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चंडीगढ़ः स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में नहीं चलेंगे दावे हवा-हवाई... मेयर साहब! अब करनी पड़ेगी सफाई
राजेश ढल्ल, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:37 PM IST
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 के लिए नगर निगम चंडीगढ़ इस बार कोई भी दावा हवा-हवाई नहीं कर सकता, क्योंकि नगर निगम के हर दावे का थर्ड पार्टी निरीक्षण किया जाएगा। इसकी रिपोर्ट पर ही चंडीगढ़ की स्टार रेटिंग तय होगी। बता दें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के लिए चंडीगढ़ नगर निगम का दावा है कि शहर के 21 वार्डों में सूखा और गीला कचरा अलग-अलग (सेग्रिगेशन) इकट्ठा किया जा रहा है जबकि हकीकत में ऐसा नहीं हो रहा है। सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने की आदत डालने के लिए नगर निगम ने हर घर में नीला और हरा डस्टबीन बांट कर दो करोड़ से ज्यादा की राशि भी बर्बाद कर दी। इसका कोई फायदा नहीं हुआ।
उस समय शहरी विकास मंत्रालय ने चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से किए गए दावों को सही मान लिया लेकिन अगले सर्वेक्षण में नगर निगम द्वारा जो डाक्यूमेंट दिए जाएंगे, उसके हर पहलू की जांच थर्ड पार्टी से करवाई जाएगी। मालूम हो कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में नगर निगम को तीसरा स्थान हासिल हुआ था। नगर निगम ने सूखा और गीला कचरा इकट्ठा करने के सिसटम को शुरू करवाने के लिए कलेक्टरों की हड़ताल होने के बावजूद गंभीरता दिखाई थी लेकिन एक बार फिर कलेक्टरों के हाथ में डोर टु डोर गारबेज इकट्ठा करने का सिस्टम शुरू हो गया है लेकिन नगर निगम की ओर से यह घोषित कर दिया गया है कि दो दिसंबर से जो कचरा अलग-अलग इकट्ठा नहीं करेगा उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
5 से 7 स्टार रेटिंग पर ही मिलेगा अवार्ड
गारबेज कलेक्टरों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी, जो अब जाकर सुधरी है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में बेहतर स्थिति हासिल करने के लिए नगर निगम को अलग-अलग 12 मापदंडों पर 5 से 7 स्टार रेटिंग की जरूरत होगी। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहली बार रेटिंग सिस्टम लागू किया गया है।
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इस समय सेग्रिगेशन की है यह स्थिति
कचरे की सेग्रिगेशन घर और दुकान स्तर पर ही होनी चाहिए, लेकिन शहर में ऐसा नहीं हो रहा है। इस मापदंड में अगर सूखा और गीला कचरा 25 प्रतिशत अलग-अलग इकट्ठा हो रहा है तो वन स्टार जबकि 50 प्रतिशत इकट्ठा होने पर टू स्टार जबकि 80 प्रतिशत होने पर 3 स्टार और शत प्रतिशत पर 5 स्टार रेटिंग मिलेगी। लेकिन इस मामले में चंडीगढ़ की अभी शून्य स्थिति है।
सूखा और गीला कचरे के सेग्रिगेशन का सिस्टम जरूर शुरू होगा। डोर टु डोर गारबेज कलेक्टर भी सहयोग करने के लिए तैयार हो गए हैं। दो दिसंबर तक लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अगर 5 या 7 स्टार लेना है तो सूखा और गीला अलग-अलग सेग्रिगेट करना ही पड़ेगा।
- देवेश मोदगिल, मेयर
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उस समय शहरी विकास मंत्रालय ने चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से किए गए दावों को सही मान लिया लेकिन अगले सर्वेक्षण में नगर निगम द्वारा जो डाक्यूमेंट दिए जाएंगे, उसके हर पहलू की जांच थर्ड पार्टी से करवाई जाएगी। मालूम हो कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में नगर निगम को तीसरा स्थान हासिल हुआ था। नगर निगम ने सूखा और गीला कचरा इकट्ठा करने के सिसटम को शुरू करवाने के लिए कलेक्टरों की हड़ताल होने के बावजूद गंभीरता दिखाई थी लेकिन एक बार फिर कलेक्टरों के हाथ में डोर टु डोर गारबेज इकट्ठा करने का सिस्टम शुरू हो गया है लेकिन नगर निगम की ओर से यह घोषित कर दिया गया है कि दो दिसंबर से जो कचरा अलग-अलग इकट्ठा नहीं करेगा उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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5 से 7 स्टार रेटिंग पर ही मिलेगा अवार्ड
गारबेज कलेक्टरों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी, जो अब जाकर सुधरी है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में बेहतर स्थिति हासिल करने के लिए नगर निगम को अलग-अलग 12 मापदंडों पर 5 से 7 स्टार रेटिंग की जरूरत होगी। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहली बार रेटिंग सिस्टम लागू किया गया है।
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इस समय सेग्रिगेशन की है यह स्थिति
कचरे की सेग्रिगेशन घर और दुकान स्तर पर ही होनी चाहिए, लेकिन शहर में ऐसा नहीं हो रहा है। इस मापदंड में अगर सूखा और गीला कचरा 25 प्रतिशत अलग-अलग इकट्ठा हो रहा है तो वन स्टार जबकि 50 प्रतिशत इकट्ठा होने पर टू स्टार जबकि 80 प्रतिशत होने पर 3 स्टार और शत प्रतिशत पर 5 स्टार रेटिंग मिलेगी। लेकिन इस मामले में चंडीगढ़ की अभी शून्य स्थिति है।
सूखा और गीला कचरे के सेग्रिगेशन का सिस्टम जरूर शुरू होगा। डोर टु डोर गारबेज कलेक्टर भी सहयोग करने के लिए तैयार हो गए हैं। दो दिसंबर तक लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अगर 5 या 7 स्टार लेना है तो सूखा और गीला अलग-अलग सेग्रिगेट करना ही पड़ेगा।
- देवेश मोदगिल, मेयर