जनवरी 2022 में राशन मनी को बंद किया गया है लेकिन इससे पहले की राशि भी बकाया है। वह इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात करेंगे।

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