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5 को स्वस्थ हो जाएंगे भगवान जगन्नाथ, रथयात्रा का शेड्यूल जारी
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 03 Jul 2016 07:54 PM IST
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भगवान जगन्नाथ रथयात्रा
- फोटो : फाइल फोटो
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भगवान जगन्नाथ बीमार हैं, लेकिन वे 5 जुलाई को स्वस्थ हो जाएंगे। इस मौके पर चंडीगढ़ में विशाल रथयात्रा निकाली जाएगी। भगवान जगन्नाथ देवस्नान पूर्णिमा (20 जून) के दिन वे 108 घड़ा पानी से स्नान के बाद वे बीमार हो गए थे। मंदिर के पुजारी लक्ष्मी धर दास ने बताया कि ऐसी प्राचीन धार्मिक मान्यता के अनुसार है। उन्होंने कहा कि भगवान आम भक्त की तरह दिखना चाहते है कि तबीयत खराब होने पर परहेज किया प्रकार किया जाता है। भगवान पांच जुलाई को पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएंगे।
भगवान के बीमार होने के बाद मंदिर में चावल का भोग बंद है। आरती नहीं हो रही है। भजन कीर्तन भी बंद है। मंदिर में घंटा और घडि़याल भी नहीं बज रहा है। भगवान जगन्नाथ का इलाज जड़ी बूटियों और फलों से हो रहा है। मंदिर का पट बंद है। मंदिर में भगवान का दर्शन भी बंद कर दिया गया है। भगवान के उपचार के लिए तीन पुजारियों जिसमें पंडित लक्ष्मी धर दास, गौतम पंडा और मिहिर मिश्रा को लगाया गया है।
पांच जुलाई को नेत्र उत्सव
मंदिर में भगवान जगन्नाथ का पांच जुलाई को नेत्र उत्सव होगा। मंदिर पर नया झंडा चढ़ाया जाएगा। भगवान का नयन खुलेगा। नए वस्त्र और आभूषण भगवान को धारण करवाया जाएगा।
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छह जुलाई को रथयात्रा
उत्कल सांस्कृतिक संघ के संयुक्त सचिव बी पात्रा ने बातया कि छह जुलाई को सेक्टर-31 के जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा का शुभारंभ होगा। पंजाब और हरियाणा के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। भगवान श्री जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भगण पर निकलेंगे। उसके बाद वे मौसी के घर चले जाएंगे। 14 जुलाई को बहुडा यात्रा होगी। उस यात्रा में भगवान मौसी के घर से मंदिर में लौटेंगे। रथयात्रा के बाद नौ दिनों तक मंदिर में धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
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भगवान के बीमार होने के बाद मंदिर में चावल का भोग बंद है। आरती नहीं हो रही है। भजन कीर्तन भी बंद है। मंदिर में घंटा और घडि़याल भी नहीं बज रहा है। भगवान जगन्नाथ का इलाज जड़ी बूटियों और फलों से हो रहा है। मंदिर का पट बंद है। मंदिर में भगवान का दर्शन भी बंद कर दिया गया है। भगवान के उपचार के लिए तीन पुजारियों जिसमें पंडित लक्ष्मी धर दास, गौतम पंडा और मिहिर मिश्रा को लगाया गया है।
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पांच जुलाई को नेत्र उत्सव
मंदिर में भगवान जगन्नाथ का पांच जुलाई को नेत्र उत्सव होगा। मंदिर पर नया झंडा चढ़ाया जाएगा। भगवान का नयन खुलेगा। नए वस्त्र और आभूषण भगवान को धारण करवाया जाएगा।
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छह जुलाई को रथयात्रा
उत्कल सांस्कृतिक संघ के संयुक्त सचिव बी पात्रा ने बातया कि छह जुलाई को सेक्टर-31 के जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा का शुभारंभ होगा। पंजाब और हरियाणा के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। भगवान श्री जगन्नाथ भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर भगण पर निकलेंगे। उसके बाद वे मौसी के घर चले जाएंगे। 14 जुलाई को बहुडा यात्रा होगी। उस यात्रा में भगवान मौसी के घर से मंदिर में लौटेंगे। रथयात्रा के बाद नौ दिनों तक मंदिर में धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।