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कोर्ट का आदेश न मानने पर देशद्रोही तो नहीं हो गया, एफआईआर से हटाई जाए धारा: रामपाल

Wed, 06 Nov 2019 11:02 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 06 Nov 2019 11:02 AM IST
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rampal filed petition in punjab haryana high court
फाइल फोटो
कथित संत रामपाल ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर से देशद्रोह की धारा हटाने की अपील की है। रामपाल ने कहा कि किन्हीं कारणों से वह हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर सका इसलिए वह देशद्रोही तो नहीं हो गया। रामपाल की याचिका पर हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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रामपाल ने हरियाणा पुलिस द्वारा द्वारा उसके खिलाफ द्वारा दर्ज एफआईआर में देशद्रोह और गैर-कानूनी गतिविधियों की धारा लगाए जाने को चुनौती दी है। दो वर्ष पहले दायर इस याचिका पर हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रामपाल ने बताया कि बरवाला पुलिस स्टेशन में उस पर 18 नवंबर  2014 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
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हत्या, देश के खिलाफ युद्ध करने, अन लॉ फुल एक्टिविटी प्रिवेन्शन एक्ट 1967 आदि धाराएं  भी लगाई गई हैं ताकि उसके खिलाफ केस को मजबूत बनाया जा सके। रामपाल ने कहा कि पुलिस ने तो उसे लगभग आतंकवादी ही बना दिया है। याची ने कहा कि अदालत की आपराधिक अवमानना मामले में पेश न होने का ही वह दोषी है बाकी सब आरोप गलत हैं।
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गलती या किसी अन्य कारण के वो इन आदेशों को नहीं मान पाया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसे देशद्रोही बना दिया जाए। याची ने कहा कि उस पर वो धाराएं भी लगाई गई जिस आरोप में वह न तो शामिल था और न ही उससे उसका कोई लेना देना था। रामपाल ने इन सभी एफआईआर को रद्द कर इस मामले की सीबीआई जांच की अपील की है।
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