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हाईकोर्ट का निर्देश- रैपिड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन ही करेगी 30 दिन गुरुग्राम में मेट्रो का संचालन
Sat, 21 Sep 2019 11:22 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 21 Sep 2019 11:22 AM IST
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रैपिड मेट्रो
- फोटो : फाइल फोटो
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गुरुग्राम रैपिड मेट्रो रेल सेवा का संचालन बाधित नहीं होगा। वर्तमान में सेवा प्रदान करने वाली कंपनी ही एक माह तक इसका संचालन करेगी। 16 अक्तूबर तक इसके संचालन का जिम्मा डीएमआरसी को सौंप दिया जाएगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डीएमआरसी को रैपिड मेट्रो का संचालन सौंपने की प्रक्रिया की निगरानी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट के दो जजों को जिम्मेदारी सौंपी है।
जस्टिस वीके गुप्ता रैपिड मेट्रो व जस्टिस कैलाश हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड की तरफ से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि एक महीने के भीतर इस पूरी प्रकिया को पूरा किया जाएगा। रैपिड मेट्रो पर हुए खर्च को लेकर कैग द्वारा इसका ऑडिट किया जाए और ऑडिट के बाद जो रकम निकलेगी उसका भुगतान डीएमआरसी ही रैपिड मेट्रो को करेगी।
इस रैपिड मेट्रो रेल सेवा में हुए खर्च को लेकर भी काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस मामले की जांच ईडी भी कर रही है ओर गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में भी एफआईआर दर्ज है। अगर दोनों प्रतिवादियों को एक महीने के बाद भी कोई आशंका रहती है तो वह दोबारा हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर सकते हैं।
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मेट्रो सेवा आर्थिक संकट के कारण अपनी सेवा आगे जारी रखने में सक्षम नहीं हो पा रही है। वित्तीय संकट से जूझ रही रैपिड मैट्रो को चलाने वाली कंपनी आइएल एंड एफएस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने हरियाणा सरकार को लिखा था कि कंपनी नौ सितंबर सेवा को आगे नहीं जारी रख सकती है। कंपनी ने रैपिड मेट्रो के अधिग्रहण के लिए हरियाणा सरकार को भी लिखा था।
इसके बाद हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में निर्देश देने की मांग की थी।
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जस्टिस वीके गुप्ता रैपिड मेट्रो व जस्टिस कैलाश हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड की तरफ से पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि एक महीने के भीतर इस पूरी प्रकिया को पूरा किया जाएगा। रैपिड मेट्रो पर हुए खर्च को लेकर कैग द्वारा इसका ऑडिट किया जाए और ऑडिट के बाद जो रकम निकलेगी उसका भुगतान डीएमआरसी ही रैपिड मेट्रो को करेगी।
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इस रैपिड मेट्रो रेल सेवा में हुए खर्च को लेकर भी काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस मामले की जांच ईडी भी कर रही है ओर गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में भी एफआईआर दर्ज है। अगर दोनों प्रतिवादियों को एक महीने के बाद भी कोई आशंका रहती है तो वह दोबारा हाईकोर्ट में अपील दाखिल कर सकते हैं।
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मेट्रो सेवा आर्थिक संकट के कारण अपनी सेवा आगे जारी रखने में सक्षम नहीं हो पा रही है। वित्तीय संकट से जूझ रही रैपिड मैट्रो को चलाने वाली कंपनी आइएल एंड एफएस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने हरियाणा सरकार को लिखा था कि कंपनी नौ सितंबर सेवा को आगे नहीं जारी रख सकती है। कंपनी ने रैपिड मेट्रो के अधिग्रहण के लिए हरियाणा सरकार को भी लिखा था।
इसके बाद हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में निर्देश देने की मांग की थी।