{"_id":"5768e86c4f1c1bc019b47ffa","slug":"rajyasabha-election-controversy-subhash-chandra-rk-anand-haryana-congress-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राज्यसभा चुनाव : कांग्रेसी विधायकों से पार्टी ने मांगे शपथ पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यसभा चुनाव : कांग्रेसी विधायकों से पार्टी ने मांगे शपथ पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:40 PM IST
विज्ञापन
आर के आनंद और सुभाष चंद्र
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा की राज्यसभा सीट के लिए मतदान में गड़बड़ी के आरोपों के बाद इस मामले में कानूनी पेच फंस गया है। आलाकमान ने कांग्रेसी विधायकों से शपथ पत्र मांग लिए हैं। विधायक दल की नेता तक कांग्रेस आलाकमान का यह फरमान पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ विधायकों ने शपथ पत्र दे भी दिए हैं। इस प्रकार भविष्य में होने वाली कानूनी जंग के लिए पार्टी ने अपने आप को तैयार कर लिया है।
वजह साफ है कि मामला हाईकोर्ट में जाते ही यह शपथ पत्र पार्टी को आधार बनाकर पेश करने होंगे। फिलहाल चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले उम्मीदवार आरके आनंद कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं। मंगलवार को सुबह दस बजे वे चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। यहां वे संबंधित थानाध्यक्ष और आईजी से मिलकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करेंगे। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मामला हाईकोर्ट में जाना तय है।
सूत्र बताते हैं कि विधायकों ने जो शपथपत्र दिए हैं, उसमें यह लिखा है कि उन्होंने उसी पेन का प्रयोग किया जो कि चुनाव आयोग ने प्रयोग करने के लिए कहा था।मालूम हो कि आनंद इस प्रकरण में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत देकर यह अवगत करा चुके हैं कि राज्यसभा चुनाव में धांधली हुई है। वे इस मामले को लेकर कांग्रेस आलाकमान के सामने भी अपनी बात रख चुके हैं। इनेलो पहले से ही आनंद के पक्ष में चुनाव आयोग को शिकायत भेज चुका है।
विज्ञापन
उधर, हरियाणा निर्वाचन आयोग अपनी रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजने की तैयारी कर रहा है। उससे पहले आयोग आरके आनंद को राज्यसभा चुनाव की रिकार्डिंग भी दिखा चुका है।
मंगलवार सुबह मैं इस मामले में चंडीगढ़ आईजी से मुलाकात करुंगा। कानून का इस तरह से मजाक नहीं उड़ाया जा सकता। मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं हाईकोर्ट में यह मामला ले जाऊंगा।
- आरके आनंद, अधिवक्ता एवं राज्यसभा उम्मीदवार
विज्ञापन
वजह साफ है कि मामला हाईकोर्ट में जाते ही यह शपथ पत्र पार्टी को आधार बनाकर पेश करने होंगे। फिलहाल चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले उम्मीदवार आरके आनंद कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कमर कस चुके हैं। मंगलवार को सुबह दस बजे वे चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। यहां वे संबंधित थानाध्यक्ष और आईजी से मिलकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करेंगे। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो मामला हाईकोर्ट में जाना तय है।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि विधायकों ने जो शपथपत्र दिए हैं, उसमें यह लिखा है कि उन्होंने उसी पेन का प्रयोग किया जो कि चुनाव आयोग ने प्रयोग करने के लिए कहा था।मालूम हो कि आनंद इस प्रकरण में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत देकर यह अवगत करा चुके हैं कि राज्यसभा चुनाव में धांधली हुई है। वे इस मामले को लेकर कांग्रेस आलाकमान के सामने भी अपनी बात रख चुके हैं। इनेलो पहले से ही आनंद के पक्ष में चुनाव आयोग को शिकायत भेज चुका है।
विज्ञापन
उधर, हरियाणा निर्वाचन आयोग अपनी रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजने की तैयारी कर रहा है। उससे पहले आयोग आरके आनंद को राज्यसभा चुनाव की रिकार्डिंग भी दिखा चुका है।
मंगलवार सुबह मैं इस मामले में चंडीगढ़ आईजी से मुलाकात करुंगा। कानून का इस तरह से मजाक नहीं उड़ाया जा सकता। मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं हाईकोर्ट में यह मामला ले जाऊंगा।
- आरके आनंद, अधिवक्ता एवं राज्यसभा उम्मीदवार
सोनिया गांधी से मिले अशोक तंवर
राज्यसभा चुनाव जीतने का जश्न मनाते हुए सुभाष चंद्रा
- फोटो : अमर उजाला
हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने सोमवार को पार्टी अध्यक्षा सोनिया गांधी से इस मामले में मुलाकात भी की है। मंगलवार को तंवर चंडीगढ़ भी पहुंचेंगे। लिहाजा यहां उनकी आरके आनंद से मुलाकात तय है। मामले में आरके आनंद का अगला कदम क्या होगा यह मंगलवार को तय हो जाएगा।
यह है मामला
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। राज्यसभा चुनवा में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह को 40 मत मिले थे। 21 मत आरके आनंद को और 15 मत सुभाष चंद्रा को मिले थे। 14 मत रद होने के कारण 26 मतों पर बीरेंद्र सिंह को जीत प्राप्त हुई। बीरेंद्र सिंह को मिले कुल 40 मतों में दूसरी प्राथमिकता सुभाष चंद्रा की थी।
लिहाजा सुभाष चंद्रा के खाते में बचे हुए 14 मत भी जोड़ दिए गए और उनके मतों का योग 29 पहुंच गया। आरके आनंद को इनेलो का समर्थन हासिल था। जबकि आलाकमान ने आनंद के पक्ष में मतदान का फरमान जारी किया था। सुभाष चंद्रा से अधिक मत पाकर भी हारा घोषित होने बाद आरके चंद्रा ने चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए मामले की शिकायत चंडीगढ़ पुलिस से की है।
यह है मामला
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं। राज्यसभा चुनवा में केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह को 40 मत मिले थे। 21 मत आरके आनंद को और 15 मत सुभाष चंद्रा को मिले थे। 14 मत रद होने के कारण 26 मतों पर बीरेंद्र सिंह को जीत प्राप्त हुई। बीरेंद्र सिंह को मिले कुल 40 मतों में दूसरी प्राथमिकता सुभाष चंद्रा की थी।
लिहाजा सुभाष चंद्रा के खाते में बचे हुए 14 मत भी जोड़ दिए गए और उनके मतों का योग 29 पहुंच गया। आरके आनंद को इनेलो का समर्थन हासिल था। जबकि आलाकमान ने आनंद के पक्ष में मतदान का फरमान जारी किया था। सुभाष चंद्रा से अधिक मत पाकर भी हारा घोषित होने बाद आरके चंद्रा ने चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए मामले की शिकायत चंडीगढ़ पुलिस से की है।