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चंडीगढ़: पीजीआई और डड्डूमाजरा पहुंची 15 सदस्यीय संसदीय समिति, पीजीआई से पूछे कई सवाल हेडिंग-

Thu, 09 Sep 2021 12:29 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 09 Sep 2021 12:29 PM IST
सार

21 सदस्यीय राज्यसभा संसदीय समिति की अध्यक्षता सांसद राम गोपाल ने की। समिति के सदस्य सुबह 10 बजे डड्डूमाजरा के स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए।

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Rajya Sabha Parliamentary Committee reached Chandigarh to investigate health facilities 
चंडीगढ़ पहुंची संसदीय समिति की टीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने प्रो. रामगोपाल के नेतृत्व में 15 सदस्यीय संसदीय समिति गुरुवार को चंडीगढ़ पहुंची। समिति ने पहले डड्डूमाजरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया और फिर पीजीआई का। पीजीआई में हुई बैठक में जैसे ही पीजीआई प्रबंधन ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं, समिति के सदस्यों ने एक के बाद एक कई सवाल दाग दिए। समिति ने पीजीआई के अधिकारियों से पूछा कि पर्याप्त संसाधन के बावजूद कोविड काल में कोरोना के गंभीर व गैर कोविड मरीजों के इलाज का आंकड़ा कम क्यों रहा? इसका जवाब पूरी तरह पीजीआई की ओर से नहीं दिया गया।

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पीजीआई ने संसदीय समिति को बताया कि कोरोना के 8 हजार से अधिक गंभीर मरीजों की जान बचाई गई। हजारों सामान्य मरीजों का इलाज टेली कंसलटेंट सर्विस के जरिए किया गया। इस पर समिति के सदस्यों ने कोविड केयर सेंटर से तुलना करते हुए पीजीआई से कई सवाल पूछे। कहा कि कोरोना काल में गैर कोविड मरीजों को कम देखा गया है। इसका जवाब एक सप्ताह में बनाकर भेजें। इसके अलावा समिति ने सवाल पूछा कि केंद्र सरकार से मोटी रकम मिल रही है। इससे जरूरी संसाधनों खरीद के साथ शोध भी चल रहा है। इस पैसे का कितना उपयोग हुआ और जनता को कितना लाभ मिल सका, यह भी बताएं। समिति ने शोध से जनता को मिलने वाले फायदे भी पूछे।
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सूत्रों का कहना है कि सभी सवालों के जवाब भी पीजीआई की ओर से पूरी तरीके से नहीं दिया गया। जिन सवालों के जवाब पीजीआई की ओर से नहीं दिए गए, उनका जवाब अधिकारियों को एक सप्ताह में समिति को भेजने होंगे। हालांकि बाकी कार्यों के लिए पीजीआई की खूब प्रशंसा हुई। पीजीआई ने टीम को आश्वस्त किया कि जो कमियां रही हैं, उन्हें समय रहते दूर करेंगे।

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संसदीय समिति के सदस्यों ने मरीजों से की कम बात

संसदीय समिति ने पहले डड्डूमाजरा के स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया और पीजीआई का। इस दौरान जरूरी संसाधन व मशीनों को परखा। समिति के सदस्य कुछ विभागों में भी गए। जानकारों का कहना है कि समिति के सदस्यों को मरीजों से भी बातचीत करनी चाहिए थी, जिससे स्थिति का आकलन करने में आसानी होती लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं, दूसरी ओर टीम ने पीजीआई को सुझाव दिए कि हर परेशानी हल ढूंढें। समस्या बड़ी हो तो ऊपर के अफसरों को बताएं। पीजीआई देश के श्रेष्ठ संस्थानों में से एक है। यहां कमियां नहीं हैं। सभी लोग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।
 
पीजीआई के उपकरणों पर जताई संतुष्टि 
डड्डूमाजरा से समिति सुबह 11 बजे पीजीआई पहुंची। यहां अधिकारियों से लेकर चिकित्सक तक समिति के पीछे-पीछे चल दिए। बोर्ड कक्ष में बैठक हुई। इसके बाद समिति ने रेडियोथैरेपी विभाग में जाकर ट्रीटमेंट प्लानिंग सिस्टम देखा। यहां सब ठीक मिला। उसके बाद सीटी कंसोल मशीन को परखा। 

ट्रिलॉजी मशीन के बारे में भी जाना। उसके बाद आई सेंटर में लेजर आई होल को भी देखा। चिकित्सकों ने उसकी खूबियां बताईं। कॉर्निया कांटेक्ट लैब का भी जायजा लिया। टीम को यहां सबकुछ ठीक मिला। पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम ने अन्य सेंटरों का दौरा करने के लिए सदस्यों से कहा लेकिन सदस्यों ने कहा कि बाकी सेंटर भी अच्छे होंगे। उसके बाद संसदीय समिति दोपहर डेढ़ बजे चली गई। बता दें कि पीजीआई का सैटेलाइट सेंटर सारंगपुर में लगभग तैयार है। इसका संचालन करना है। इसके लिए स्टाफ की आवश्यकता है। समिति से पीजीआई ने स्टाफ की मांग की है। इस प्रस्ताव को समिति स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंचाएगी।  

तीसरी लहर की आशंका कम, पर सचेत रहें: संसदीय समिति

संसदीय समिति ने अपने आकलन में पाया है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका कम है फिर भी सभी को सचेत रहना होगा। अस्पतालों में ओपीडी संचालन होगा तो सामान्य मरीज भी आएंगे। ऐसे में मरीज संक्रमितों के संपर्क में आएंगे तो संक्रमण बढ़ सकता है। समिति का आकलन है कि बड़ी आबादी का कोरोना टीकाकरण हो चुका है। ऐसे में कोरोना का खतरा आगे कम है। समिति ने पीजीआई से कहा है कि बच्चों के वार्ड में व्यवस्था बेहतर रखें। किसी प्रकार की कोई लापरवाही न रहे।  
 
पीजीआई जो कमियां रही हैं उन्हें सुधारेगा
पीजीआई ने सामान्य अवस्था में 30 लाख से अधिक मरीज देखे। कोरोना काल में भी मेहनत की लेकिन थोड़ी बहुत अव्यवस्थाएं रही हैं। उनको आगे सुधारा जाना चाहिए। पीजीआई में ओपीडी खुलेगी तो मरीजों की संख्या और बढ़ेगी। इसके लिए व्यवस्था करने को कहा गया है। समिति ने प्रथमदृष्टया माना है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका कम है। -डॉ. राजदीप राय, सांसद, सिल्चर, असम 

सहारनपुर के मरीज पीजीआई पर निर्भर
यूपी के सहारनपुर के हजारों मरीज पीजीआई पर निर्भर हैं। वह यहीं आते हैं, क्योंकि यहां सुविधाएं बेहतर हैं। उम्मीद करते हैं कि आगे और भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। समिति के सदस्यों ने इस पर मंथन भी किया है कि पीजीआई को कुछ और संसाधनों की आवश्यकता है। - हाजी फजलुर रहमान, सांसद, सहारनपुर।

पीजीआई का कार्य सराहनीय 
पीजीआई ने खूब तरक्की की है, इसमें कोई शक नहीं है। यहां से जो मांग संसदीय समिति के समक्ष रखी गई है, उसकी रिपोर्ट ऊपर सौंपेंगे। कोरोना की तीसरी लहर के लिए पीजीआई को व्यवस्था रखने को कहा गया है। पहली व दूसरी लहर की कमियों को दूर करने को कहा है। -डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, सांसद, गुना, मध्य प्रदेश।

संसदीय समिति के साथ बैठक अच्छी रही। उन्होंने सभी व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्टि जाहिर की। समिति ने कोरोना को लेकर आगामी योजनाओं के बारे में भी जाना। टेली एजुकेशन, टेली कंसल्टेशन आदि के बारे में भी जानकारी ली। समिति के सवालों के जवाब जल्द भिजवाए जाएंगे। - प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई।

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