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रक्षाबंधन: चंडीगढ़ में लोगों ने पेड़ों को बांधी राखी, बोले- यही हमारी पहचान, इसे बचाना है
Mon, 03 Aug 2020 10:00 AM IST
ajay kumar
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 03 Aug 2020 10:00 AM IST
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चंडीगढ़ में पेड़ों को बांधी गई राखी।
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पेड़ों की रक्षा के लिए लोग कितने जागरूक हैं इस बात का अंदाजा सोमवार सुबह सारंगपुर स्थित बॉटनिकल गार्डन व सुखना लेक पर लोगों की भीड़ देखकर लगाया जा सकता है। पर्यावरण विभाग की अपील पर लोग सुबह से ही पेड़ों की रक्षा के लिए उन्हें राखी बांधने पहुंचे। इसके अलावा पेड़ों की रक्षा का वचन लेते हुए शपथ लेते हुए सेल्फी भी ली। दिनभर 1250 लोगों ने पेड़-पौधों को राखी बांधी। तीन दिन बाद बेस्ट तीन सेल्फी लेने वालों को विभाग की ओर से पुरस्कार दिया जाएगा।
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पर्यावरण विभाग पौधों की रक्षा का वचन लेते हुए सेल्फी भेजने वाले 3 लोगों को पुरस्कार भी देगा। उप वन संरक्षक डॉ. अब्दुल कय्यूम ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण हमें लोगों की तरफ से इतने बड़े स्तर पर समर्थन मिलने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन लोग प्रकृति से कितना प्यार करते हैं, यह देखने मिला। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लोगों की कतार से स्पष्ट था कि सिटी ब्यूटीफुल की हरियाली से लोगों को लगाव है और वह उनकी रक्षा करना चाहते हैं।
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तीन दिन बाद बेस्ट तीन सेल्फी लेने वालों को विभाग की ओर से पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं मौके पर पहुंचे लोगों ने कहा कि हर व्यक्ति एक पेड़ की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले ले तो प्रदूषण की समस्या ही खत्म हो जाये। यह पेड़ ही सिटी ब्यूटीफुल की पहचान है। इसलिए इसे बचाना हम सबका कर्तव्य है।
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हरियाली ही चंडीगढ़ की पहचान
बता दें कि चंडीगढ़ एक हरा-भरा शहर है। यहां अधिकाशं बरगद और यूकेलिप्टस पेड़ हैं। अशोक, कैसिया, शहतूत व अन्य वृक्ष भी शहर की सुंदरता को बढ़ाते हैं। शहर को घेरे हुए बड़ा वन्य-क्षेत्र है जिसमें अनेक जंतु व पादप प्रजातियां फलती-फूलती हैं। हिरण, सांभर, कुत्ता, तोते, कढ़फोड़वे एवं मोर संरक्षित वनों में निवास करते हैं।
सुखना झील में बत्तखों और गीज प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करते हैं, जो जापान और साईबेरिया क्षेत्रों से उड़कर जाड़ों में यहां आते हैं व झील की शोभा बढ़ाते हैं। शहर में एक शुक अभयारण्य भी है, जिसमें पक्षियों कि अनेक प्रजातियां देखने को मिलती हैं। वहीं चंडीगढ़ के लोग पर्यावरण को लेकर ज्यादा संवेदनशील हैं। हरियाली से समृद्ध इस शहर की दुनिया में अलग पहचान है।